डेटिंग ऐप्स पर लड़की बना डॉक्टर, फिर ऐसे खेला ठगी का खेल, नोएडा से आया हैरान करने वाला मामला
नोएडा से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में ठगों ने डॉक्टर बनकर युवक को अपने जाल में फंसाया और भरोसा जीतने के बाद लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे दिया.
डेटिंग ऐप्स पर लड़की बन डॉक्टर ऐसे करता था ठगी
नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिस पर डेटिंग ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप है. आरोपी को ग्रेटर नोएडा की एक सोसाइटी से गिरफ्तार किया गया है.
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग अलग डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क करता था. बातचीत के दौरान वह खुद को महिला बताकर सामने वाले का भरोसा जीतता और फिर उन्हें निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था.
ऐसे करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी शुरुआत में कम रकम निवेश करवाकर नकली लाभ दिखाता था. जब पीड़ित का भरोसा बढ़ जाता, तब उससे बड़ी रकम निवेश करवाई जाती. इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था. साइबर पुलिस की जांच के दौरान एक शिकायत के आधार पर टेक्निकल साक्ष्यों और बैंक खातों की पड़ताल के बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसके जरिए कथित तौर पर फर्जी प्रोफाइल संचालित की जाती थीं.
पेशे से डॉक्टर है आरोपी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पेशे से डॉक्टर है और मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है. पूछताछ में पता चला कि उसने मेडिकल शिक्षा प्राप्त की है और पहले निजी अस्पतालों में कार्य कर चुका है. नौकरी छूटने के बाद उसने कथित रूप से साइबर ठगी का रास्ता अपना लिया था.
बनाई गई थी कई फर्जी प्रोफाइल
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग नामों से कई फर्जी प्रोफाइल तैयार की थीं. इनमें कुछ प्रोफाइल महिलाओं के नाम से बनाई गई थीं, जबकि कुछ मामलों में अन्य व्यक्तियों की पहचान का भी इस्तेमाल किया गया. पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है.
फिलहाल साइबर क्राइम थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया तथा इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे. पुलिस बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है.




