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चित्रकूट में दिल दहला देने वाला कांड: कारोबारी के बेटे का अपहरण, हत्या कर बक्से में भरा शव

चित्रकूट से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया. कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के 13 साल के बेटे आयुष का अपहरण कर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब मासूम का शव एक बक्से में बंद कर दिया गया. घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कल्लू को एनकाउंटर में ढेर कर दिया

Chitrakoot kidnapping murder case
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Chitrakoot kidnapping murder case

( Image Source:  Sora AI )
सागर द्विवेदी
Edited By: सागर द्विवेदी

Published on: 23 Jan 2026 2:02 PM

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया. कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के 13 साल के बेटे आयुष का अपहरण कर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब मासूम का शव एक बक्से में बंद कर दिया गया. घटना के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कल्लू को एनकाउंटर में ढेर कर दिया, जबकि उसका साथी इरफान गोली लगने से घायल हो गया. यह मुठभेड़ बरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई.

2 घंटे में फिरौती कॉल, 40 लाख की मांग

गुरुवार शाम करीब 6 बजे आयुष घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक गायब हो गया. परिवार ने खोजबीन शुरू की ही थी कि महज दो घंटे बाद WhatsApp कॉल आया. कॉलर ने साफ धमकी दी कि 40 लाख रुपये दो, नहीं तो बच्चे को मार देंगे.” कारोबारी ने झुकने से इनकार किया और तुरंत पुलिस को सूचना दे दी. बदमाशों को जैसे ही पकड़े जाने का डर हुआ, उन्होंने मासूम आयुष की गला घोंटकर हत्या कर दी.

बक्से में मिली लाश, घर से 100 मीटर दूर छिपाया गया शव

पुलिस ने जिस नंबर से कॉल आई थी, उसकी लोकेशन ट्रेस की. लोकेशन कारोबारी के घर से महज 100 मीटर दूर इरफान के मकान की निकली. सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस जब वहां पहुंची, तो एक ताला लगा बक्सा मिला. ताला तोड़ते ही अंदर से आयुष का शव बरामद हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक- रस्सी से गला घोंटा गया, सीने पर गंभीर चोट के निशान

बाइक सिखाने के बहाने किया किडनैप

एसएसपी सत्यपाल सिंह ने खुलासा किया कि कल्लू और इरफान कारोबारी के यहां किराएदार रह चुके थे. दोनों बक्से बनाने का काम करते थे और बच्चे से पहले से घुल-मिल चुके थे. कई दिनों से दोनों आयुष को बाइक चलाना सिखा रहे थे. इसी भरोसे का फायदा उठाकर अपहरण किया गया.' पुलिस को एक वीडियो भी मिला, जिसमें आरोपी आयुष को साइकिल चलाना सिखाते दिख रहे हैं.

जंगल में घेराबंदी, फायरिंग के बाद एनकाउंटर

शुक्रवार सुबह 7:30 बजे पुलिस ने आरोपियों को परानू बाबा जंगल में घेर लिया. खुद को घिरता देख दोनों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में- 70 साल का आरोपी कल्लू ढेर इरफान घायल, प्रयागराज रेफर, इरफान का दावा: “मैंने नहीं मारा, कल्लू ने हत्या की” पकड़े जाने के बाद इरफान ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा 'मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं, आयुष को कल्लू ने मारा है,' हालांकि पुलिस का कहना है कि अपहरण और फिरौती की साजिश दोनों ने मिलकर रची थी.

घर का छोटा बेटा था आयुष, मां का रो-रोकर बुरा हाल

मां आरती केसरवानी ने बताया कि आयुष मेरा छोटा बेटा था… सब उसे छोटू कहते थे. पढ़ाई में बहुत तेज था. जिन लोगों को भैया कहता था, उन्हीं ने मार डाला.” आयुष नौवीं कक्षा का छात्र था, बड़ा भाई ओम भी उसी कक्षा में पढ़ता है. व्यापारियों में उबाल: ‘खून का बदला खून चाहिए’ घटना के बाद चित्रकूट के व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश है. व्यापारी अतुल केसरवानी बोले- 'समय पर कार्रवाई होती तो बच्चा बच जाता. हमें सिर्फ न्याय चाहिए.' वहीं सतीश केसरवानी ने कहा कि 13 साल के बच्चे को पत्थरों से कुचल दिया गया. जब तक सभी आरोपी नहीं पकड़े जाते, हम शांत नहीं बैठेंगे.”

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