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रात का खाना पड़ा भारी, गैस के कारण रुकी धड़कनें, बिजनौर में 56 साल के शख्स की हुई हार्ट अटैक से मौत

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सामने आई एक घटना ने लोगों को चौंका दिया है. यहां 56 साल के एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, और डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर पेट में बनी ज्यादा गैस को हार्ट अटैक की संभावित वजह बताया है.

रात का खाना पड़ा भारी, गैस के कारण रुकी धड़कनें, बिजनौर में 56 साल के शख्स की हुई हार्ट अटैक से मौत
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 27 Jan 2026 3:43 PM IST

हम अक्सर पेट में गैस, भारीपन या एसिडिटी को सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि यही समस्या गंभीर खतरे का कारण बन सकती है? उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से आई एक घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. जहां डॉक्टर की शुरुआती जांच के अनुसार, एक व्यक्ति की पेट में ज्यादा गैस बनने के कारण दिल की धड़कनें थम गई.

56 साल के शख्स को गैस के कारण हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई. हालांकि, अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है. तभी मौत का असली कारण पता चलेगा.

घर में मृत पाया गया शख्स

यह मामला ग्राम उमरी का है, जहां 56 साल के मोहम्मद साजिद अपने घर में अकेले रहते थे. रात को मृतक ने दाल खाई थी. अगली सुबह जब काफी समय तक घर के अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो आसपास के लोगों को चिंता हुई. ऐसे में जब ग्रामीणों ने दरवाजा खोलकर अंदर देखा गया, तो साजिद बेहोश थे. जहां पुलिस को इस मामले के बारे में तुरंत सूचना दी गई.

मौके पर पहुंची पुलिस और जांच टीम

सूचना मिलते ही पुलिस और जांच टीम मौके पर पहुंचे और घर की तलाशी ली. मृतक के शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे यह साफ होता है कि मौत का कारण हत्या नहीं है.

गैस से आया हार्ट अटैक

जांच प्रक्रिया के दौरान डॉक्टरों ने शुरुआत में संकेत दिया कि मृतक के खाना खाने के बाद पेट में ज्यादा गैस बनी. आशंका जताई जा रही है कि पेट में बढ़े दबाव का असर दिल के फंक्शन पर पड़ा, जिससे दिल का दौरा पड़ने जैसी कंडीशन बनी. हालांकि, यह अभी शुरुआती अनुमान भर है. पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि मृत्यु के असल कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी.

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटी लगने वाली शारीरिक समस्याओं को भी गंभीरता से लेना जरूरी है. स्वास्थ्य से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज करना कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकता है.

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