पारिवारिक मामला या सरकार ने भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान के घर पर चलाया बुलडोजर, अखिलेश ने खोजा आपदा में अवसर, जानें सच
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के घर पर बुलडोजर चलाने की घटना को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने घटना को निंदनीय बताया है. आइए, जानते हैं कि घर पर बुलडोजर चलने के पीछे असली वजह क्या है...
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान इस समय चर्चा में हैं. दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उनके घर पर बुलडोजर चला दिया है. सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इसे लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार बिस्मिल्लाह खान की विरासत और उनके मान-सम्मान को ध्वस्त कर रही है. सपा सरकार आई तो उनकी सांगितिक धरोहर बचाने के लिए श्रवण संग्रहालय बनाया जाएगा.
अखिलेश यादव ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद करना? बीजेपी और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी ‘कला और कलाकारों’ के हमेशा ख़िलाफ़ रहते हैं क्योंकि इन पुरातनपंथी-रूढ़िवादियों की ये संकरी मानसिकता होती है कि रचनात्मक लोग ही समाज में परिवर्तन की भूमि और भूमिका बनाते हैं. सकारात्मक कला सहृदयता को जन्म देती है और सहनशीलता को भी. इसीलिए कला के हर रूप को ये अपने एजेंडे के रास्ते में रोड़ा मानते हैं या फिर कला को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करके उसको नकारात्मक बना देना चाहते हैं.
सपा प्रमुख ने कहा, "जिनके आगे ‘भारत रत्न’ लगा हो, उनकी मिलीजुली विरासत को ध्वस्त करना, उनके मान-सम्मान के साथ-साथ ‘भारत’ के मान को भी ध्वस्त करने के समान है." उन्होंने घटना को 'घोर निंदनीय' बताते हुए कहा कि भाजपा नफ़रत की आग में जलकर देश को नुक़सान पहुंचा रही है.अगर सपा की सरकार आई तो हम ‘भारत रत्न बिस्मिल्लाह ख़ान’ जी की सांगीतिक धरोहर को बचाने के लिए ‘श्रवण-संग्रहालय’ बनाएंगे. वहीं, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
क्या सच में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के घर पर चला बुलडोजर?
एक यूजर ने X पर दावा करते हुए कहा कि सरकार ने उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जी के घर पर कोई बुलडोजर एक्शन नहीं लिया है. उनके पैतृक मकान के एक हिस्से को गिराए जाने का कारण उनके अपने परिवार का आपसी विवाद और मकान का जर्जर होना है.
Grok ने क्या जवाब दिया?
यूजर ने इस बारे में Grok से भी जवाब मांगा. Grok ने कहा, "यह गलत खबर है. सरकार ने कोई बुलडोजर एक्शन नहीं लिया. यह निजी संपत्ति है. परिवार के अंदर विवाद था. मकान जर्जर है, इसलिए कुछ सदस्य तोड़कर नया बनाने और म्यूजियम शामिल करने के पक्ष में हैं. विवाद सुलझने के बाद काम शुरू हुआ. VMC की हेरिटेज योजना परिवार की सहमति से ही आगे बढ़ रही है."
कौन थे उस्ताद बिस्मिल्लाह खान?
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान भारत के विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक थे, जिन्हें शहनाई को लोक वाद्य से उठाकर शास्त्रीय संगीत के मुख्य मंच तक पहुंचाने का श्रेय दिया जाता है. उनका मूल नाम कमरुद्दीन खान था. उनका जन्म 21 मार्च 1916 को बिहार के डुमरांव में हुआ था. उन्होंने यूपी के वाराणसी में 21 अगस्त 2006 को अंतिम सांस ली. वर्ष 2001 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. वे इस सम्मान को पाने वाले तीसरे शास्त्रीय संगीतकार थे। 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले से उनकी शहनाई की गूंज सुनाई दी थी. उन्हें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री जैसे कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया था.




