अखिलेश यादव से मुलाकात, स्टूल पर रखे हुए थे पैर- कौन हैं कुंवर रेवती रमण सिंह? सपा और मुलायम सिंह से ये संबंध
अखिलेश यादव और रेवती रमण सिंह की एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है. इस तस्वीर में सपा के पूर्व सांसद स्टूल पर पैर रखे हुए हैं. रेवती रमण सिंह यूपी की राजनीति के पुराने और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं, जिनका सपा से दशकों पुराना रिश्ता रहा है.
अखिलेश यादव ने रेवती रमण सिंह से की मुलाकात
Akhilesh Yadav met Rewati Raman Singh: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की वयोवृद्ध नेता कुंवर रेवती रमण सिंह से हालिया मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में रेवती रमण सिंह अखिलेश यादव के सामने एक स्टूल/टेबल पर पैर रखकर बैठे हुए बातचीत कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक कयासबाजी या अपमान से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, इसकी असल वजह पूरी तरह स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है.
80 वर्ष से अधिक आयु के कुंवर रेवती रमण सिंह लंबे समय से पैरों की गंभीर समस्या (मेडिकल कंडीशन) से जूझ रहे हैं. वे अपने पैरों को जमीन पर सीधा नहीं रख सकते. यही कारण है कि वे जहां भी बैठते हैं, आराम के लिए डॉक्टरों की सलाह पर पैरों को सामने स्टूल या ऊंची जगह पर टिका कर रखते हैं. अखिलेश यादव खुद प्रयागराज में उनके आवास (अशोक नगर कोठी) पर उनका स्वास्थ्य का हाल-चाल लेने और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर चर्चा करने पहुंचे थे.
कौन हैं कुंवर रेवती रमण सिंह?
कुंवर रेवती रमण सिंह उत्तर प्रदेश और विशेषकर प्रयागराज (इलाहाबाद) बेल्ट के सबसे कद्दावर और वरिष्ठ राजनेताओं में से एक हैं. वे 8 बार विधायक, 2 बार लोकसभा सांसद (2004 और 2009) और 1 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के सबसे कद्दावर नेताओं में से एक, डॉ. मुरली मनोहर जोशी को इलाहाबाद सीट पर शिकस्त दी थी. उनके बेटे उज्जवल रमण सिंह वर्तमान में इलाहाबाद संसदीय सीट से कांग्रेस के टिकट पर सांसद हैं.
मुलायम सिंह यादव और सपा से कैसा रहा रेवती रमण सिंह का संबंध?
- कुंवर रेवती रमण सिंह का मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के साथ नाता दशकों पुराना और बेहद गहरा रहा है: रेवती रमण सिंह उन गिने-चुने नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी की नींव रखी थी. इस तरह वे पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं.
- रेवती रमण सिंह मुलायम सिंह यादव के सबसे भरोसेमंद और घनिष्ठ राजनीतिक मित्रों में से एक थे. जब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकारें बनीं, तब वे सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी रहे.
अखिलेश यादव के साथ कैसे हैं रेवती रमण सिंह के संबंध?
साल 2022 में राज्यसभा का टिकट न मिलने और बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इलाहाबाद सीट कांग्रेस के खाते में जाने को लेकर सिंह परिवार अखिलेश यादव की कार्यशैली से नाराज हो गया था. इसी नाराजगी के चलते उनके बेटे उज्जवल रमण सिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था. उज्ज्वल बीजेपी उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी को हराकर पहली बार सांसद बने.
इस ऐतिहासिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण अखिलेश यादव रेवती रमण सिंह का बहुत सम्मान करते हैं. इसी वजह से वे खुद उनसे मिलने पहुंचे, जहां बुजुर्ग नेता अपनी शारीरिक सहजता (स्टूल पर पैर रखकर) के साथ बातचीत करते नजर आए.
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