9 महीने से नहीं पहने जूते-चप्पल, कौन हैं विधायक उदय लाल भड़ाना जिन्होंने इस जिद की वजह से त्यागा अन्न
राजस्थान के भीलवाड़ा की मांडल सीट से विधायक उदय लाल भड़ाना इन दिनों अपने अलग अंदाज़ की वजह से चर्चा में हैं. पिछले कई महीनों से उन्होंने जूते-चप्पल पहनना छोड़ दिया है और अपने बाल-दाढ़ी भी नहीं कटवाई है.
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक अनोखा संकल्प चर्चा का विषय बना हुआ है. भीलवाड़ा जिले की मांडल विधानसभा सीट से विधायक उदय लाल भड़ाना ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है. वह पिछले 9 महीने से बिना जूते-चप्पल के हर जगह जाते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने बाल और दाढ़ी भी नहीं कटवाई है.
सबसे हैरानी का बात उन्होंने पिछले 6 महीने से अन्न का त्याग किया हुआ है. वह सिर्फ फलाहार पर अपनी जिंदगी बीता रहे हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं आखिर वह ऐसा क्यों कर रहे हैं. साथ ही, विधायक उदय लाल भड़ाना कौन हैं.
उदय लाल भड़ाना ने क्यों उठाया यह कदम?
दरअसल मंडाला में प्राचीन देवनारायण मंदिर के कपाट सालों से बंद है. इस मंदिर के द्वार खुलवाने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है. उदय लाल भड़ाना ने इस मामले पर कहा कि मंदिर बंद होने के कारण इस जगह पर रहने वाले लोगों को पूजा करने में परेशानी हो रही है. इसी वजह से उन्होंने यह संकल्प लिया है, ताकि मंदिर का मुद्दा फिर से चर्चा में आए और उसका समाधान निकल सके.
कौन हैं उदय लाल भड़ाना?
उदय लाल भड़ाना राजस्थान की मांडल विधानसभा सीट से विधायक हैं और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं. 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार रामलाल जाट को 35,878 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी. फिलहाल उनका यह अनोखा संकल्प लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर मंदिर के कपाट कब खुलेंगे और उनका यह व्रत कब पूरा होगा.
8 सालों से नहीं पहनी पगड़ी
सिर्फ जूते-चप्पल ही नहीं उदय लाल भड़ाना ने पिछले आठ सालों से राजस्थानियों की शान यानी पगड़ी भी नहीं पहनी है.
क्यों बंद है देवनारायण मंदिर?
मांडल क्षेत्र में स्थित भगवान देवनारायण के इस मंदिर को लेकर कई साल पहले जमीन और धार्मिक स्थल से जुड़ा विवाद खड़ा हो गया था. हालात बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने साल 1977 में मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था और उसकी चाबी थाने में जमा करा दी थी.
विधानसभा में भी उठाया गया मुद्दा
विधायक उदय लाल भड़ाना ने बताया कि हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भी इस मंदिर का मामला उठाया गया. उनका कहना है कि मंदिर वर्षों से बंद है, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है. इसी वजह से उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अपना संकल्प जारी रखा है.




