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कुल्हाड़ी-दांतली से काटी पिता की लाश, कट्टे में भर झाड़ियों में फेंकी... जयपुर में 75 साल के शख्स की हत्या की पूरी कहानी

जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में 75 साल के जगदीश जाट की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव के टुकड़े कर कट्टे में भरे गए और झाड़ियों में फेंक दिए गए. जानें पूरी खौफनाक कहानी और पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे.

कुल्हाड़ी-दांतली से काटी पिता की लाश, कट्टे में भर झाड़ियों में फेंकी... जयपुर में 75 साल के शख्स की हत्या की पूरी कहानी
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जयपुर में झाड़ियों के पीछे पड़ा प्लास्टिक का कट्टा... अंदर था 75 साल के बुजुर्ग का शव. बदबू इतनी तेज थी कि राहगीरों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी. जब पुलिस मौके पर पहुंची और कट्टा खोला गया, तो अंदर जो मिला उसने पूरे इलाके को हिला दिया. शव कई दिन पुराना था और बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था.

लेकिन यह सिर्फ एक हत्या का मामला नहीं था. पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी घर की चारदीवारी के भीतर चल रहे विवाद, शराब की लत, पारिवारिक कलह और पहले से दर्ज एक हत्या के मामले तक पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मृतक की पत्नी और उसका छोटा बेटा ही आरोपी निकले.

सांगानेर सदर इलाके में मिली लाश से शुरू हुई कहानी...

20 अगस्त को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे राहगीरों ने सांगानेर सदर इलाके में झाड़ियों के पीछे से तेज बदबू महसूस की. जगह पर पानी की टंकी के पास एक खाली प्लॉट था. बदबू असामान्य थी, इसलिए राहगीरों ने पुलिस को इसकी सूचना दी.

सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने झाड़ियों के बीच पड़े प्लास्टिक के कट्टे को खोला तो उसके अंदर 75 वर्षीय जगदीश जाट का क्षत-विक्षत शव मिला.

शव की हालत देखकर पुलिस को अंदाजा हुआ कि हत्या कई दिन पहले की गई होगी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मृतक के परिजनों को मौके पर बुलाया.

पत्नी और बेटे के हाव-भाव ने पुलिस को चौंकाया...

पुलिस के मुताबिक, जब मृतक की पत्नी सजना देवी और बेटा सवाईराम जाट मौके पर पहुंचे तो उनके व्यवहार ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा. पुलिस को उनके चेहरे पर सामान्य शोक के बजाय घबराहट और बेचैनी नजर आई. डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन में पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की. दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई.

पुलिस का दावा है कि कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ज्यादा देर तक अपने कथित झूठ पर कायम नहीं रह सके. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने जगदीश की हत्या की बात कबूल कर ली.

शराब की लत और घर के झगड़ों ने लिया खूनी मोड़

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि जगदीश अत्यधिक शराब पीने का आदी था. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब पीने के बाद घर में अक्सर विवाद और मारपीट होती थी. पुलिस के मुताबिक, इसी घरेलू कलह से परेशान होकर पत्नी सजना देवी और छोटे बेटे सवाईराम ने जगदीश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

18 अगस्त की शाम शराब के नशे में विवाद हुआ. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान सजना देवी और सवाईराम ने मिलकर पहले जगदीश का गला दबाया. पुलिस का दावा है कि जब इसके बाद भी जगदीश की सांसें चलती रहीं, तो उन पर कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली से वार किए गए. इससे उनकी मौत हो गई.

इसके बाद शुरू हुआ शव को ठिकाने लगाने का सिलसिला..

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद सवाईराम शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया. आरोप है कि उसने कुल्हाड़ी से जगदीश के हाथ और गर्दन काटने की कोशिश की. जब कुल्हाड़ी से अंग अलग नहीं हुए तो उसने रसोई से चाकू और दांतली निकाली. पुलिस के अनुसार, इसके बाद शव के धड़ और हाथों को अलग-अलग करने की कोशिश की गई. पुलिस का दावा है कि 19 अगस्त का पूरा दिन और रात शव घर में ही पड़ा रहा. सवाईराम रातभर शव के साथ रहा और उसके टुकड़े करता रहा.

फिर बदबू ने खोल दिया राज

20 अगस्त को तड़के करीब 3:30 बजे सवाईराम शव के टुकड़ों को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर ठिकाने लगाने की तैयारी में था. इसके लिए उसने टैक्सी बुलाने की कोशिश की. लेकिन कट्टे से आ रही तेज बदबू ने टैक्सी चालक को शक में डाल दिया. उसे किसी अनहोनी की आशंका हुई और उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी.

सूचना मिलते ही सांगानेर सदर पुलिस मौके पर पहुंची. पानी की टंकी के पास खाली प्लॉट में झाड़ियों के बीच पुलिस को प्लास्टिक के कट्टे में बंद शव मिला. यहीं से पुलिस को मृतक के परिवार पर शक गहराने लगा.

जांच में सामने आया परिवार का पुराना खूनी रिकॉर्ड

इस मामले की जांच में पुलिस के मुताबिक सबसे चौंकाने वाली बात परिवार का पुराना आपराधिक मामला था. पुलिस के अनुसार, सजना देवी और उनके बेटे सवाईराम जाट पहले भी एक हत्या के मामले में जेल जा चुके हैं. यह मामला वर्ष 2024 में टोंक के पचेवर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था और इसमें उनकी बहू की हत्या का आरोप था.

पुलिस के मुताबिक, उस मामले में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी सजना देवी, दोनों बेटे सवाईराम और रामअवतार भी आरोपी थे. बताया गया है कि पूरा परिवार करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था. हालांकि, बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में बंद है.

यानी जिस परिवार पर पहले अपनी ही बहू की हत्या का मामला दर्ज हुआ था, उसी परिवार के दो सदस्यों पर अब घर के मुखिया जगदीश की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस की जांच के मुताबिक, सजना देवी और सवाईराम जाट जमानत पर बाहर आने के कुछ समय बाद ही इस नए हत्या मामले में आरोपी बन गए.

पुलिस का कहना है कि दोनों ने घरेलू विवाद और जगदीश की शराब की लत से परेशान होकर हत्या को अंजाम दिया. सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच आरोपियों के कथित कबूलनामे, शव को ठिकाने लगाने की कोशिश और परिवार के पुराने हत्या मामले के आसपास केंद्रित है. एक प्लास्टिक के कट्टे से शुरू हुई जांच ने पुलिस को घर के भीतर चल रहे विवाद और परिवार के पुराने आपराधिक मामले तक पहुंचा दिया है.

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