VIDEO: सड़क नहीं बनी तो हम वोट नहीं देंगे, गुना में ये सुनते ही तिलमिला उठे सिंधिया! बोले- ये भाषा मेरे साथ नहीं... लगाई फटकार
गुना में सड़क की मांग पर ग्रामीण ने वोट न देने की बात कही तो ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आपत्ति जताई. जनसुनवाई में कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी पर भी सवाल उठे.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना दौरे के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. एक वीडियो में सड़क की समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीण ने कहा कि अगर रोड नहीं बनी तो वह वोट मांगने न आएं. इस पर सिंधिया ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा उनके सामने इस्तेमाल न की जाए. वहीं दूसरे मामले में शिकायत लेकर पहुंचे लोगों के सामने कलेक्टर और एसपी के मौके पर मौजूद न होने की जानकारी मिलने पर सिंधिया ने अधिकारियों को बुलाने के निर्देश दिए और उनकी मौजूदगी को लेकर नाराजगी जताई.
'रोड नहीं बनी तो वोट नहीं देंगे'... ग्रामीण ने क्या कहा?
गुना दौरे के दौरान सिंधिया के सामने स्थानीय लोगों ने सड़क की समस्या उठाई. गुलाबगंज और कैंट क्षेत्र के खेजरा रोड से जुड़े लोगों ने खराब सड़क को लेकर अपनी शिकायत रखी और आवेदन सौंपा. इसी दौरान एक ग्रामीण ने कहा कि अगर सड़क की समस्या दूर नहीं हुई तो वह वोट देने के मुद्दे पर अपना फैसला लेगा. इस पर सिंधिया ने ग्रामीण की बात के तरीके पर आपत्ति जताई और कहा कि 'यह भाषा मेरे सामने मत बोलना.'
इसके बाद उन्होंने लोगों से अपनी समस्या रखने और समाधान के लिए बात करने को कहा. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क की समस्या के समाधान का भरोसा भी दिया गया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है. हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम का संदर्भ तय करने के बजाय मौके पर हुई बातचीत को उसके संदर्भ में देखना जरूरी है.
दूसरा वीडियो भी चर्चा में, अधिकारियों पर नाराज हुए सिंधिया
इसी दौरे के दौरान जनसुनवाई से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया. रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायत लेकर पहुंचे लोगों से बातचीत के दौरान सिंधिया ने जब जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर मौजूद नहीं होने की जानकारी ली तो उन्होंने कलेक्टर और एसपी को बुलाने के निर्देश दिए. सिंधिया ने अधिकारियों से कहा कि वे गाड़ी में न बैठें और लोगों की शिकायत सुनने के लिए मौके पर मौजूद रहें. रिपोर्टों में उनके हवाले से यह भी बताया गया कि उन्होंने अधिकारियों से कहा, “गाड़ी में मत बैठिए, आप दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं.”
मोहन बारेला मामले में क्या हुआ?
बताया गया कि जनसुनवाई के दौरान मोहन बारेला मामले से जुड़े परिजन अपनी शिकायत लेकर सिंधिया के पास पहुंचे थे. सिंधिया ने उनकी बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने की कोशिश की. रिपोर्टों के अनुसार, जब उन्हें बताया गया कि कलेक्टर किशोर कन्याल और एसपी हिटिका वासल मौके पर अपनी गाड़ियों में बैठे हैं, तो उन्होंने अधिकारियों को तुरंत बुलाने के निर्देश दिए. इसके बाद अधिकारियों के सामने ही मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली गई.
‘कलेक्टर कहां हैं? जल्दी बुलाओ...’
घटना के दौरान सिंधिया ने कलेक्टर को मौके पर बुलाने के लिए कहा. रिपोर्टों में उनके हवाले से कहा गया कि अधिकारी गाड़ी में न बैठें और जनता की शिकायतों के दौरान मौके पर रहें. यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब सिंधिया गुना में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे. इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर उनकी नाराजगी का वीडियो सामने आया.
खाद संकट को लेकर भी किसानों ने रखी शिकायत
सिंधिया के गुना दौरे में किसानों की शिकायतें भी सामने आईं. किसानों ने खाद की उपलब्धता और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानियां बताईं. कुछ किसानों ने टोकन नहीं मिलने और खाद की कथित कालाबाजारी की शिकायत की. सिंधिया ने कलेक्टर किशोर कन्याल को किसानों के नाम और संपर्क नंबर दर्ज कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए. यानी गुना दौरे के दौरान सड़क से लेकर खाद और प्रशासनिक व्यवस्था तक कई मुद्दे सिंधिया के सामने पहुंचे.
बरखेड़ा गिर्द में जनविश्वास शिविर में भी पहुंचे सिंधिया
18 सितंबर को सिंधिया गुना के बरखेड़ा गिर्द में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में भी शामिल हुए. उनके दौरे के कार्यक्रम में राशन दुकान का निरीक्षण, आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा, नमो ड्रोन दीदियों से संवाद और ड्रोन प्रदर्शन शामिल था. इसके बाद उन्होंने जनविश्वास शिविर में लोगों की समस्याएं सुनीं. शिविर में अलग-अलग सरकारी विभागों की ओर से सेवाएं और योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई. स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं.




