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मुझे जबरन उज्जैन ले जा रहे... खुशबू अहिरवार की मौत पर नया ट्विस्ट, बैग से मिला हिजाब और आधार कार्ड पर बुर्का पहनी फोटो

खुशबू का परिवार भोपाल पुलिस के पास पहुंचा और पूरी कहानी विस्तार से बताई. उनके अनुसार, साल 2022 में खुशबू कॉलेज की पढ़ाई करने भोपाल आई थी. वह भानपुर मल्टी में एक किराए के फ्लैट में अकेले रहती थी. पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने खर्चों के लिए मॉडलिंग का काम भी करती थी.

मुझे जबरन उज्जैन ले जा रहे... खुशबू अहिरवार की मौत पर नया ट्विस्ट, बैग से मिला हिजाब और आधार कार्ड पर बुर्का पहनी फोटो
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रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय6 Mins Read

Published on: 13 Nov 2025 12:48 PM

Bhopal Khushbu Murder Case : भोपाल की एक यंग मॉडल खुशबू अहिरवार की मौत बेहद रहस्यमयी तरीके से हुई है. इस मामले में पुलिस ने उनके लिव-इन पार्टनर कासिम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों भोपाल के भानपुर इलाके में एक किराए के फ्लैट में साथ रहते थे. पुलिस ने उस फ्लैट की गहन तलाशी ली, और वहां से कुछ ऐसी चीजें मिलीं, जिन्होंने पूरे मामले को और भी संदिग्ध बना दिया. खुशबू के बैग से एक हिजाब मिला है, और फ्लैट से जो आधार कार्ड बरामद हुआ है, उसमें खुशबू की बुर्के में फोटो लगी हुई है. ये खोज पुलिस और परिवार दोनों के लिए चौंकाने वाली है. खुशबू की मौत की वजह से कासिम की गिरफ्तारी नहीं हुई है, बल्कि उनके परिवार के लगाए गए गंभीर आरोपों की वजह से पुलिस ने यह कदम उठाया है. खुशबू का परिवार कहता है कि कासिम ने खुशबू को धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया.

इसके अलावा, उसने खुशबू के साथ मारपीट भी की. परिवार का दावा है कि कासिम ने पहले राहुल नाम से खुशबू से दोस्ती की थी. जब खुशबू को उसके असली नाम कासिम अहमद का पता चला, तो उसने खुशबू पर इस्लाम कबूल करने और शादी करने का दबाव डालना शुरू कर दिया. खुशबू ने जब इनकार किया, तो कासिम ने कथित तौर पर उसे पीटना शुरू कर दिया. खुशबू की बहनों तारा बाई और प्रीति अहिरवार ने पुलिस को बताया कि कासिम ने खुशबू को शारीरिक और मानसिक यातना दी. वे कहती हैं कि खुशबू डर के मारे चुप रहती थी, लेकिन उसने अपनी बहनों को अपनी परेशानी के बारे में बताया था.

राहुल बनकर कैसे फंसाया कासिम ने खुशबू को?

खुशबू का परिवार भोपाल पुलिस के पास पहुंचा और पूरी कहानी विस्तार से बताई. उनके अनुसार, साल 2022 में खुशबू कॉलेज की पढ़ाई करने भोपाल आई थी. वह भानपुर मल्टी में एक किराए के फ्लैट में अकेले रहती थी. पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने खर्चों के लिए मॉडलिंग का काम भी करती थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात कासिम से हुई, जो खुद को राहुल बताता था. धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई और फिर लिव-इन रिलेशनशिप शुरू हो गया. लेकिन जब खुशबू को पता चला कि उसका बॉयफ्रेंड राहुल नहीं, कासिम अहमद है, तो वह हैरान रह गई. कासिम ने खुशबू से कहा कि अगर वह उसके साथ रहना चाहती है, तो उसे इस्लाम धर्म अपनाना होगा और निकाह करना होगा. खुशबू ने साफ मना कर दिया, क्योंकि वह अपने धर्म में खुश थी और शादी के लिए तैयार नहीं थी. इसके बाद कासिम का व्यवहार बदल गया वह खुशबू पर गुस्सा करने लगा, उसे धमकियां देने लगा, और मारपीट करने लगा. खुशबू की बहन तारा बाई ने बताया कि खुशबू ने उन्हें फोन पर रोते हुए कहा था, 'वो मुझे बहुत मारता है, गंदी-गंदी गालियां देता है. मैं उससे शादी नहीं करना चाहती.'

दिवाली पर घर आईं, लेकिन थीं बहुत परेशान

पिछले दिवाली के मौके पर खुशबू अपने घर गई थी. परिवार वालों ने देखा कि वह पहले जैसी खुश नहीं थी. वह चुप-चुप रहती थी, ज्यादा बात नहीं करती थी, और हमेशा डरी हुई लगती थी. तारा बाई ने मीडिया को बताया कि खुशबू ने उन्हें बताया था कि राहुल (कासिम) उस पर धर्म बदलने और शादी का दबाव डाल रहा है. खुशबू ने कहा था कि वह डर के मारे भोपाल वापस नहीं जाना चाहती, लेकिन मजबूरी में उसे लौटना पड़ा.

आखिरी फोन कॉल

तारा बाई के मुताबिक, रात करीब 11 बजे खुशबू का फोन आया. वह रो रही थी और घबराई हुई थी. उसने कहा, 'दीदी, कासिम मुझे जबरदस्ती उज्जैन ले जा रहा है. कह रहा है कि अपनी मां से मिलवाएगा. मैं नहीं जाना चाहती, लेकिन वह सुन नहीं रहा.' फोन पर खुशबू की आवाज कांप रही थी. तारा ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन तभी फोन कट गया. तारा बार-बार फोन मिलाती रही, लेकिन कोई जवाब नहीं आया.

अगले दिन आया मौत का फोन

अगली शाम, यानी 9 नवंबर 2024 को तारा को उसकी बड़ी बहन प्रीति अहिरवार का फोन आया. प्रीति ने रोते हुए बताया कि उज्जैन से लौटते समय बस में खुशबू की मौत हो गई. प्रीति ने कहा कि बस में अचानक खुशबू का शरीर अकड़ गया, उसकी सांस रुक गई, और वह मर चुकी थी. परिवार वाले तुरंत ट्रेन पकड़कर भोपाल पहुंचे. वे सीधे हमीदिया अस्पताल गए, जहां खुशबू का शव रखा था. परिवार का कहना है कि खुशबू के शरीर पर चोट के निशान थे, और उसकी मौत सामान्य नहीं लग रही थी.

कासिम का इनकार: 'मैंने कभी नहीं पीटा'

पुलिस हिरासत में कासिम ने सारे आरोपों से साफ इनकार किया है. वह कहता है कि उसने खुशबू को कभी नहीं पीटा, ना ही उस पर धर्म बदलने का दबाव डाला. लेकिन परिवार के बयानों और सबूतों के आधार पर पुलिस ने कासिम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. पुलिस ने कासिम पर निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया है- भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 296, 115(2), 351(2), मध्य प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट, 2021: धारा 35 SC/ST एक्ट: धारा 3(2)(5)(k) ये धाराएं मारपीट, धमकी, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव, और अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध से जुड़ी हैं.

कई सवालों के घेरे में खुशबू की मौत

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. खुशबू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें मौत की असली वजह पता चलेगी साथ ही, फ्लैट से मिला हिजाब और बुर्के वाला आधार कार्ड यह संकेत दे रहा है कि कासिम खुशबू पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था. खुशबू का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है. वे कहते हैं कि उनकी बेटी को ना सिर्फ धोखा दिया गया, बल्कि उसकी जान ले ली गई. इस मामले में अभी कई सवाल अनसुलझे हैं: क्या खुशबू की मौत प्राकृतिक थी, या कोई साजिश? कासिम ने वाकई मारपीट की थी? हिजाब और बुर्के वाला आधार कार्ड किसने बनवाया?.

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