करणी सेना के नेता हिंमांशू सिंह कौन, जिन्हें PCR से खींचकर मार डाला, क्यों और कैसे शुरू हुई बात जो हत्या तक पहुंची?
जमशेदपुर में हिमांशु सिंह की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में बदमाशों ने पहले उन्हें PCR वैन से बाहर खींचा और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई.
झारखंड के जमशेदपुर में हिमांशु सिंह की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में बदमाशों ने पहले उन्हें PCR वैन से बाहर खींचा और फिर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई, जबकि उनका साथी अब भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है. घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
हिंमाशू सिंह को लेकर कहा जा रहा है कि जरा सोचिए पुलिस की गाड़ी से खींचकर कुछ युवको ने उसे मार डाला और पुलिस तमाशा देखती रही इतना नहीं परिवार को बिना बताए हिमांशू का पोस्टमार्डम कर दिया गया जिसके बाद पुलिस को लेकर जमकर सवाल खड़े हो रहे हैं और कहा जा रहा है कि अगर पुलिस चाहती तो हिमांशी की जान बच जाती.
जमशेदपुर का हिमांशु सिंह कौन?
जमशेदपुर के हिमांशु सिंह करणी सेना युवा मोर्चा के सरायकेला-खरसावां जिला के अध्यक्ष थे, जिनकी हाल ही में जून 2026 के अंत में एक विवाद के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से ही जमशेदपुर और पूरे कोल्हान क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है. इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि यह घटना अगर उतर प्रदेश में घटी होती अब तक की भयानक और हाइलाइट वाली घटना होती लेकिन झारखड में होने के कारण मामला धीमा है.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना शनिवार रात जमशेदपुर के बिष्टूपुर इलाके में स्थित एक बार के बाहर हुई. पुलिस के मुताबिक, एक महिला से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने को लेकर हिमांशु सिंह और उनके साथी की कुछ लोगों से बहस हो गई. देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को सुरक्षा के लिए PCR वाहन में बैठा लिया. लेकिन आरोप है कि इसी दौरान हथियारों से लैस हमलावर वहां पहुंच गए और पुलिस के सामने ही दोनों को वाहन से बाहर खींच लिया.
PCR वैन से बाहर निकालकर किया जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि हमलावरों ने हिमांशु सिंह पर चाकू और धारदार हथियारों से कई वार किए. बताया जा रहा है कि हिमांशु अपनी जान बचाने के लिए PCR वैन में घुस गए थे, लेकिन आरोपी उन्हें बाहर घसीट लाए और सड़क पर गिराकर हमला करते रहे. घटना के दौरान उनका साथी भी गंभीर रूप से घायल हुआ. आरोप है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन हमलावरों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके.
इलाज के दौरान हुई मौत, दूसरा युवक अब भी गंभीर
गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह और उनके साथी को अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान सोमवार शाम हिमांशु सिंह ने दम तोड़ दिया. वहीं दूसरा घायल युवक अभी भी टाटा मेन हॉस्पिटल में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
10 लोगों के खिलाफ FIR, तीन पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस ने इस मामले में बार मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. जांच के दौरान CCTV फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें गश्ती दल की लापरवाही सामने आने का दावा किया गया. इसके बाद सहायक उपनिरीक्षक रतन कुमार दास, सहायक उपनिरीक्षक राजेश कुमार रंजन और कांस्टेबल मनोज कुमार को कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.
हिमांशु की मौत के बाद फूटा लोगों का गुस्सा
हिमांशु सिंह की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने बिष्टूपुर गोलचक्कर को कई घंटों तक जाम रखा, टायर जलाए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस मुख्य आरोपियों को बचा रही है और अब तक केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी करके मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. प्रदर्शन के दौरान सिटी एसपी की सरकारी गाड़ी पर भी हमला हुआ, जिसमें वाहन का शीशा टूट गया.
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद कई सवाल लगातार उठ रहे हैं जब पुलिस मौके पर मौजूद थी तो हमलावरों को तुरंत क्यों नहीं रोका गया? क्या पुलिस ने अपनी सुरक्षा संबंधी शक्तियों का पर्याप्त इस्तेमाल किया? क्या घायल युवकों को सुरक्षित रखने में गंभीर लापरवाही हुई? क्या इस मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सिर्फ निलंबन पर्याप्त कार्रवाई है? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे.
प्रशासन ने क्या कहा?
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है. CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए बिष्टूपुर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
हिंमांशू सिंह की मौत पर JMM और भाजपा के बीच तू-तू मै-मै
इस हत्या को लेकर @BJP4Jharkhand ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि, जमशेदपुर में पुलिस गाड़ी से खींचकर युवक की हत्या किए जाने के मामले में एसपी/एसएसपी को सस्पेंड कर मुख्यमंत्री दिखावे की कारवाई कर रहे हैं. यदि मुख्यमंत्री वास्तव में हत्याकांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए गंभीर हैं तो उन पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराएं, जिनकी मौजूदगी में हत्या हुई है. जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात ASI अजय सिंह के सामने डीजीपी तक नतमस्तक हैं. पुलिस अधिकारियों के तबादले से लेकर अवैध वसूली तक के कार्य उनके इशारे पर ही हो रहे हैं.
इस पर JMM ने जवाब देते हुए लिखा कि, रघुबर दास जी, सच्चाई से मुंह मत फेरिए! स्वर्गीय हिमांशु सिंह की मौत की जिम्मेदार भाजपा है. और इसलिए आप अपनी झूठी सहानुभूति लेकर इतनी देर से आ रहे हैं. जिस डबल डाउन बार में ये हत्याकांड हुआ, उसके मालिक आपके भाजपा के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह हैं. उनके पाले हुए गुंडों ने उन युवाओं को निशाना बनाया, जो महिलाओं से छेड़खानी का विरोध कर रहे थे. फिर भी आप राज्य सरकार पर हमला बोल रहे हैं? याद कीजिए. हेमंत सरकार ने तुरंत कार्रवाई की: बार सील, लापरवाह पुलिस वाले सस्पेंड, SP लाइन हाजिर. मुख्यमंत्री खुद मामले पर नजर रखे हुए हैं.
अब आप जवाब दीजिए- जब आपकी पार्टी का नेता खुद आरोपी है, तो BJP चुप क्यों है? नीरज सिंह समेत 11 पर FIR होने के बावजूद आप उसकी गिरफ्तारी की मांग क्यों नहीं कर रहे? BJP कितने ऐसे नीरज सिंहों को संरक्षण दे रही है? अपराध बढ़ रहे हैं- ये स्वीकार्य नहीं. लेकिन अपराधियों को पालने वाले और उन्हें राजनीतिक कवर देने वाले भी जवाबदेह हैं. पहले अपने आंगन साफ कीजिए, फिर दूसरों पर उंगली उठाइए. नीरज सिंह को बचाने की कोशिश बंद कीजिए. हेमंत सरकार में पूर्ण न्याय मिलेगा. चाहे आरोपी भाजपा जैसी धनाढ्य पार्टी का क्यों ना हो.




