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पति से बचने थाने पहुंची महिला, पुलिसकर्मी ने किया रेप, फिर अगली सुबह क्या हुआ... झारखंड में कौन-कौन हुआ सस्पेंड?

झारखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद हर कोई कह रहा है कि रक्षक ही भक्षक बन गया. जहां पुलिसकर्मी ने ही एक महिला का पुलिस स्टेशन में रेप किया. जिसके बाद पीड़ित महिला का मुंह बंद करवाने के लिए उसको पैसा दिया गया.

Jharkhand rape case
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Jharkhand rape case

( Image Source:  ChatGPT )

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस थाने के अंदर एक महिला के साथ रेप का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि महिला अपने पति से जान का खतरा होने के डर से मदद मांगने थाने पहुंची थी, लेकिन वहां तैनात एक पुलिसकर्मी ने ही उसके साथ रेप किया. पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, घटना के दौरान उसने मदद के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन कोई पुलिसकर्मी उसकी सहायता के लिए नहीं पहुंचा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने थाना प्रभारी समेत अब तक 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. वहीं, वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है.

कब और कहां हुई थी घटना?

पुलिस के मुताबिक, घटना 29 अक्टूबर की है. पीड़िता की उम्र 20 साल है. उस शाम उसका अपने पति से विवाद हुआ था. महिला को आशंका थी कि उसका पति उसके साथ मारपीट कर सकता है. इसी डर से वह घर छोड़कर निकल गई. रात करीब 9:30 बजे बारिश शुरू हो गई. ऐसे में महिला सरायकेला जिले के गमहरिया इलाके में एक प्लांट के गेट के पास रुक गई. वहां मौजूद एक अन्य महिला की मदद से उसने पुलिस को फोन किया. इसके बाद पुलिस की पीसीआर वैन उसे रात करीब 12 बजे गमहरिया थाने लेकर पहुंची.

पुलिस ने महिला को कहां भेजा?

पीड़िता के आरोप के मुताबिक, थाने में ड्यूटी पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उसे आराम करने के लिए बगल के कमरे में भेज दिया. कुछ देर बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया. महिला का आरोप है कि इसी थाने में तैनात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और उसके साथ रेप किया. पीड़िता ने मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी उसकी सहायता के लिए नहीं आया. महिला ने दावा किया कि उसने खुद को बचाने के लिए एक छोटा चाकू इस्तेमाल किया. इससे आरोपी घायल हो गया और मौके से भाग निकला. पीड़िता ने यह आरोप भी लगाया कि अगली सुबह कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे पैसे देकर मामले को दबाने की कोशिश की.

कब FIR हुई दर्ज?

महिला की लिखित शिकायत के आधार पर 31 अक्टूबर को गमहरिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(a) और धारा 68 के तहत मामला दर्ज किया है. सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने मामले की जांच के लिए एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में SIT गठित की. जांच के दौरान पुलिस ने वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार किया. इसके बाद इंस्पेक्टर मनोज कुमार साहू और कांस्टेबल संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार कर लिया गया. तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

कितने पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड?

मामले में पुलिस प्रशासन ने अब तक 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है. इनमें गमहरिया थाने के तत्कालीन प्रभारी संजय प्रसाद भी शामिल हैं. शुरुआत में पांच पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया गया था. इसके बाद 1 नवंबर को नौ और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई. इनमें दो सब इंस्पेक्टर, चार एएसआई, दो हवलदार और एक कांस्टेबल शामिल हैं. इन पुलिसकर्मियों पर थाने में मौजूद महिला की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने और घटना की जानकारी समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं देने का आरोप है.

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