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CJP Protest at Jantar Mantar: क्या आज अभिजीत को मिलेगी प्रदर्शन की इजाजत? जानिए पुलिस की तैयारी, नियम और CJP का पूरा प्लान

CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके आज दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांग सकते हैं. संगठन NEET पेपर लीक, परीक्षा गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. हालांकि दिल्ली पुलिस के अनुसार अब तक कोई औपचारिक आवेदन नहीं मिला है.

CJP Protest at Jantar Mantar: क्या आज अभिजीत को मिलेगी प्रदर्शन की इजाजत? जानिए पुलिस की तैयारी, नियम और CJP का पूरा प्लान
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी7 Mins Read

Updated on: 6 Jun 2026 12:10 AM IST

CJP Protest at Jantar Mantar: क्या कॉकरोच जनता पार्टी को मिलेगी प्रदर्शन की इजाजत? जानिए पुलिस की तैयारी, नियम और अभिजीत दीपके का पूरा प्लान कुछ दिन पहले तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का नाम बहुत कम लोगों ने सुना था. लेकिन सोशल मीडिया के दौर में यह नाम अचानक लाखों युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया. खासकर NEET परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर CJP ने अपनी अलग पहचान बनाई.

अब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत आ रहे हैं और उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसी वजह से सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस आंदोलन की खूब चर्चा हो रही है.

CJP की मुख्य मांग क्या है?

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि देश में हुई कथित परीक्षा गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए.

उनकी प्रमुख मांगें हैं-

  • NEET पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय हो.
  • शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए.
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाएं.
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.
  • छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार जवाबदेह बने.

CJP का दावा है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है.

अभिजीत दीपके कौन?

अभिजीत दीपके CJP के संस्थापक हैं. जानकारी के मुताबिक उन्होंने अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त की है और बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवा उनके अभियानों से जुड़ चुके हैं. उन्होंने X पर पोस्ट कर बताया कि वह भारत के लिए रवाना हो चुके हैं और अपना 'भविष्य संविधान के हाथों में छोड़ रहे हैं.'

एयरपोर्ट पर भीड़ न लगाने की अपील क्यों?

शुरुआत में समर्थकों के बीच चर्चा थी कि अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग जमा होंगे. लेकिन दीपके ने वीडियो जारी कर समर्थकों से साफ अपील की कि वे एयरपोर्ट न आएं.

  • उन्होंने कहा कि आम यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.
  • सुरक्षा एजेंसियों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ना चाहिए.
  • आंदोलन को गलत तरीके से पेश करने का मौका नहीं मिलना चाहिए.
  • पूरा अभियान शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहेगा.

दिल्ली पहुंचकर क्या करेंगे अभिजीत दीपके?

दीपके के अनुसार उनका प्लान कुछ इस तरह है-

  • दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचना.
  • संसद मार्ग थाने जाना.
  • प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करना.
  • समर्थकों से वहीं मिलना.
  • अनुमति मिलने पर जंतर-मंतर की ओर बढ़ना. यानी उनका दावा है कि बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं किया जाएगा.

क्या अब तक अनुमति मांगी गई है?

दिल्ली पुलिस के अनुसार अब तक CJP की ओर से जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए कोई औपचारिक आवेदन नहीं दिया गया है. यानी प्रदर्शन की तारीख घोषित है. समर्थकों को बुलाया जा चुका है. लेकिन अनुमति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. इसी वजह से पूरा मामला अब दिल्ली पुलिस के फैसले पर टिका हुआ है.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नियम क्या हैं?

दिल्ली में प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है. दिल्ली पुलिस की गाइडलाइन और हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामों के अनुसार नई दिल्ली डीसीपी को आवेदन देना जरूरी होता है. आवेदन प्रदर्शन की तारीख से कम से कम 7 दिन पहले दिया जाना चाहिए. स्पेशल ब्रांच सुरक्षा रिपोर्ट देती है. ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था का आकलन करती है. जिला पुलिस कानून-व्यवस्था का मूल्यांकन करती है. इसके बाद अनुमति पर फैसला लिया जाता है.

आतिशी मार्लेना वाले मामले से क्या कनेक्शन है?

दिल्ली हाईकोर्ट में 'Atishi Marlena vs Commissioner of Police & Others" मामले के दौरान जंतर-मंतर और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रदर्शन को लेकर दिशानिर्देशों का उल्लेख किया गया था. इसी संदर्भ में स्टैंडिंग ऑर्डर नंबर 10/2018 लागू माना जाता है. इसके तहत- जंतर-मंतर पर सीमित संख्या में प्रदर्शन की अनुमति दी जा सकती है. बड़े आयोजनों के लिए अलग स्थान निर्धारित हैं. सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. यही नियम CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर भी लागू होंगे.

जंतर-मंतर पर कितने लोगों की अनुमति मिल सकती है?

दिल्ली पुलिस के दिशा-निर्देशों के अनुसार जंतर-मंतर पर लगभग 1000 लोगों तक की अनुमति दी जा सकती है. 50,000 तक की भीड़ के लिए रामलीला मैदान निर्धारित स्थल माना जाता है. यानी यदि CJP के समर्थकों की संख्या बहुत अधिक होती है तो प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर सकता है.

दिल्ली हाईकोर्ट तक क्यों पहुंचा मामला?

सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संगठन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में कहा गया कि बिना अनुमति बड़े प्रदर्शन की इजाजत न दी जाए. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन हो. ट्रैफिक और एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित न हों. आम जनता को परेशानी से बचाया जाए.

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. अदालत ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है. अनुमति देने या न देने का फैसला दिल्ली पुलिस करेगी. कोर्ट इस स्तर पर हस्तक्षेप नहीं करेगा. इसका मतलब है कि अब पूरा मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगा.

पुलिस की क्या तैयारी है?

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है. संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई है. अतिरिक्त पुलिस बल की तैयारी रखी गई है. ट्रैफिक और सुरक्षा यूनिट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है. किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी विशेष प्रतिबंध या अनुमति की घोषणा नहीं की है.

किन-किन लोगों का समर्थन मिला है?

प्रकाश राज का समर्थन

फिल्म अभिनेता Prakash Raj ने CJP के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह 6 तारीख को दिल्ली पहुंचने की कोशिश करेंगे ताकि आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखा सकें. उन्होंने यह भी कहा कि वह फिल्म शूटिंग में व्यस्त हैं, लेकिन फिर भी आने का प्रयास करेंगे.

सोनम वांगचुक का समर्थन

शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब?' वांगचुक ने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए.

CJP की तैयारी क्या है?

CJP लगातार अपने समर्थकों से कह रही है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा. कोई कानून नहीं तोड़ा जाएगा. संविधान के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. एयरपोर्ट पर भीड़ नहीं लगाई जाएगी. पुलिस की अनुमति के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी यानी संगठन फिलहाल खुद को एक शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के रूप में पेश कर रहा है.

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