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क्या केजरीवाल की रईसी दिखाते हुए गलती तो नहीं कर बैठी BJP? लोगों ने Pinterest की फोटोज को बताया शीशमहल की तस्वीरें

भाजपा ने जो तस्वीरें शेयर की उसे सोशल मीडिया पर यूजर्स और आप के लोग Pinterest की तस्वीर बता रहे हैं इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर यूजर्स मजे भी ले रहे हैं साथ ही दावा किया जा रहा है कहीं केजरीवाल की रईसी दिखाते हुए भाजपा ने गलती तो नहीं कर बैठी हालांकि स्टेट मिरर हिंदी इन किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है.

क्या केजरीवाल की रईसी दिखाते हुए गलती तो नहीं कर बैठी BJP? लोगों ने Pinterest की फोटोज को बताया शीशमहल की तस्वीरें
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( Image Source:  ANI| @Sachingupta-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 25 April 2026 4:31 PM IST

दिल्ली की सियासत में इन दिनों एक ऐसा तूफान उठा है, जिसने ‘सादगी’ बनाम ‘शाही ठाठ’ की पूरी बहस को फिर जिंदा कर दिया है. कहानी शुरू होती है एक नाम से अरविंद केजरीवाल और एक विवाद से, जिसे अब हर कोई ‘शीश महल’ के नाम से जान रहा है.

वहीं भाजपा ने जो तस्वीरें शेयर की उसे सोशल मीडिया पर यूजर्स और आप के लोग Pinterest की तस्वीर बता रहे हैं इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर यूजर्स मजे भी ले रहे हैं साथ ही दावा किया जा रहा है कहीं केजरीवाल की रईसी दिखाते हुए भाजपा ने गलती तो नहीं कर बैठी हालांकि स्टेट मिरर हिंदी इन किसी दावे की पुष्टि नहीं करता है यह सोशल मीडिया के मुताबिक खबर लिखी गई है.

जब तस्वीरों ने मचा दिया बवाल…

बीजेपी ने कुछ तस्वीरें जारी कीं. चमचमाते झूमर, आलीशान इंटीरियर, महंगे साज-सामान. दावा किया गया कि ये केजरीवाल के सरकारी आवास की तस्वीरें हैं. लेकिन कहानी यहीं पलट गई.

आम आदमी पार्टी ने तुरंत पलटवार किया. Atishi Marlena सामने आईं और एक लाइन में पूरा नैरेटिव बदल दिया. 'ये तस्वीरें फर्जी हैं.' AAP का कहना था कि ये असली घर की तस्वीरें नहीं, बल्कि इंटरनेट से उठाए गए डिजाइन कॉन्सेप्ट हैं. Pinterest जैसी साइट्स से ली गई इमेजेस.

‘अगर सवाल है तो सबके घर खुलें’

AAP ने सिर्फ सफाई नहीं दी, बल्कि सीधा चैलेंज भी दे दिया. 'अगर केजरीवाल के घर पर सवाल उठ रहे हैं, तो बाकी नेता भी अपने घर जनता के लिए खोलें.' इसमें नाम भी आए-Rekha Gupta और एलजी तक. संदेश साफ था. “पारदर्शिता चाहिए, तो सबके लिए बराबर.”

बीजेपी का पलटवार: ‘सादगी या सात स्टार लाइफ?’

दूसरी तरफ बीजेपी भी पीछे हटने को तैयार नहीं थी. दिल्ली भाजपा के मंत्री परवेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधा हमला बोला कि “जब दिल्ली COVID से जूझ रही थी, तब ये ‘शीश महल’ बन रहा था… 70 करोड़ रुपये खर्च हुए… ये सादगी नहीं, सात स्टार लाइफ है.” उनके आरोपों ने इस मुद्दे को सिर्फ एक घर का विवाद नहीं रहने दिया, बल्कि इसे ‘इमेज बनाम रियलिटी’ की लड़ाई बना दिया.

दिल्ली में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि 'मुझे नहीं पता कि अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान का कौन सा वीडियो बना रखा है, लेकिन वह जरूर इस बात को लेकर सोच रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल उन्हें कब छोड़ेंगे या वह खुद केजरीवाल को कब छोड़ेंगे... वह घुटन महसूस कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी पता है कि किस वीडियो के दबाव में वह ये सब बातें कह रहे हैं और पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं."

कहानी की जड़: फ्लैगस्टाफ बंगला

असल में यह विवाद नया नहीं है. इसकी शुरुआत तब हुई थी, जब 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित आवास के रेनोवेशन पर भारी खर्च का आरोप लगा था. मामला इतना बढ़ा कि Central Vigilance Commission तक शिकायत पहुंची. अब जब केजरीवाल नए पते-लोधी एस्टेट में शिफ्ट हुए, तो पुराना विवाद फिर से आग पकड़ गया. और तभी आया सबसे बड़ा झटका…

जब ‘शीश महल’ का शोर चरम पर था, तभी AAP के अंदर से ही दरार की खबर आई. सबसे बड़ा नाम- Raghav Chadha. 24 अप्रैल 2026… पार्टी छोड़ने की खबर आई और देखते ही देखते कई राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए. Ashok Mittal, Sandeep Pathak, Harbhajan Singh… नाम जुड़ते गए और AAP के लिए यह सिर्फ विवाद नहीं, बल्कि सियासी संकट बन गया.

छापेमारी, इस्तीफा और सस्पेंस

अशोक मित्तल का इस्तीफा और भी रहस्यमयी हो गया, जब Enforcement Directorate ने FEMA केस में उनके ठिकानों पर छापेमारी की खबर सामने आई.

क्या यह महज संयोग था?

इसके पीछे कोई बड़ी सियासी स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी?

अंत में सवाल वही… क्या ‘शीश महल’ की तस्वीरें सच हैं या सियासी प्रोपेगेंडा? क्या यह मुद्दा असल समस्याओं से ध्यान भटकाने का तरीका है? या फिर यह ‘सादगी’ की राजनीति की असली परीक्षा है? दिल्ली की राजनीति में जवाब अभी साफ नहीं है… लेकिन इतना तय है- यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है.

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