JNU में नफरत फैलाने वाले नारे बर्दाश्त नहीं! छात्रों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई- पुलिस ने दर्ज की शिकायत
Jawaharlal Nehru University (JNU) में छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विवादों में घिर गया है. मंगलवार को वायरल हुए वीडियो में कुछ छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाते देखा गया. इसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे छात्रों के खिलाफ 'सख्ततम कार्रवाई' की जाएगी.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा के संस्थान नवाचार और नए विचारों के केंद्र हैं, उन्हें नफरत फैलाने के स्थल में नहीं बदला जा सकता. प्रशासन ने कहा, "स्वतंत्रता का अधिकार हर छात्र का है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा, अवैध गतिविधि या राष्ट्रविरोधी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
छात्रों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
JNU प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार के कृत्यों में शामिल छात्रों को गंभीरता के आधार पर तत्काल निलंबन, निष्कासन या स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से प्रतिबंधित किया जा सकता है. प्रशासन ने कहा, "किसी भी प्रकार की हिंसा, अवैध कृत्य या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा."
आपत्तिजनक नारे लगाने की पृष्ठभूमि
JNU की पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, यह घटना तब शुरू हुई जब उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज हुईं. 30-35 छात्रों के एक समूह ने उस समय मोदी-शाह की क्रब खुदेगी इस तरह के आपत्तिजनक नारे लगाए. विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रों द्वारा लगाए गए नारे सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना के रूप में देखे जा सकते हैं.
विश्वविद्यालय का स्पष्ट रुख
JNU प्रशासन ने दोहराया कि विश्वविद्यालय किसी भी तरह के अवैध या राष्ट्रविरोधी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगा और छात्रों को नियमों के तहत सजा दी जाएगी. यह मामला अभी विकासशील है और आगे की जानकारी उपलब्ध होने पर अपडेट किया जाएगा.





