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कौन हैं ACP विवेक भगत? ब्रेस्ट के पास नोचना और पैंट के अंदर....दिल्ली पुलिस पर क्या-क्या लगे आरोप- देखिए प्रदर्शन 5 भयावह VIDEO

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच लगातार पर पुलिस पर आरोप का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है पहले प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे थे अब आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस महिला कार्यकर्ताओं को ब्रेस्ट के पास नोच रहे हैं और पैंटे के अंदर हाथ डाल रहे हैं इन सबके बाद दिल्ली के ACP विवेक भगत और सवालों के घेरे में हैं.

कौन हैं ACP विवेक भगत? ब्रेस्ट के पास नोचना और पैंट के अंदर....दिल्ली पुलिस पर क्या-क्या लगे आरोप- देखिए प्रदर्शन 5 भयावह VIDEO
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सागर द्विवेदी
सागर द्विवेदी7 Mins Read

Published on: 4 Oct 2026 7:29 PM

देश की राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर से चल रहा प्रदर्शन अब सिर्फ SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तक सीमित नहीं रह गया है. प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बदसलूकी और पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस लगातार सवालों के घेरे में है. नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दावे सामने आए हैं, जबकि महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और आपत्तिजनक तरीके से छूने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं.

इसी बीच ACP विवेक भगत का नाम भी विवाद के केंद्र में आ गया है. सोशल मीडिया पोस्ट और प्रदर्शन से जुड़े वीडियो में उन पर महिला पत्रकार रोजी के साथ कथित छेड़छाड़ और आपत्तिजनक तरीके से छूने के आरोप लगाए गए हैं. आरोप लगाने वालों का दावा है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय रोजी और नेहा को ही हिरासत में लिया गया.

महिला कार्यकर्ता के पैंट के अंदर एक पुलिसवाले ने हाथ डाला- सौरभ

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, दिल्ली पुलिस के जवान महिला कार्यकर्ताओं को ब्रेस्ट के पास नोच रहे हैं, ताकि महिलाएं अपनी चोट को मीडिया को न दिखा सकें." इसके साथ ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- "हमारी महिला कार्यकर्ता के पैंट के अंदर एक पुरुष पुलिसकर्मी ने हाथ डाला.

मामला अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, महिला सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है. आखिर जंतर-मंतर पर पूरा मामला क्या है? ACP विवेक भगत कौन हैं? रोजी और नेहा ने क्या आरोप लगाए? दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के क्या दावे हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानिए इस रिपोर्ट में और देखिए बवाल से जुड़े 10 अहम VIDEO.

कौन हैं ACP विवेक भगत?

ACP विवेक भगत दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर तैनात अधिकारी हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह कनॉट प्लेस सर्कल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पुलिस सेवा में आने से पहले विवेक भगत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. उन्होंने Delhi College of Engineering (DCE) से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की. उनकी पढ़ाई का दौर 2012 से 2016 तक रहा.

विवेक भगत ने UPSC के जरिए 2019 में सरकारी सेवा में प्रवेश किया. इसके बाद से वह करीब सात वर्षों से सरकारी सेवा से जुड़े हुए हैं. उनका प्रोफेशनल प्रोफाइल बताता है कि वह Government of India के तहत सिविल सर्विस में कार्यरत हैं और दिल्ली में पुलिस प्रशासन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं.

कनॉट प्लेस जैसे दिल्ली के बेहद व्यस्त और संवेदनशील इलाके की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी ACP स्तर के अधिकारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के दौरान भी पुलिस अधिकारियों की भूमिका अहम रहती है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके वर्तमान पद और शैक्षणिक-पेशेवर प्रोफाइल से आगे उनके व्यक्तिगत जीवन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.

आरोपों में क्या-क्या?

CJP ने प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत ने एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की. पोस्ट में दावा किया गया कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय पीड़िता को ही हिरासत में लिया गया.

इसी तरह अभिजीत दीपके ने X पर दावा किया कि नेहा और रोजी को केवल अपनी आवाज उठाने के कारण हिरासत में लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि रोजी ने ACP विवेक भगत पर बदसलूकी का आरोप लगाया था, लेकिन कार्रवाई रोजी के खिलाफ की गई.

वहीं, एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने ACP विवेक भगत पर पत्रकार रोजी के साथ कथित बदसलूकी और आपत्तिजनक तरीके से छूने के गंभीर आरोप लगाए हैं. पोस्ट में मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक FIR दर्ज करने की मांग की गई है.

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली के ACP विवेक भगत पर लगातार लग रहे आरोपों के बीज दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक जारी करते हुए लिखा कि, इस पोस्ट में AI से बनाए गए या हेर-फेर किए गए विज़ुअल्स हैं. CCTV फ़ुटेज की तस्वीर फ़ेक है. नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह का भ्रामक या नुकसानदेह कंटेंट न फैलाएं. ऐसी पोस्ट शेयर करने पर प्रोफ़ाइल मालिकों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई हो सकती है.

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