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दिल्ली में फिर गिरी इमारत, हर्ष विहार में कैसे हुआ हादसा, 2 की मौत... 14 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद क्या आया सामने?

दिल्ली में इमारतें गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सत्य निकेतन हादसे के कुछ दिनों बाद अब हर्ष विहार में एक बिल्डिंग गिर गई. जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई.

Harsh Vihar Milan Garden Building collapses
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Harsh Vihar Milan Garden Building collapses

( Image Source:  X/ @ANI )

दिल्ली के हर्ष विहार के मिलन गार्डन में रविवार शाम एक इमारत के दो स्लैब गिरने से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान 60 वर्षीय चंद्रपाल और 33 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है. दोनों के पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं. मलबे में दबे दोनों लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस, NDRF, स्थानीय पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमों ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया.

अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर गोदाम था और उसके ऊपर पहली मंजिल का ढांचा बना हुआ था। हादसे में गोदाम और पहली मंजिल का स्ट्रक्चर दोनों ढह गए. हालांकि, इमारत गिरने की असली वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

हर्ष विहार में कैसे हुआ हादसा?

यह घटना उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना क्षेत्र के मिलन गार्डन इलाके में हुई. बताया गया कि मनोज कुमार की इमारत के निचले हिस्से में गोदाम था, जबकि उसके ऊपर पहली मंजिल का निर्माण किया गया था. रविवार शाम अचानक इमारत के दोनों हिस्से गिर गए और मलबे में दो लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई. हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. इसके बाद पुलिस, NDRF, सिविल डिफेंस कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया गया.

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:46 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी. इसके बाद पांच दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. बचाव दल ने मलबा हटाना शुरू किया, क्योंकि आशंका थी कि उसके नीचे दो लोग दबे हुए हैं.

कब रोका गया बचाव अभियान?

डिविजनल फायर ऑफिसर रविंदर सिंह के मुताबिक, बचाव अभियान करीब 14 घंटे तक चला, जिसके बाद इसे रोक दिया गया. उन्होंने बताया कि फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर बचाव दल मौके पर तैनात रहेंगे. इमारत गिरने के बाद मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव कार्य में कई एजेंसियों को लगाया गया था. टीमों ने सावधानी के साथ मलबा हटाया, ताकि किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की स्थिति में उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.

क्या रही हादसे की वजह?

एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने बताया कि ढहने वाला ढांचा मूल रूप से एक पुरानी, एक मंजिला इमारत थी. उसके ऊपर एक और मंजिल बनाने का काम चल रहा था. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, उन्होंने कहा "हमें कॉल आया कि एक बिल्डिंग गिर गई है. असली बिल्डिंग एक पुरानी, ​​एक मंज़िला बिल्डिंग थी. ऊपर एक और मंज़िल बनाई जा रही थी. यह एरिया पूरी तरह से घिरा हुआ है, जिससे यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि असल में कौन सी बिल्डिंग गिरी है."

एक स्थानीय निवासी के मुताबिक अतिरिक्त मंजिल के निर्माण के दौरान कंक्रीट का स्लैब बिछाया जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ. हालांकि, निर्माण कार्य और इमारत के ढहने के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. हादसे की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से जानकारी ली.

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