कॉमेडियन मसूम राजवानी कौन, जो कैंडल मार्च में हुए शामिल तो पुलिस ने लिया एक्शन, वीडियो में बोले- मैंने किया क्या है?
मुंबई में IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में प्रदर्शन करना कॉमेडियन मसूम राजवानी को भारी पड़ गया. रविवार को कैंडल मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें और कई अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया.
साहिल वाकोडे की मौत पर प्रदर्शन कॉमेडियन मसूम राजवानी हिरासत में
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर मुंबई में कैंडल मार्च निकाला गया. रविवार को दादर की चैत्यभूमि पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन मसूम राजवानी समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी.
हिरासत में लिए जाने के बाद मसूम राजवानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान लोगों के साथ धक्का-मुक्की की और महिलाओं व नाबालिगों को भी हिरासत में लिया. वहीं, पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया. साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था.
क्या है मसूम राजवानी का आरोप?
मसूम राजवानी ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर हिरासत के दौरान का एक वीडियो डाला. इसमें पुलिसकर्मी उन्हें पकड़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं. वीडियो में राजवानी बार-बार पूछते सुनाई देते हैं, “मैंने किया क्या है?” वह एक पुलिसकर्मी से उनकी टी-शर्ट नहीं खींचने के लिए भी कहते हैं. राजवानी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान महिलाओं और नाबालिग लड़कों के साथ भी बल प्रयोग किया गया. उनके मुताबिक, राजवानी के मुताबिक, पुलिस ने आठ महिलाओं और दो नाबालिग लड़कों को भी हिरासत में लिया. उन्होंने लोगों से वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की, ताकि मीडिया और विपक्षी नेताओं तक यह मामला पहुंच सके. वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी.
कौन हैं मसूम राजवानी?
मसूम राजवानी एक स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं. उन्होंने जनवरी 2016 में लोगों को हंसाने का काम शुरू किया था. इसके लिए उन्होंने कानून की पढ़ाई भी छोड़ दी थी. वह अपने कॉमेडी शो में राजनीति, समाज, महिलाओं से जुड़े मुद्दों, महंगाई और बोलने की आजादी जैसे विषयों पर बात करते हैं.
क्या है साहिल वाकोडे की मौत का मामला?
IIT बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे. खबरों के मुताबिक, उसी दिन मिड टर्म एग्जाम के दौरान उन पर मोबाइल इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था. परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला ने इसकी जानकारी संस्थान के अधिकारियों को दी थी. साहिल ने दोबारा परीक्षा देने की मांग की थी, लेकिन उन्हें इसकी परमिशन नहीं मिली.कुछ घंटों बाद उनकी मौत की खबर सामने आई. मामले की जांच के तहत क्लास के सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए. कैंडल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारी साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे.




