दिल्ली में ये सिविक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा! नए बिल में 10 गुना तक बढ़ा जुर्माना; जेल से राहत
दिल्ली में सिविक नियमों को लेकर सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसमें छोटे उल्लंघनों पर जेल की सजा हटाकर जुर्माना बढ़ाया जाएगा.
दिल्ली के लोगों के लिए अब सिविक नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ सकता है. जल्द ही कई छोटे-मोटे नियम तोड़ने पर पहले से कहीं ज्यादा जुर्माना भरना पड़ सकता है. शुक्रवार को संसद में 'जन विश्वास प्रावधानों में संशोधन विधेयक 2026' पेश किया गया. इस बिल के जरिए दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 और नई दिल्ली नगर परिषद अधिनियम 1994 में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं.
दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पुराने और समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके नियमों को तर्कसंगत और आधुनिक बनाना है. साथ ही, सजा की जगह पेनल्टी (जुर्माना) आधारित व्यवस्था लाकर आम लोगों और व्यापारियों के जीवन को आसान बनाना है. नए प्रस्ताव के अनुसार, कई मामलों में पहली बार नियम तोड़ने पर तुरंत जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि सिर्फ चेतावनी दी जाएगी. उसके बाद अगर दोबारा उल्लंघन हुआ तो जुर्माना लगेगा.
जुर्माने में भारी बढ़ोतरी
- गंदगी न साफ करने पर पहले सिर्फ 50 रुपये का जुर्माना लगता था. अब पहली बार चेतावनी और दूसरी बार 500 रुपये का जुर्माना लग सकता है.
- सार्वजनिक जगहों पर पेशाब करना या गंदगी फैलाने पर पहले 50 रुपये तक का जुर्माना था, अब यह बढ़कर 500 रुपये हो जाएगा.
- कुत्ते को बिना पट्टे (लीश) के घुमाना – जुर्माना 50 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो जाएगा.
- घर का नंबर (हाउस नंबर) खराब करना या मिटा देना – जुर्माना 50 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये.
- खतरनाक इमारत को खाली न करना या बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट के इमारत में रहना – जुर्माना 200 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये.
- बिना अनुमति के सड़क या खुली जगह पर इमारत बनाना जिससे रास्ता बंद हो जाए- 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
- स्टॉल और फेरीवालों पर नया जुर्माना
- बिना लाइसेंस के चाय की दुकान, खाने-पीने का स्टॉल चलाने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो जाएगा
- बिना लाइसेंस फेरी लगाना, मछली या मुर्गी बेचना- जुर्माना बढ़कर 200 रुपये
- सड़क पर जानवर बांधना या मवेशियों का दूध निकालना-जुर्माना 10 गुना बढ़कर 1000 रुपये
- बिना अनुमति जानवर रखना – जुर्माना दोगुना होकर 200 रुपये
रोजाना जुर्माने की जगह एक बार का जुर्माना
कई मामलों में पहले रोजाना जुर्माना लगता था, लेकिन अब उसकी जगह एक बार में तय पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव है. उदाहरण के लिए: बिना लाइसेंस वाले बूचड़खाने या बाजार का इस्तेमाल करने पर पहले 500 रुपये के साथ रोजाना अतिरिक्त जुर्माना लगता था. अब सिर्फ 500 रुपये की एक बार की पेनल्टी लगेगी.
छोटे अपराधों के लिए जेल की सजा खत्म
इस विधेयक में कई छोटे-मोटे उल्लंघनों के लिए जेल जाने का प्रावधान पूरी तरह हटा दिया गया है. नगर निगम के सफाई कर्मचारी अगर बिना बताए ड्यूटी छोड़ देते थे तो पहले एक महीने तक जेल हो सकती थी. अब यह नियम हटाने का प्रस्ताव है. नगर निगम के नियम तोड़ने पर पहले तीन महीने तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकता था. अब सिर्फ 500 रुपये तक का जुर्माना ही लगेगा.
कुछ अपराध पूरी तरह अपराध की श्रेणी से बाहर
कुछ छोटे उल्लंघनों को पूरी तरह अपराध की श्रेणी से हटाने का भी प्रस्ताव है. इनमें शामिल हैं:
- सड़क पर कूड़ा फेंकना
- बिना अनुमति जगह पर कपड़े धोना
- खाली पड़ी संपत्ति की जानकारी न देना
- स्ट्रीट लाइट को नुकसान पहुंचाना
नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) में भी बदलाव
एनडीएमसी एक्ट में भी इसी तरह के संशोधन प्रस्तावित हैं. आधिकारिक नोट के अनुसार, कुल 145 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है. इनमें से 68 मामलों में जेल या पुराने जुर्माने की जगह पेनल्टी लगा दी गई है. 26 प्रावधानों को पूरी तरह हटा दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने की रकम बढ़ाकर और छोटे मामलों में आपराधिक सजा हटाकर सरकार का मकसद है कि नियमों का पालन हो, लेकिन लोगों पर अनावश्यक आपराधिक दबाव न पड़े. इससे नियमों का बेहतर संतुलन बन सकेगा और आम आदमी का जीवन भी आसान रहेगा. यह बिल पास होने के बाद दिल्ली में सिविक नियमों की पालन व्यवस्था काफी हद तक बदल जाएगी.




