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दिल्ली की राजनीति में घुला अमोनिया का ज़हर! पानी पर EC ने हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्ट

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर यमुना नदी के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया है. उनके मुताबिक, हरियाणा सरकार ने पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ा दी है, जिससे दिल्ली के जल उपचार संयंत्रों के लिए पानी अनुपयोगी हो गया है. इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. दिल्ली सरकार ने इस मुद्दे को चुनाव आयोग तक पहुंचाया, और हरियाणा सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है.

दिल्ली की राजनीति में घुला अमोनिया का ज़हर! पानी पर EC ने हरियाणा सरकार से मांगी रिपोर्ट
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नवनीत कुमार
Curated By: नवनीत कुमार6 Mins Read

Updated on: 28 Jan 2025 7:22 AM IST

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर यमुना नदी के पानी को जहरीला करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि हरियाणा सरकार ने पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ाकर दिल्ली के जल उपचार संयंत्रों के लिए इसे अनुपयोगी बना दिया है. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली के एक तिहाई हिस्से में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़ने के कारण दिल्ली में पानी की गंभीर कमी का हवाला दिया. उन्होंने इसे चुनाव में हस्तक्षेप करने की कोशिश करार दिया और हरियाणा सरकार से जल्द रिपोर्ट देने का अनुरोध किया. चुनाव आयोग ने हरियाणा सरकार से 28 जनवरी तक इस मुद्दे पर जवाब मांगा है.

लोगों को प्यासा मारने की है कोशिश

केजरीवाल ने कहा कि दिल्लीवालों के लिए पानी की कमी से बड़ा पाप कुछ नहीं हो सकता. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह अपनी गंदी राजनीति के लिए दिल्ली के लोगों को प्यासा मारने की कोशिश कर रही है. उनका कहना था कि अगर इस पानी को पी लिया गया, तो कई लोग मर सकते हैं. दिल्ली सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति को नियंत्रित किया है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो.

दिल्ली सरकार है जिम्मेदार

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केजरीवाल और आतिशी के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इसका जिम्मेदार दिल्ली सरकार है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने यमुना को साफ करने के बजाय 28 नालों से गंदा पानी छोड़ा है, जिसके लिए वह खुद जिम्मेदार हैं.

चुनाव आयोग का हस्तक्षेप

चुनाव आयोग ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा सरकार से 28 जनवरी तक रिपोर्ट मांगी है. इसके बाद आयोग इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई करेगा. दिल्ली के मुख्यमंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने हरियाणा सरकार से पानी में अमोनिया की बढ़ी हुई मात्रा को लेकर कार्रवाई की मांग की है.

पानी संकट का असर

आतिशी और मान ने पत्र में कहा कि यमुना में अमोनिया की मात्रा में अचानक वृद्धि से दिल्ली के जल उपचार संयंत्रों पर बुरा असर पड़ा है. इस वृद्धि के कारण दिल्ली के करीब 34 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और पानी की आपूर्ति में कमी आई है. वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जैसे प्रमुख जल उपचार संयंत्रों की उत्पादन क्षमता में 10 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. आतिशी ने कहा कि हरियाणा सरकार से यह मुद्दा उठाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि यमुना से दिल्ली को आने वाले पानी में अमोनिया की मात्रा को कम किया जा सके या शुद्ध पानी छोड़ा जाए.

दिल्ली के प्रभावित इलाके

आतिशी और मान ने जो पत्र लिखा है, उसमें दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों का जिक्र किया है, जो प्रभावित हुए हैं. इनमें सिविल लाइन्स, करोल बाग, पहाड़गंज, झंडेवालान, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, आदर्श नगर, कालकाजी, बटला हाउस, सुखदेव विहार, कालिंदी कुंज, मॉडल टाउन, शकूरबस्ती, और किंग्सवे कैंप जैसे इलाके शामिल हैं. इसके अलावा, राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट, दूतावासों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में भी पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा है.

कितनी होनी चाहिए अमोनिया की मात्रा

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मुताबिक, पीने के पानी में अमोनिया की मात्रा 0.5 पीपीएम से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए. लेकिन कई बार यमुना के पानी में ये स्तर 8 पीपीएम तक पहुंच जाता है. अमोनिया की मात्रा बढ़ने से पानी जहरीला हो सकता है. अमोनिया की तीखी गंध को लोग महसूस कर सकते हैं और इसके संपर्क में आने से त्वचा, आंखों, नाक, और गले में जलन हो सकती है. पीने के पानी में अमोनिया का स्तर कम करने के लिए पानी को उबाला जा सकता है.

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