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पिता है या हैवान! बेटी को बनाया हवस का शिकार, पहले जबरन कराया गर्भपात, फिर फर्जी आधार से कराई डिलीवरी- बच्चे को भी बेचा
रायपुर में एक शख्स पर अपनी 16 साल की नाबालिग बच्ची के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, बच्ची के गर्भवती होने के बाद उसका जबरन गर्भपात कराया गया. वहीं, जब दूसरी बार वह प्रेग्नेंट हुई तो डिलीवरी के बाद उसके बच्चे को बेच दिया गया.
सांकेतिक तस्वीर
( Image Source:
Google Gemini )
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ उसके पिता ने कथित तौर पर लंबे समय तक दुष्कर्म किया. आरोप है कि नाबालिग के गर्भवती होने के बाद उसे गर्भपात के लिए मजबूर किया गया और दूसरी बार गर्भवती होने पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसे बालिग और शादीशुदा बताकर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस के अनुसार, इस मामले में नाबालिग के पिता, उसकी बुआ, अस्पताल से जुड़े लोगों और कथित तौर पर नवजात को खरीदने वाले व्यक्ति समेत अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच जारी है.
क्या है पूरा मामला? जानिए पुलिस ने क्या-क्या बताया
- पुलिस के मुताबिक, पीड़िता तीन बहनों में सबसे बड़ी है. उसकी मां जब पति से अलग हुईं तो तीनों बेटियां पिता के साथ रहने लगीं. आरोप है कि इसी दौरान वर्ष 2023 में नाबालिग के साथ उसके पिता ने पहली बार दुष्कर्म किया.
- घटना न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर हुई. पिता ने बेटी को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी. इसी डर के कारण वह काफी समय तक चुप रही.
- पुलिस का कहना है कि इसके बाद भी कथित यौन शोषण जारी रहा और नाबालिग गर्भवती हो गई. जब नाबालिग को अपनी गर्भावस्था का पता चला तो उसने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, बुआ ने यह बात उसके पिता को बताई.
- आरोप है कि इसके बाद पिता ने नाबालिग के साथ मारपीट की और बुआ के जरिए गर्भपात की दवाइयां मंगवाईं. इन दवाइयों के सेवन के बाद उसका गर्भपात हो गया. लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी नाबालिग का शोषण नहीं रुका. वर्ष 2025 में नाबालिग दोबारा गर्भवती हो गई. इसके बाद उसके पिता ने उसे एक नर्स के घर पहुंचाया. जांच में सामने आया कि नर्स की पहचान वर्षा मंडल के रूप में हुई है. वर्षा ने नाबालिग को अपनी परिचित एक अन्य नर्स गीता राय के घर भेज दिया. नाबालिग वहां करीब दो महीने तक रही. इसके बाद कथित तौर पर उसकी उम्र छिपाने की पूरी योजना बनाई गई.
- गीता राय ने नाबालिग की वास्तविक उम्र छिपाई और दस्तावेजों में उसे बालिग और शादीशुदा बताया. इसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, जिनमें नकली आधार कार्ड भी शामिल था. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नाबालिग को रायपुर के डंगनिया इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस के मुताबिक, वहां नाबालिग ने सर्जरी के जरिए एक बेटे को जन्म दिया.
- मामले का सबसे गंभीर पहलू नवजात बच्चे से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार, आरोप है कि बच्चा पैदा होने के बाद उसे एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया. इस पूरी प्रक्रिया में नाबालिग के पिता के साथ अस्पताल से जुड़े कुछ लोग और अन्य आरोपी भी शामिल थे. नवजात को कथित तौर पर खरीदने वाले व्यक्ति को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
- डिलीवरी के बाद नाबालिग को करीब 15 दिनों तक गीता राय के घर पर रखा गया. इसके बाद उसके पिता उसे वापस अपने घर ले गए. इस पूरी घटना के बीच नाबालिग किसी तरह सोशल मीडिया के जरिए अपनी मां के संपर्क में पहुंची. उसने अपनी मां को अपने साथ हुई पूरी घटना बताई. इसके बाद उसकी मां बेटी को लेकर सोमवार को पुलिस थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई.
- शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने न्यू राजेंद्र नगर थाने में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
- पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म, जालसाजी, आपराधिक धमकी, चोट पहुंचाने, गर्भपात कराने या रोकने से जुड़े प्रावधानों समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा नाबालिग से जुड़े मामले में POCSO एक्ट और Juvenile Justice Act की धाराएं भी लगाई गई हैं.
- गिरफ्तार आरोपियों में नाबालिग का पिता और उसकी बुआ के अलावा रोहित कुमार राय (35), उसकी पत्नी योगिता राय उर्फ गीता (32), साहेब मंडल (42), उसकी पत्नी वर्षा मंडल (34), नवजात को कथित तौर पर खरीदने वाला एक व्यक्ति और एक अन्य महिला शामिल हैं.
पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है. इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है.




