Begin typing your search...

'मेरी जवानी या बेडरूम के सपने मत देखो’, Gen Z विवाद पर कंगना ने बाबा रामदेव को हड़काया; दोनों आमने-सामने

‘Generation Gutter’ बयान पर बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने पलटवार किया. जानें दोनों के बीच विवाद कैसे बढ़ा और कंगना ने क्या जवाब दिया.

मेरी जवानी या बेडरूम के सपने मत देखो’, Gen Z विवाद पर कंगना ने बाबा रामदेव को हड़काया; दोनों आमने-सामने
X

बॉलीवुड अभिनेत्री और BJP सांसद कंगना रनौत के 'Generation Gutter' वाले बयान ने अब नया मोड़ ले लिया है. जिस बयान को लेकर कंगना पहले से ही आलोचनाओं में थीं, उस पर अब योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद मामला और गरमा गया है. रामदेव ने कंगना के बयान को 'बिगड़े हुए दिमाग' की सोच बताया, तो कंगना ने भी पलटवार करने में देर नहीं की.

कंगना ने सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव को ऐसा जवाब दिया कि दोनों के बीच बयानबाजी अब खुलकर सामने आ गई है. कंगना ने रामदेव को उनके चरित्र पर टिप्पणी न करने की नसीहत दी और पलटवार में 2024 के पतंजलि-सुप्रीम कोर्ट विवाद का भी जिक्र कर दिया. ऐसे में सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि BJP के समर्थन वाले खेमे में ही अब कंगना और रामदेव आमने-सामने आ गए हैं.

कंगना और बाबा राम देव आमने सामने

कंगना रनौत BJP की सांसद हैं, जबकि बाबा रामदेव लंबे समय से BJP और उसके वैचारिक-सामाजिक समर्थन वाले खेमे के करीब माने जाते रहे हैं. ऐसे में दोनों के बीच इस तरह की खुली बयानबाजी ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा बढ़ा दी है. हालांकि, इसे सीधे तौर पर BJP के भीतर की कलह कहना सही नहीं होगा. विवाद असल में कंगना के एक बयान पर रामदेव की टिप्पणी और उसके जवाब में कंगना के पलटवार से पैदा हुआ है. लेकिन जिस तरह दोनों के बयान एक-दूसरे के सामने आए हैं, उससे यह मामला 'अपने ही खेमे में आमने-सामने' वाली बहस जरूर बन गया है.

कंगना ने Gen Z को ‘Generation Gutter’ क्यों कहा था?

विवाद की शुरुआत कंगना के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने युवाओं की एक खास सोच और कुछ युवा महिलाओं को लेकर ‘Generation Gutter’ शब्द का इस्तेमाल किया था. कंगना का आरोप था कि कुछ युवा आजादी और अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन उसके साथ आने वाली जिम्मेदारी को नजरअंदाज करते हैं. उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने उनके शब्दों को पूरी Gen Z पर टिप्पणी के तौर पर लिया. बाद में कंगना ने सफाई दी कि उनका निशाना पूरी युवा पीढ़ी नहीं थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने खास तौर पर कुछ लोगों और कुछ महिलाओं के संदर्भ में बात की थी.

रामदेव ने कंगना को घेरा- 'बिगड़े हुए दिमाग' की निशानी

कंगना के बयान पर बाबा रामदेव से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर इसे सही नहीं माना. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामदेव ने कंगना की शिक्षा, बचपन और युवावस्था तक पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ऐसे लोगों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने युवाओं को 'Generation Gutter' कहने को कथित तौर पर 'बिगड़े हुए दिमाग' की निशानी बताया. रामदेव की इस टिप्पणी के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया. अब तक मामला कंगना के बयान और उसकी आलोचना तक सीमित था, लेकिन रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने भी सीधे जवाब देने का फैसला किया.

कंगना का पलटवार- 'मुझे कैरेक्टर लेसन मत दो'

रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए तीखा जवाब दिया. उन्होंने रामदेव को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनकी जवानी या बेडरूम को लेकर कल्पनाएं न करें और किसी के बारे में अफवाहों या गॉसिप के आधार पर धारणा बनाना ठीक नहीं है. इसके बाद कंगना ने सीधे कहा कि उन्हें ‘कैरेक्टर लेसन’ देने की जरूरत नहीं है यानी कंगना ने रामदेव की टिप्पणी को सिर्फ राजनीतिक या सामाजिक आलोचना के रूप में नहीं लिया, बल्कि उनके जवाब में व्यक्तिगत स्तर पर भी पलटवार किया.

कंगना ने पलटवार में सुप्रीम कोर्ट का पुराना मामला क्यों उठाया?

कंगना यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने बाबा रामदेव को जवाब देते हुए 2024 के पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले का जिक्र कर दिया. उन्होंने अपने पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट की उस कार्रवाई का हवाला दिया, जिसमें पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों और अदालत के आदेशों के उल्लंघन को लेकर रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अदालत के सामने पेश होना पड़ा था. कंगना का तर्क था कि जब खुद रामदेव को सुप्रीम कोर्ट से जुड़े ऐसे मामले का सामना करना पड़ा है तो उन्हें उनके चरित्र पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है.

2024 में पतंजलि मामले में क्या हुआ था?

2024 में सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के कुछ विज्ञापनों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी. मामला ऐसे विज्ञापनों से जुड़ा था जिनमें कुछ बीमारियों को ठीक करने के दावे किए गए थे और आधुनिक चिकित्सा पद्धति पर भी सवाल उठाए गए थे. अदालत ने पहले ही ऐसे दावों वाले विज्ञापनों को लेकर निर्देश दिए थे. आदेशों के पालन को लेकर विवाद बढ़ने पर बाबा रामदेव और पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को अदालत के सामने पेश होना पड़ा था. बाद में दोनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सामने बिना शर्त माफी भी मांगी गई थी. कंगना ने इसी पुराने मामले को अपने जवाब में हथियार बनाया और रामदेव पर निशाना साधा.

‘तुमसे तो बहुत बेहतर है मेरा कैरेक्टर’- कंगना का दावा

कंगना ने अपने जवाब में कहा कि वह अपने चरित्र पर किसी तरह का लेक्चर नहीं सुनेंगी. उन्होंने रामदेव को उनके पुराने विवाद की याद दिलाते हुए अपने चरित्र को उनसे बेहतर बताया. यही वह बिंदु था जहां विवाद ने नया रूप ले लिया. एक तरफ रामदेव कंगना के ‘Generation Gutter’ वाले बयान को निशाना बना रहे थे, तो दूसरी तरफ कंगना ने रामदेव के पुराने कानूनी विवाद को सामने रखकर पलटवार कर दिया.

बयानों को देखें तो फिलहाल दोनों के बीच खुली जुबानी जंग जैसी स्थिति जरूर दिखाई दे रही है. रामदेव ने कंगना के बयान को मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाया और कंगना ने जवाब में उनके चरित्र तथा पुराने सुप्रीम कोर्ट मामले का जिक्र कर दिया. हालांकि, इसे BJP के भीतर किसी आधिकारिक विवाद या पार्टी लाइन के टकराव के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा. दोनों के बीच यह विवाद सार्वजनिक बयानों से पैदा हुआ है.

कंगना ने बाद में अपने ‘Generation Gutter’ बयान पर क्या सफाई दी?

विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने यह साफ करने की कोशिश की कि उनका बयान पूरी Gen Z या सभी महिलाओं के खिलाफ नहीं था. उन्होंने कहा कि Jantar Mantar पर NEET-UG पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों या महिलाओं को लेकर कोई सामान्य टिप्पणी नहीं की थी. उनका दावा था कि उन्होंने सिर्फ कुछ लोगों और कुछ महिलाओं का जिक्र किया था. लेकिन रामदेव की टिप्पणी के बाद वही पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है.

सोशल मीडिया पर क्या बन रही है कहानी?

सोशल मीडिया पर अब इस विवाद को लेकर दो तरह की बातें चल रही हैं. एक पक्ष कंगना के पुराने बयान को लेकर रामदेव की आलोचना का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कंगना के पलटवार को चर्चा में ला रहा है. सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि कंगना ने जवाब में सीधे रामदेव के पुराने विवाद को क्यों उठाया. इससे विवाद महज ‘Generation Gutter’ वाले बयान से आगे निकलकर कंगना बनाम रामदेव की बहस बन गया है.

अगला लेख