पुलिस की वर्दी और सरकारी गाड़ी और 14 लाख की लूट, असम में कारोबारी के साथी को कैसे बनाया निशाना? 10 Points में जानें पूरा मामला
असम के श्रीभूमि में कारोबारी के साथी से 14 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए हैं. सरकारी 112 वाहन के इस्तेमाल और फरार सब-इंस्पेक्टर से जुड़े पूरे मामले को 10 Points में समझें.
असम के श्रीभूमि जिले में एक कारोबारी के सहयोगी से कथित तौर पर 14 लाख रुपये लूटने के मामले में दो पुलिस कांस्टेबलों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सरकारी इमरजेंसी वाहन का इस्तेमाल करते हुए खुद को तलाशी अभियान का हिस्सा बताया और कारोबारी के सहयोगी को अपने साथ ले गए. इस मामले में एक सब-इंस्पेक्टर पर पूरी कार्रवाई की साजिश रचने का आरोप है, लेकिन वह फिलहाल फरार है.
घटना 10 सितंबर की बताई गई है. श्रीभूमि के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) पल्लब ज्योति कलिता के मुताबिक, एक कारोबारी ने अपने सहयोगी को 25 लाख रुपये दिए थे, जिन्हें त्रिपुरा के धर्मनगर पहुंचाना था. सहयोगी ट्रेन से जा रहा था. पाथरकांडी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद उसे कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने रोक लिया.
10 Points में जानें पूरा मामला
1. पुलिस के मुताबिक, कथित लूट की यह घटना 10 सितंबर को हुई. मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया.
2. श्रीभूमि के एक कारोबारी ने अपने सहयोगी को 25 लाख रुपये दिए थे. उसे यह रकम त्रिपुरा के धर्मनगर पहुंचानी थी. वह रकम लेकर ट्रेन से यात्रा कर रहा था.
3. पुलिस के अनुसार, कारोबारी का सहयोगी पाथरकांडी रेलवे स्टेशन पहुंचा था. इसी दौरान उसे कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने रोक लिया और तलाशी के नाम पर अपने साथ चलने को कहा.
4. आरोप है कि पाथरकांडी थाने के सब-इंस्पेक्टर एम. नोंगताइबा सिंह ने लांस नायक अनवर हुसैन और कांस्टेबल सजल सुक्लबैद्य को सरकारी 112 वाहन से उस व्यक्ति को लाने के लिए कहा था.
5. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लब ज्योति कलिता के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने व्यक्ति को अपने साथ चलने के लिए कहा और कथित तौर पर उसे जबरन एक बोलेरो में बैठा लिया. इसके बाद उसे चांदखिरा इलाके की ओर ले जाया गया.
6. पुलिस का आरोप है कि चांदखिरा इलाके में कारोबारी के सहयोगी से 14 लाख रुपये नकद लूट लिए गए. घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और मामला दर्ज कराया.
7. मामले में लांस नायक अनवर हुसैन और कांस्टेबल सजल सुक्लबैद्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, सब-इंस्पेक्टर एम. नोंगताइबा सिंह अभी फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
8. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के घरों की तलाशी के दौरान कथित तौर पर लूटी गई रकम का कुछ हिस्सा बरामद किया गया है. बरामद रकम की पूरी जानकारी जांच का हिस्सा है.
9. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार कांस्टेबलों ने दावा किया कि इस पूरी कार्रवाई की योजना सब-इंस्पेक्टर सिंह ने बनाई थी. उनके मुताबिक, सिंह ने टीम को दिशा-निर्देश दिए और रकम की आवाजाही तथा पैसे लेकर चल रहे व्यक्ति के बारे में विशेष जानकारी उपलब्ध कराई थी.
10. अब जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि सब-इंस्पेक्टर को 25 लाख रुपये के लेन-देन और रकम लेकर जा रहे व्यक्ति की जानकारी कैसे मिली. पुलिस आरोपियों के फोन, डिजिटल बातचीत और उनकी हाल की पोस्टिंग से जुड़ी जानकारी जुटा रही है. अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामला केवल लूट तक सीमित नहीं है और सरकारी पद व सरकारी वाहन के कथित दुरुपयोग के पहलू की भी जांच की जा रही है. गिरफ्तार दोनों कांस्टेबलों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर समेत तीन आरोपी अभी फरार हैं.




