ट्रेन में सफर के दौरान लापता हुई असम की 20 साल की छात्रा, आंध्र प्रदेश के जंगल में मिला शव, आखिरी मेसेज में क्या कहा?
असम की 20 वर्षीय आदिवासी महिला ट्रेन यात्रा के दौरान लापता हो गई थी. वह विशाखापत्तनम से गुवाहाटी लौट रही थी. आखिरी बातचीत में उसने खुद के आसपास कई पुरुष होने की बात कहकर डर जताया था. परिवार की शिकायत के बाद रेलवे पुलिस ने तलाश शुरू की. अब आंध्र प्रदेश के मलयपुरम के पास जंगल से उसका शव बरामद हुआ है.
असम के कामरूप जिले की 20 वर्षीय आदिवासी महिला की आंध्र प्रदेश में मौत हो गई. वह विशाखापत्तनम से गुवाहाटी लौट रही थी. महिला बी. बरुआ कॉलेज की छात्रा थी और एक डांस परफॉर्मेंस के लिए आंध्र प्रदेश गई थी. इसके बाद वह डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस (22503) से घर लौट रही थी. उसने 5 अक्टूबर की रात करीब 11:50 बजे विशाखापत्तनम से ट्रेन पकड़ी थी. ट्रेन रात 12:10 बजे वहां से रवाना हुई थी और 7 अक्टूबर की सुबह 9:05 बजे गुवाहाटी पहुंचने वाली थी.
परिवार के मुताबिक, महिला से आखिरी बार 6 अक्टूबर की सुबह 2:39 बजे बात हुई थी. इसके बाद उसने मैसेज कर बताया कि वह डरी हुई है, क्योंकि उसके आसपास बहुत सारे पुरुष मौजूद हैं. इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया. महिला की मां ने गुवाहाटी में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) में शिकायत दर्ज कराई. रेलवे हेल्पलाइन 139 पर भी इसकी सूचना दी गई.
शिकायत के बाद रेलवे पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस के S2 कोच में उसका बैग मिलने के बाद पुलिस ने ट्रेन के पूरे रूट पर जांच तेज कर दी.
आंध्र प्रदेश में जंगल से मिला शव
तलाशी के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को महिला का शव आंध्र प्रदेश में मलयपुरम के पास एक जंगली इलाके से मिला. RPF के एक सूत्र ने NDTV को बताया कि शव बरामद कर लिया गया है. हालांकि, रेलवे पुलिस के सूत्रों के मुताबिक अभी महिला की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाया जा रहा है. महिला का परिवार असम के कामरूप जिले में बोंडा पोस्ट ऑफिस के अंतर्गत आने वाले चपाइडांग इलाके का रहने वाला है.
आरपीएफ पर लापरवाही का आरोप
भाभी ने आरपीएफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मौत की गहन जांच की मांग की है. स्थानीय डिमोरिया विधायक तपन दास ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात करते हुए कहा कि शव को राज्य सरकार वापस लाएगी. उन्होंने कहा, "पोस्टमॉर्टम वहां करना होगा. उसके बाद, एक उड़ान कार्यक्रम पर काम करना होगा क्योंकि गुवाहाटी के लिए कोई सीधी उड़ान नहीं है. हम समन्वय कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि शव को जल्द से जल्द वापस लाया जा सके और परिवार के किसी सदस्य को दावा करने के लिए जाना न पड़े."




