IND vs NZ 2nd T20I: 23 पारियों के बाद चमका टीम इंडिया का 'सूर्य', ईशान ने भी दिखाई 'शान' तो कप्तान का हो गया कमबैक
रायपुर टी20 में 6/2 के संकट से उबरते हुए ईशान किशन की तेज शुरुआत ने सूर्यकुमार यादव को समय दिया, जिसने 23 पारियों बाद फिफ्टी बनाकर शानदार कमबैक किया.
रायपुर की ठंडी हवा में जब भारत का स्कोर दूसरे ओवर में 6 रन पर 2 विकेट था, तब सिर्फ विकेट नहीं गिरे थे - भारतीय टी20 टीम की मानसिकता की भी परीक्षा शुरू हो चुकी थी. सूर्यकुमार यादव क्रीज पर आए और पहली ही गेंदों में जैकब डफी की सीम मूवमेंट ने उन्हें बीट किया. गेंद बल्ले के किनारे से निकल गई, और सूर्यकुमार ने पिच को ऐसे देखा जैसे वह अचानक गेंदबाज की तरफ खड़ी हो गई हो.
लेकिन यह सिर्फ एक डॉट बॉल नहीं थी. यह उस लंबे संघर्ष का प्रतीक थी, जिसमें सूर्यकुमार महीनों से फंसे हुए थे - रन नहीं आ रहे थे, लेकिन वह बार-बार कहते रहे कि “मेरी फॉर्म नहीं गई है, सिर्फ रन नहीं आए हैं.”
टी20 क्रिकेट का सबसे बड़ा झूठ यही है कि “फॉर्म” दिखती है. असल में दिखती है सिर्फ टाइमिंग - और वह सिर्फ बल्ले और गेंद की नहीं होती, वह दिमाग और मौके की भी होती है.
24 पारियों का सूखा और एक रात का विस्फोट
शुक्रवार की रात सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर 82 रन बनाए - 9 चौके, 4 छक्के. यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, यह 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में पहली फिफ्टी थी, जो अक्टूबर 2024 के बाद आई. लेकिन इस पारी को सिर्फ “कमबैक” कहना कहानी का आधा सच होगा. असल कहानी यह है कि सूर्यकुमार की फॉर्म अकेले वापस नहीं आई - उसे ईशान किशन की टाइमिंग ने आज़ादी दी.
ईशान किशन: 2 साल बाद वापसी, खुद को किया साबित
ईशान किशन का यह मैच नवंबर 2023 के बाद पहला टी20 इंटरनेशनल था. लेकिन यह वापसी किसी भावनात्मक फैसले का नतीजा नहीं थी, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन की राजनीति का परिणाम थी. भारत ने शुबमन गिल को टी20 टॉप ऑर्डर से हटाया. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा फिर ओपन करने लगे.
और तब सवाल उठा - बैकअप विकेटकीपर कैसा हो? तभी ईशान किशन की दोबारा टीम में एंट्री हुई. लेकिन यह चयन उपहार नहीं था. ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 10 मैचों में 197.33 की स्ट्राइक रेट से 517 रन बना डाले और टीम के टूर्नामेंट विनर बनने में अहम योगदान दिया.
6/2 पर भी पावरप्ले जीतना
200+ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 2 विकेट जल्दी गंवा चुका था. न्यूजीलैंड को सिर्फ एक झटका चाहिए था, मैच पलटने के लिए. लेकिन ईशान किशन ने वह झटका खुद गेंदबाजों को दे दिया. एक ओवर में 24 रन. फिर वही बाहर जाती गेंद - लेकिन इस बार चौके. सैंटनर, मैट हेनरी जैसे अनुभवी गेंदबाज भी दिशा नहीं बदल पाए. ईशान ने 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ा - वह भी पावरप्ले के अंदर. भारत का स्कोर 6 ओवर में 75/2 था. इसका सबसे बड़ा असर स्कोरबोर्ड पर नहीं, सूर्यकुमार यादव के दिमाग पर पड़ा.
कप्तान को मिला दुर्लभ तोहफा: समय
6 ओवर बाद सूर्यकुमार का स्कोर था 8 गेंदों पर 8 रन. टी20 में इसे विलासिता माना जाता है. अगर ईशान रन नहीं बना रहे होते, तो सूर्यकुमार को जोखिम उठाना ही पड़ता. लेकिन ईशान की आंधी ने कप्तान को वह चीज़ दी जो टी20 में सबसे दुर्लभ है - सोचने का वक्त. खुद सूर्यकुमार ने कहा, “मैं नहीं जानता ईशान ने लंच में क्या खाया था, लेकिन मैंने कभी किसी को 6/2 पर बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले 67-70 पर खत्म करते नहीं देखा.”
जब पारी का मोड़ आया
एक ओवर आया - 25 रन. और उसी ओवर में सूर्यकुमार जागे. थर्ड मैन की तरफ गाइड, फिर पुल शॉट, फिर कवर ड्राइव. 23 गेंदों में फिफ्टी. फिर डफी की बाउंसर पर जवाब और फिर फौल्क्स पर ज़मीन से बाहर वार. यह वही सूर्यकुमार था जिसे महीनों से 'आउट ऑफ फॉर्म' कहा जा रहा था.
यह मैच तकनीक की कहानी नहीं है, यह हेड-स्पेस की कहानी है. सूर्यकुमार भरोसे में थे, लेकिन नतीजा नहीं था वहीं ईशान स्कोर तो कर रहे थे, लेकिन मौका नहीं था. रायपुर में नतीजे को भरोसा मिला और भरोसे को मौका मिला, और दोनों मिलकर मैच जीत गए.
ईशान किशन की जगह अस्थायी है क्योंकि तिलक वर्मा फिट हुए तो वह नंबर 3 पर लौटेंगे. लेकिन रायपुर की पारी ने एक बात तय कर दी कि ईशान अब सिर्फ “स्टैंडबाय” नहीं हैं. वह एक रणनीतिक विकल्प बन चुके हैं. और सूर्यकुमार? उन्हें भी पता है कि टी20 में गारंटी नहीं होती. लेकिन यह पारी साबित करती है कि उनकी फॉर्म कभी गई नहीं थी - बस उसकी बारी नहीं आई थी.





