5 IPL ट्रॉफी, 10 फाइनल और 12 प्लेऑफ... 18 साल में CSK को इतना कुछ देने वाले स्टीफन फ्लेमिंग ने क्यों छोड़ा फ्रेंचाइजी का साथ- 7 पॉइंट्स
चेन्नई सुपर किंग्स फैंस को एक बड़ा झटका लगा है. टीम के हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने सीएसके फ्रेंचाइजी से अलग होने का फैसला किया है. पिछले 18 साल से फ्लेमिंग सीएसके के साथ आईपीएल में थे.
Stephen Fleming
आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने अब 18 साल के बाद फ्रेंचाइजी से अलग होने का फैसला किया है. इस घोषणा के साथ ही IPL के सबसे लंबे और सफल कोचिंग कार्यकालों में से एक का समापन हो गया. स्टीफन फ्लेमिंग ने 2008 में IPL के पहले सीजन में खिलाड़ी के रूप में CSK से जुड़कर अपनी यात्रा शुरू की थी.
इसके बाद 2009 में उन्होंने मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली और अगले डेढ़ दशक से अधिक समय तक टीम को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. हालांकि पिछले कुछ सीजन सीएसके के लिए अच्छे नहीं रहे और टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच पाई थी.
7 पॉइंट्स में जानें सबकुछ
1. CSK और स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला लिया है. फ्रेंचाइजी के अनुसार, यह निर्णय दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद लिया गया.
2. न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग IPL के पहले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बने थे. अगले ही साल उन्हें टीम का मुख्य कोच बनाया गया और वहीं से शुरू हुआ सफलता का लंबा सिलसिला.
3. स्टीफन फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच IPL खिताब अपने नाम किए. इसके अलावा टीम ने दो चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफियां भी जीतीं और दुनिया की सबसे सफल टी20 फ्रेंचाइजियों में अपनी जगह मजबूत की.
4. फ्लेमिंग के कार्यकाल में CSK ने 12 बार IPL प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया और 10 बार फाइनल तक पहुंची. लगातार प्रदर्शन और स्थिरता ने टीम को लीग की सबसे भरोसेमंद फ्रेंचाइजियों में शामिल कर दिया.
5. CSK की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग दो दशकों तक टीम की सोच, पहचान और जीत की संस्कृति को मजबूत किया. उनके अनुसार, फ्लेमिंग का नेतृत्व, समर्पण और जुनून हमेशा चेन्नई सुपर किंग्स की विरासत का अभिन्न हिस्सा रहेगा.
6. CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने कहा कि फ्लेमिंग का प्रभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं था. उन्होंने टीम के भीतर अनुशासन, निरंतरता और टीम भावना की ऐसी संस्कृति विकसित की, जिसने खिलाड़ियों से लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाया.
7. स्टीफन फ्लेमिंग ने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताए 18 सालों को अपने कोचिंग करियर का सबसे यादगार दौर बताया. उन्होंने कहा कि इस सफर में उन्हें कई शानदार जीत, कठिन चुनौतियां और अविस्मरणीय पल मिले, जिन्हें वह हमेशा याद रखेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी और भविष्य में भी वह टीम का समर्थन करते रहेंगे.




