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वैशाख अमावस्या पर ये उपाय करने से मिलता है पितृदोष से मुक्ति, जानिए धार्मिक महत्व

Vaishakh Amavasya का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इस दिन किए गए पूजा-पाठ और उपायों से पितृदोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है, साथ ही पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति आती है.

woman doing puja
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वैशाख अमावस्या के उपाय

( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 7 April 2026 7:30 AM IST

हिंदू धर्म में वैशाख माह की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है.यह तिथि पितरों को तर्पण, दान-पुण्य और गंगा स्नान के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है.यह तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, पूजा-पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.साथ ही इस दिन पितृदोषों से मुक्ति भी मिलती है.आइए जानते है इस साल कब है वैशाख माह की अमावस्या और दान-पुण्य का महत्व.

वैशाख अमावस्या तिथि 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल को रात 08 बजकर 11 मिनट से होगी जिसका समापन 17 अप्रैल को शाम 5 बजकर 21 मिनट पर होगा.ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, अमावस्या तिथि 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.

दान-स्नान का शुभ मुहूर्त

वैशाख अमावस्या पर दान और स्नान का मुहूर्त, सुबह 04 बजकर 25 मिनट से लेकर 05 बजकर 09 मिनट तक ब्रह्रा मुहूर्त का है.इसके अलावा अभिजीत मुहुर्त पर यानी 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.

वैशाख अमावस्या का महत्व

हिंदू धर्म में वैशाख माह की अमावस्या तिथि को पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए बहुत ही खास माना जाता है.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए तर्पण और दान करने से पितृ संबंधी दोष खत्म होते हैं.वैशाख अमावस्या पर किया गया दान कई गुना फल देना होता है.इस दिन पूजा-पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.

वैशाख अमावस्या पर उपाय

  • वैशाख अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान-पुण्य और विशेष रूप से पितरों के लिए किए गए कार्य कई गुना अधिक फल देते हैं.स्कंद पुराण में भी उल्लेख मिलता है कि इस दिन स्नान, दान और पितृ तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है.
  • वैशाख अमावस्या के दिन गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है.ऐसा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.
  • वैशाख अमावस्या पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए तिल, जल, दूध और पुष्प अर्पित कर तर्पण करना चाहिए.
  • वैशाख अमावस्या के दिन गाय को रोटी, गुड़ और हरा चारा खिलाना बहुत शुभ माना जाता है.इसे पितृ तृप्ति का सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है, जिससे पितरों की आत्मा को संतोष प्राप्त होता है.
  • वैशाख अमावस्या पर गरीबों, ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अत्यंत पुण्यदायक माना गया है.
  • पीपल वृक्ष में पितरों का वास होता है.इसलिए वैशाख अमावस्या के दिन पीपल को जल अर्पित करना, दीपक जलाना और उसकी परिक्रमा करना बहुत शुभ होता है.इससे पितृ प्रसन्न होते हैं.
  • तिल का संबंध पितरों से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है.इस दिन तिल का दान करना और तिल मिले जल से तर्पण करना पितरों को अत्यंत प्रिय होता है.
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