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Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा को न चढ़ाएं ये 5 चीजें, पूजा में भोग और फूल चुनते समय रखें ध्यान

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा, व्रत और भोग अर्पित करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में तुलसी दल, धतूरा, आक और कुछ अन्य फूलों के इस्तेमाल से परहेज किया जाता है.

Shardiya Navratri 2026: 5 Things to Avoid Offering to Maa Durga During Puja
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( Image Source:  Meta AI )
State Mirror Astro
State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 10 Oct 2026 7:00 AM IST

शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होगा. इसी दिन घटस्थापना के साथ नौ दिवसीय पर्व की शुरुआत होगी. नवरात्रि में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर देवी को फल, फूल और मिठाइयों का भोग लगाते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है.

नवरात्रि की पूजा में स्वच्छता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है. पूजा सामग्री चुनते समय भी कुछ धार्मिक मान्यताओं का पालन किया जाता है. मान्यता है कि कुछ वस्तुएं देवी को अर्पित करने से बचना चाहिए. ऐसे में आइए जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा में किन पांच चीजों का इस्तेमाल करने से परहेज किया जाता है.

1. मां दुर्गा को न चढ़ाएं तुलसी दल

हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र माना गया है. भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है, लेकिन मां दुर्गा की पूजा में इसे चढ़ाने की सामान्य परंपरा नहीं है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की पूजा के लिए निर्धारित सामग्री का ही इस्तेमाल करना चाहिए. इसलिए नवरात्रि में माता को भोग लगाते समय तुलसी दल अर्पित करने से बचने की सलाह दी जाती है.

2. धतूरा और आक के फूल चढ़ाने से बचें

धतूरा और आक यानी मदार के फूल मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा से जुड़े हैं. देवी दुर्गा की आराधना में इनका प्रयोग सामान्य रूप से नहीं किया जाता. नवरात्रि में माता को लाल गुड़हल सहित ताजे और स्वच्छ फूल अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है. इसलिए पूजा की थाली में फूल रखते समय इस बात का ध्यान रखें.

3. कनेर और केतकी के फूलों का न करें इस्तेमाल

धार्मिक मान्यताओं में अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा के लिए विशेष फूलों का उल्लेख मिलता है. मां दुर्गा की पूजा में कनेर और केतकी के फूल चढ़ाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है. इसके बजाय माता को ताजे, साफ और सुगंधित फूल अर्पित करें. लाल गुड़हल को देवी दुर्गा की पूजा में विशेष रूप से प्रिय माना जाता है.

4. बासी और खराब फल न चढ़ाएं

नवरात्रि में मां दुर्गा को भोग लगाते समय उसकी शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. माता को हमेशा ताजे और साफ फल अर्पित करने चाहिए. कटे हुए, सड़े-गले या खराब हो चुके फलों को भोग में शामिल करने से बचें. पूजा से पहले फल और अन्य भोग सामग्री की अच्छी तरह जांच कर लें.

5. तामसिक भोजन का न लगाएं भोग

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान सात्विक भोजन का विशेष महत्व होता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार, माता को फल, मिठाई, हलवा, खीर और अन्य सात्विक पकवानों का भोग लगाया जाता है. वहीं, प्याज-लहसुन से बने व्यंजनों और अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों को भोग में शामिल करने से परहेज किया जाता है. इसलिए नवरात्रि की पूजा में सात्विकता और स्वच्छता का ध्यान रखें

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