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शरद पूर्णिमा पर रातभर क्यों जागते हैं? जानें मां लक्ष्मी के पृथ्वी भ्रमण की मान्यता

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा बरसाती हैं.

शरद पूर्णिमा पर रातभर क्यों जागते हैं? जानें मां लक्ष्मी के पृथ्वी भ्रमण की मान्यता
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State Mirror Astro
Edited By:State Mirror Astro2 Mins Read

Updated on: 23 Oct 2026 8:00 AM IST

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस साल यह पर्व 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा, खीर को चांदनी में रखने और रातभर जागरण करने की परंपरा है. आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर रातभर जागने का क्या महत्व है.

कोजागरी का क्या अर्थ है?

कोजागरी शब्द का अर्थ है- 'कौन जाग रहा है?' धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को देखती हैं. मान्यता है कि देवी यह जानती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है.

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व

शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है. इस अवसर पर मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि रात में देवी की आराधना करने और चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. भक्त धन-धान्य, खुशहाली और परिवार की उन्नति की कामना से मां लक्ष्मी तथा भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.

मुख्य द्वार पर दीपक जलाने की परंपरा

शरद पूर्णिमा की शाम घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाने की भी परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इस दिन घर की साफ-सफाई कर पूजा स्थल को सजाना और श्रद्धापूर्वक देवी की आराधना करना भी शुभ माना जाता है.

शरद पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने का भी विशेष महत्व है. दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को चंद्रोदय का समय शाम 4:55 बजे बताया गया है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रमा निकलने के समय में अंतर हो सकता है.

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