रथ सप्तमी पर करें ये 5 उपाय, सूर्य के समान चमकेगा भाग्य, पूरी होगी हर एक मनोकामना
रथ सप्तमी 2026 पर सूर्य देव की पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. जानिए शुभ तिथि, व्रत नियम और 5 प्रभावी उपाय.
हिंदू धर्म में रथ पंचमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है. पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी का त्योहार मनाया जाता है. रथ पंचमी के दिन भगवान सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना का का विधान होता है.
ऐसी मान्यता है कि रथ पंचमी के दिन जो भी व्यक्ति भक्ति और श्रद्धा भाव से सूर्यदेव की उपासना करता है उसके जीवन में धन-धान्य, सुख-सुविधा और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. रथ पंचमी पर कुछ विशेष तरह का उपाय किए जाते हैं, जिससे व्यक्ति का भाग्य चमकता है. आइए जानते है रथ पंचमी पर कौन-कौन से उपाय कारगर और लाभकारी साबित हो सकते हैं.
रथ सप्तमी शुभ तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रथ पचंमी की शुभ तिथि माह महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत शनिवार, 24 जनवरी 2026 को रात 12 जबकर 40 मिनट पर शुरू हो चुकी है और इस तिथि का समापन 25 जनवरी, रविवार रात 11 बजकर 11 मिन तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार रथ पंचमी 25 जनवरी को मनाई जाएगी.
रथ पंचमी पर करें ये उपाय
सूर्यदेव को दें अर्घ्य
इस बार रविवार के दिन रथ सप्तमी का शुभ संयोग बन रहा है. ऐसे में सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रसन्न किया जा सकता है. रथ सप्तमी पर सबसे पहले सुबह स्नान करके उगते हुए सूर्य को जल अर्पित करें. सूर्य को अर्घ्य देने से पहले तांबे के लोटे में जल के साथ लाल फूल, लाल चंदन, अक्षत और कुश डालें. सूर्य देव को अर्ध्य देते हुए सूर्यदेव से संबंधित मंत्रों का जाप करें. इससे सौभाग्य की प्राप्ति होगी.
रथ पंचमी पर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
सूर्यदेव की उपासना में आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत ही लाभकारी साबित होता है. ऐसे में रथ पंचमी के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से जीवन के अनेक कष्टों से मुक्ति मिलती है.. इसके अलावा इस पाठ से हृदय रोग, तनाव, शत्रु कष्ट और असफलताओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है.
सूर्यदेव के निमित्त व्रत
रथ पंचमी पर सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखना बहुत ही अच्छा उपाय माना जाता है. इससे हर तरह की शारीरिक पीड़ा से मुक्ति मिलती है. सूर्य देव की उपासना और रथ पंचमी पर व्रत रखने से निरोगी काया की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन सूर्य भगवान की व्रत कथा सुनी जाए तो इससे मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही मान-सम्मान, धन-यश और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति भी होती है.
रथ पचंमी पर दान करें
रथ पचंमी के दिन दान करने का खास महत्व होता है. ऐसे में इस दिन कुंडली में मौजूद दोषों को दूर करने के लिए और निरोगी जीवन के लिए सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबे का बर्तन, पीले या लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन आदि का दान करें.
सूर्य गायत्री मंत्र का जप
ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात्.
ऊँ सप्ततुरंगाय विद्महे सहस्त्रकिरणाय धीमहि तन्नो रवि: प्रचोदयात्.





