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समझिए स्पीच 'कैसा हराया' का मतलब! मंच पर खड़े-खड़े 22 साल की सहर शेख ने क्यों दिया 62 साल के इस नेता को करारा जवाब?

मुंबई के पास मुंब्रा में हुए ठाणे महानगरपालिका चुनावों में AIMIM की 22 वर्षीय उम्मीदवार सहर शेख की जीत ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. उनके ‘कैसा हराया’ बयान और वायरल भाषण ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया. हिजाब से जुड़ी तस्वीरों को लेकर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है, जिसे समर्थक उनकी निजी पसंद बता रहे हैं. NCP-SP से टिकट न मिलने के बाद AIMIM में शामिल हुई सहर ने जितेंद्र आव्हाड़ के गढ़ में बड़ी जीत दर्ज की. इस जीत को मुंब्रा की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

समझिए स्पीच कैसा हराया का मतलब! मंच पर खड़े-खड़े 22 साल की सहर शेख ने क्यों दिया 62 साल के इस नेता को करारा जवाब?
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( Image Source:  Instagram: saharyunusshaikh )
रूपाली राय
By: रूपाली राय

Published on: 25 Jan 2026 1:48 PM

मुंबई के पास ठाणे महानगरपालिका के मुंब्रा इलाके में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है. यहां AIMIM पार्टी की युवा उम्मीदवार सहर शेख ने वार्ड नंबर 30 से बड़ी जीत हासिल की. उनका स्पीच 'कैसा हराया' जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब सोशल मीडिया पर सहर शेख की एक पुरानी और नई तस्वीरें वायरल हो रही हैं. एक तस्वीर में वे बिना हिजाब (बुर्खा/हिजाब) के नजर आ रही हैं, और एक में हिजाब पहने हुए. कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि पहले सहर 'नॉर्मल' कपड़ों में थीं, लेकिन AIMIM पार्टी में आने के बाद या चुनाव जीतने के लिए हिजाब पहनना शुरू कर दिया.

इसे वे 'वोट बैंक पॉलिटिक्स' या 'धार्मिक दिखावा' कह रहे हैं मतलब, पहले वे ऐसे नहीं दिखती थीं, लेकिन अब वोट के लिए धार्मिक नैरेटिव बना रही हैं. दूसरी तरफ सहर के समर्थक कहते हैं कि यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है और हिजाब पहनना कोई नई बात नहीं है. उनका फोकस विकास और इलाके की बेहतरी पर है. इस पूरे मामले से मुंब्रा की राजनीति में AIMIM की बढ़ती ताकत और स्थानीय स्तर पर नए चेहरे उभरने की बात सामने आ रही है. विवाद अभी भी जारी है और लोग अलग-अलग तरीके से इसकी चर्चा कर रहे हैं.

समझिए क्या है कैसा हराया का मतलब?

वहीं फेसबुक पर ज़ुबैर खान की पोस्ट वायरल हो रही है. जिसमें सहर के उस भाषण का मतलब समझाया जिसमें उन्होंने कहा था 'कैसा हराया'. दरससल सहर ने जितेंद्र आव्हाड़ को चिड़ाने के लिए बोला. जितेंद्र आव्हाड़ NCP-SP (शरद पवार गुट) के बड़े नेता और विधायक हैं. मुंब्रा उनके लंबे समय से मजबूत गढ़ रहा है. वे खुद को सेकुलर नेता बताते हैं और मुस्लिम समुदाय में काफी प्रभाव रखते हैं. वहीं युनुस शेख सहर शेख के पिता हैं. पिछले 23 साल से युनुस शेख जितेंद्र आव्हाड़ के बहुत करीबी दोस्त, समर्थक और सहयोगी रहे. वे आव्हाड़ के साथ मिलकर काम करते थे और मुंब्रा में उनकी मदद करते थे. सहर शेख पहले वे भी NCP-SP से जुड़ी हुई थी. सोशल मीडिया पर वे इंस्टाग्राम रील्स आदि बनाती थीं और युवा चेहरा मानी जाती थी. एक पुरानी तस्वीर वायरल है जिसमें सहर शेख जितेंद्र आव्हाड़ की गोद में बैठी नजर आ रही हैं.

Instagram: saharyunusshaikh

टिकट देने से किया मना

2026 ठाणे महानगरपालिका चुनाव में NCP-SP ने वार्ड 30 से सहर शेख को टिकट देने से मना कर दिया. खबरों के मुताबिक, जितेंद्र आव्हाड़ ने आखिरी समय में उनका टिकट काट दिया. इसके बजाय NCP-SP ने उसी वार्ड से रूमाना शेख नाम की महिला को टिकट दिया. इससे नाराज होकर सहर शेख और उनके पिता युनुस शेख ने AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी) जॉइन कर ली. सहर ने AIMIM के टिकट पर वार्ड 30 से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की. उन्होंने रूमाना शेख को 12,900+ वोटों से हराया. AIMIM ने मुंब्रा से कुल 4 सीटें जीतीं और ठाणे में कुल 5 सीटें मिलीं.

Instagram: saharyunusshaikh

हम किसी के बाप के मोहताज नहीं

विजय सभा में सहर शेख ने कहा, 'कैसा हराया... हमने उन लोगों के अहंकार की धज्जियां उड़ा दीं जिन्हें लगता था कि हम उनके ताल्लुक के मोहताज हैं. हम किसी के बाप के मोहताज नहीं हैं, हम सिर्फ अल्लाह के मोहताज हैं.' यह सीधे जितेंद्र आव्हाड़ पर निशाना था क्योंकि 'बाप' से इशारा उनके पुराने रिश्ते और आव्हाड़ के प्रभाव की तरफ था). उन्होंने आगे कहा कि अगले 5 साल में मुंब्रा को 'हरे रंग में रंग' देंगे (AIMIM का झंडा हरा है). मतलब, इलाके में AIMIM को पूरी तरह मजबूत करेंगे और अगले चुनाव में सभी उम्मीदवार AIMIM के ही होंगे. उनके पिता युनुस शेख ने भी आव्हाड़ पर हमला बोला और कहा कि 'दिमाग खराब हुआ तो मुंब्रा में एंट्री बंद कर देंगे'.

22 साल की यंग सहर शेख

राजनीति में अपने कदम जमाने वाली सहर काफी यंग हैं लगभग 22 साल की है और उन्होंने इस जीत से सबको चौंका दिया. इस इलाके को लंबे समय से NCP के नेता जितेंद्र आव्हाड़ का मजबूत गढ़ माना जाता था. लेकिन सहर ने न सिर्फ शरद पवार गुट की NCP (SP) को हराया, बल्कि BJP, कांग्रेस और शिवसेना के उम्मीदवारों को भी पीछे छोड़ दिया. AIMIM ने मुंब्रा से कुल 4 सीटें जीतीं और ठाणे महानगरपालिका में कुल 5 सीटें हासिल की. यह AIMIM के लिए इस क्षेत्र में काफी बड़ी सफलता मानी जा रही है.

Instagram: saharyunusshaikh

हरे रंग में रंग देंगे मुंब्रा

जीत के बाद सहर शेख ने अपने विजय भाषण में कहा था कि अगले 5 साल में वे मुंब्रा को 'हरे रंग में रंग' देंगे. उन्होंने यह भी कहा, 'हम किसी के बाप के मोहताज नहीं हैं, यह अल्लाह की ताकत से जीत मिली है.' उनका इशारा AIMIM के हरे झंडे की तरफ था. उन्होंने आगे कहा कि अगले नगर निगम चुनाव में मुंब्रा से सभी उम्मीदवार AIMIM के ही होने चाहिए और पूरा इलाका हरा (यानी पार्टी का रंग) हो जाना चाहिए. इस बयान से काफी विवाद हो गया.

Instagram: saharyunusshaikh

मांगनी पड़ी माफी

कई लोगों ने इसे संप्रदायिक रंग देने वाला बताया. BJP और अन्य पार्टियों के नेताओं ने पुलिस में शिकायत की और कहा कि यह लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश है. विवाद बढ़ने पर सहर ने सफाई दी कि 'हरे रंग' से उनका मतलब सिर्फ पार्टी के झंडे का रंग है. उन्होंने कहा, "अगर मेरी पार्टी का झंडा भगवा रंग का होता तो मैं कहती कि मुंब्रा को भगवा रंग में रंग देंगे. बाद में उन्होंने माफी भी मांगी कि अगर किसी की भावनाएं आहत हुईं तो उन्हें खेद है.

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