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Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में भूलकर भी न करें ये काम, पितृ हो सकते हैं नाराज

पितृ पक्ष में कुछ कामों से दूरी रखने की धार्मिक मान्यता है. इन दिनों शादी-ब्याह जैसे मांगलिक काम करने और तामसिक भोजन से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि पितरों के प्रति श्रद्धा बनी रहे.

Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में भूलकर भी न करें ये काम, पितृ हो सकते हैं नाराज
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( Image Source:  META AI )
हेमा पंत
Edited By:हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 19 Sept 2026 2:17 PM IST

इस साल 2026 में श्राद्ध पक्ष 27 सितंबर से शुरू होंगे. पितृ पक्ष में पूर्वजों को याद कर उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण और दान करने की परंपरा है. इस दौरान अगर आप श्राद्ध कर्म करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों शादी, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कामों से दूरी रखी जाती है.

साथ ही, मांस-मदिरा जैसे तामसिक पदार्थों से दूर रहने और बिना जरूरत बड़ी खरीदारी नहीं करनी चाहिए. हालांकि, इन नियमों को लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में मान्यताएं भिन्न हो सकती हैं.

पितृ पक्ष में कौन से काम नहीं करने चाहिए?

पितृ पक्ष को आमतौर पर मांगलिक आयोजनों के लिए उचित समय नहीं माना जाता. इसलिए इस दौरान शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश या नए कारोबार की शुरुआत जैसे बड़े शुभ काम करने से बचने की धार्मिक परंपरा है. इन दिनों को उत्सव के बजाय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और धार्मिक कर्म के लिए समर्पित माना जाता है.

क्यों नहीं काटने चाहिए बाल, दाढ़ी और नाखून

धार्मिक मान्यताओं में श्राद्ध कर्म करने वाले व्यक्ति के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं. ऐसी परंपरा है कि श्राद्ध की अवधि में बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं काटने चाहिए. हालांकि, यह नियम हर परिवार और क्षेत्र में एक जैसा नहीं होता, इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा को भी ध्यान में रखना चाहिए.

तामसिक चीजों से बनाएं दूरी

पितृ पक्ष में सात्विक भोजन को महत्व दिया जाता है. इसलिए मांस, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. कई परंपराओं में प्याज और लहसुन का सेवन भी इस दौरान नहीं किया जाता. मान्यता है कि इन दिनों भोजन में सादगी रखना बेहतर होता है.

क्यों नहीं खरीदनी चाहिए नई चीजें

श्राद्ध पक्ष के दौरान नए कपड़े, वाहन, सोना-चांदी या महंगी चीजें खरीदने से भी कई लोग बचते हैं. धार्मिक दृष्टि से इन दिनों ध्यान भौतिक चीजों के बजाय पितरों के स्मरण, दान और सेवा पर रखने की परंपरा है.

घर में न करें झगड़ा

पितृ पक्ष में घर का माहौल शांत रखने की सलाह दी जाती है. झूठ बोलना, गाली-गलौज करना, बेवजह विवाद करना या किसी का अपमान करना अच्छा नहीं माना जाता. मान्यता है कि इन दिनों परिवार में प्रेम, सम्मान और शांति का वातावरण रखना चाहिए.


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