हसल कल्चर आउट- बैलेंस लाइफ इन, क्या होता है Quiet Ambition जिसे Gen Z कर रहा फॉलो
कभी ऑफिस में देर तक रुकना, ओवरटाइम करना और “बहुत बिज़ी हूं” कहना महत्वाकांक्षा की निशानी माना जाता था. लेकिन Gen Z ने इस सोच को उलट दिया है. अब एम्बिशन का मतलब 14 घंटे काम करना नहीं, बल्कि 8 घंटे काम करके 16 घंटे अपनी जिंदगी जीना है.
ऑफिस में देर रात तक रुकना, वीकेंड पर भी लैपटॉप खोलना और हर समय काम में डूबे रहना कभी मेहनती होने की पहचान माना जाता था. लेकिन Gen Z ने इस हसल कल्चर को चुनौती दे दी है. उनके लिए अब सक्सेस का मतलब सिर्फ प्रमोशन, पैकेज या बड़ा टाइटल नहीं.
बल्कि मेंटल पीस, खाली समय और बैलेंस लाइफ भी है. इसी सोच ने Quiet Ambition ट्रेंड को जन्म दिया है. इसमें एम्बिशन है, लेकिन खुद को थकाए बिना. चलिए जानते हैं आखिर क्या है क्वाइट एम्बिशन और यह जनरेशन इस ट्रेंड को क्यों अपना रही है.
Quiet Ambition आखिर है क्या?
क्वाइट एम्बिशन का मतलब बिना शोर मचाए, बिना खुद को थकाए, अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ना. Gen Z बड़े सपने देखता है, लेकिन उन सपनों के लिए अपनी नींद, सेहत, रिश्ते और मेंटल पीस को दांव पर नहीं लगाना चाहता है. सीधे शब्दों में कहें तो, एम्बिशन बैलेंस हैं, लेकिन उसके लिए बाकी चीजों की कुर्बानी नहीं देनी है.
बर्नआउट नहीं झेलेंगे
पिछली पीढ़ियों में थक जाना, स्ट्रेस में रहना, और काम के दबाव में टूट जाना आम बात थी. इस जनरेशन ने अपने घरों में यह देखा है. इसलिए वे पहले से ही तय करके चलते हैं. “इतना ही काम करेंगे, जितना हमारी सेहत संभाल सके.”
काम हिस्सा है पूरी जिंदगी नहीं
Gen Z के लिए जॉब सिर्फ कमाई का जरिया है, पहचान का एक हिस्सा है न कि पूरी पहचान. वे परिवार, दोस्तों, ट्रैवल, हॉबी, फिटनेस और मानसिक शांति को उतना ही महत्व देते हैं जितना करियर को.
स्किल्स और ग्रोथ रखते हैं मायने
क्वाइट एम्बिशन वाले युवा बड़ी-बड़ी पोस्ट और जल्दी प्रमोशन के पीछे नहीं भागते. वे यह देख रहे हैं कि कौन-सी स्किल उन्हें लंबे समय में आगे बढ़ाएगी, न कि कौन-सा पद उन्हें तुरंत “इम्प्रेसिव” बनाएगा. ऑनलाइन कोर्स, रिमोट वर्क, फ्रीलांसिंग, साइड हसल आज करियर के रास्ते एक नहीं, कई हैं. इसलिए इस जनरेशन के लोगों को जल्दीबाजी नहीं है. वे जानते हैं कि सफलता पाने के कई तरीके हैं.
पर्सनल बाउंड्री अब बहुत जरूरी
क्वाइट एम्बिशन का एक बड़ा हिस्सा है “ना” कहना. ऑफिस के बाद कॉल न उठाना, वीकेंड पर लैपटॉप न खोलना, और छुट्टी को सच में छुट्टी की तरह लेना है. यह अब आम होता जा रहा है.
‘हसल कल्चर’ से दूरी
24x7 काम करने की संस्कृति को Gen Z ने रिजेक्ट कर दिया है. वे मानते हैं कि अगर आप हर समय काम में डूबे हैं, तो आप जिंदगी के बाकी खूबसूरत हिस्सों को मिस कर रहे हैं.
कंपनियों के लिए क्या साइन?
अब कंपनियों को समझना होगा कि नई पीढ़ी सिर्फ सैलरी से प्रभावित नहीं होती. उन्हें फ्लेक्सिबल टाइम, वर्क-लाइफ बैलेंस, मेंटल हेल्थ सपोर्ट और ग्रोथ के मौके चाहिए. जो कंपनियां यह समझ जाएंगी, वही बेहतर टैलेंट को अट्रैक्ट कर पाएंगी. क्वाइट एम्बिशन यह नहीं कहता कि बड़े सपने मत देखो. यह कहता है कि सपने देखो, लेकिन खुद को खोकर नहीं. Gen Z हमें सिखा रहा है कि सफलता का असली मतलब है कि कामयाबी के साथ सुकून भी.





