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आप पर भरोसा करना छोड़ दें! ब्लिंकिट पर भड़क गया कंज्यूमर, भुने चनों ने छोड़ा पीला रंग; जानिए कितना हानिकारक

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पैकेटबंद काले चने धोते समय पानी में पीला रंग निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद लोगों ने खाद्य उत्पादों की क्वालिटी पर सवाल उठाए.

आप पर भरोसा करना छोड़ दें! ब्लिंकिट पर भड़क गया कंज्यूमर, भुने चनों ने छोड़ा पीला रंग; जानिए कितना हानिकारक
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( Image Source:  X: @priyarajputlive )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 28 May 2026 2:20 PM

आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के मन में पैकेटबंद खाद्य उत्पादों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। इस वीडियो में एक व्यक्ति काले चने (छोले) धो रहा है। जब वह चनों को धोता है तो पानी में पीला रंग घुलता दिखाई देता है। यह देखकर हर कोई हैरान है कि क्या हमारे रोजमर्रा के पैकेटबंद खाने में इतने हानिकारक रंग मिलाए जा रहे हैं? यह वीडियो 26 मई को Unfiltered.haribros नाम के पेज पर शेयर किया गया था. व्यक्ति ने बताया कि उसने ये होल फार्म रोस्टेड चने ब्लिंकइट क्विक-कॉमर्स कंपनी से खरीदे थे.

वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में उन्होंने ब्लिंकइट को टैग करते हुए लिखा, '@BlinkitStores, कृपया अपने प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट लिस्ट करने से पहले अच्छी तरह क्वालिटी जांच कर लें. नहीं तो लोग आप पर भरोसा करना बंद कर देंगे.' लाखों लोगों ने इस वीडियो को देखा. इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने बाजार में अवेलेबल पैकेटबंद उत्पादों की क्वालिटी पर सवाल उठाए. सबसे ज्यादा हैरानी उस पैकेजिंग लेबल को देखकर हुई, जिसमें किसी भी तरह के रंग का जिक्र तक नहीं था. इससे साफ पता चलता है कि कंपनियां अक्सर कंज्यूमर को गुमराह करने के लिए लेबल पर पूरी जानकारी नहीं देतीं.'

फ़ूड कलर्स के हानिकारक प्रभाव क्या हैं?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोजाना खाए जाने वाले उत्पादों में मिलाए जाने वाले फ़ूड कलर्स बच्चों और बड़ों दोनों के लिए कितने नुकसानदायक हो सकते हैं. इन रंगों के नियमित इस्तेमाल से बच्चों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. जैसे:

ज्यादा सक्रिय होना (हाइपरएक्टिविटी)

ध्यान केंद्रित न कर पाना (ADHD)

आक्रामक व्यवहार

इनके अलावा एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता की शिकायतें भी आम हैं. इससे स्किन पर चकत्ते, खुजली, सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. कुछ लोगों को तो पेट संबंधी परेशानी भी होती है मतली, उल्टी और दस्त. सबसे गंभीर बात यह है कि कुछ फ़ूड कलर (जैसे रेड 3) जानवरों पर किए गए परीक्षणों में कैंसर का कारण पाए गए हैं यानी लंबे समय तक इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है.

क्या धोने से रंग निकल जाता है?

वीडियो में दिखाए गए तरीके की तरह कई लोग सोचते हैं कि चीजों को अच्छे से धो लेने से सारा रंग निकल जाएगा. लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह पूरी तरह सही नहीं है. धोने से सिर्फ ऊपर की सतह पर लगा रंग या डाई हटती है. रेड 40 और टार्ट्राजीन जैसे पानी में घुलनशील रंग खाने के अंदर तक समा जाते हैं. एक बार वे भोजन में मिलकर जम जाते हैं तो उन्हें पूरी तरह धोकर निकालना बहुत मुश्किल होता है. केवल मजबूत केमिकल पदार्थ जैसे ब्लीच (सोडियम हाइपोक्लोराइट) ही इन रंगों के बंधनों को तोड़ सकते हैं, लेकिन वह घरेलू इस्तेमाल के लिए सुरक्षित नहीं है.

क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

कंज्यूमरको को हर पैकेटबंद प्रोडक्ट का लेबल ध्यान से पढ़ें

उसमें इस्तेमाल किए गए रंगों (Artificial Colours) की लिस्ट चेक करें

संदिग्ध उत्पादों की शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा एजेंसियों से करें

जितना हो सके, ताजा और घरेलू बने खाना खाएं

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