Inside Tripti Dimri's House: चकाचौंध से दूर, सादगी और सुकून से भरपूर है 14 करोड़ का यह आशियाना, देखें तस्वीरें
फिल्मों और ओटीटी पर लगातार सफलता हासिल कर रहीं तृप्ति डिमरी का नया घर इन दिनों चर्चा में है. उनका बंगला लग्जरी से ज्यादा सादगी, प्राकृतिक रोशनी और मॉडर्न इंटीरियर डिजाइन के लिए सुर्खियां बटोर रहा है.
ओटीटी और सिनेमा की दुनिया में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाली तृप्ति डिमरी (Tripti Dimri) इन दिनों सातवें आसमान पर हैं. हाल ही में नेटफ्लिक्स पर आई उनकी फिल्म 'मां बहन' को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है. इस बड़ी कामयाबी के बाद, तृप्ति ने मुंबई के सबसे पॉश और वीआईपी इलाके बांद्रा वेस्ट में अपना एक नया आशियाना बनाया है. लेकिन तृप्ति का यह बंगला बाकी फिल्मी सितारों की तरह चकाचौंध या भड़कीलेपन से दूर, बेहद सादगी और सुकून से भरा है. अगर आप भी अपने घर को एक मॉडर्न और शांत लुक देना चाहते हैं, तो तृप्ति डिमरी के इस 'सीक्रेट विला' के इंटीरियर डिजाइन से काफी कुछ सीख सकते हैं. आइए चलते हैं उनके इस खूबसूरत घर के अंदरूनी सफर पर:
लिविंग रूम जहां पिस्ता रंग बिखेरता है जादू
आमतौर पर लोग लिविंग रूम को चमकीला और तड़क-भड़क वाला बनाना पसंद करते हैं, लेकिन तृप्ति के लिविंग रूम की कहानी एकदम अलग है. यहां सेंटर ऑफ अट्रैक्शन है पिस्ता ग्रीन कलर (Pistachio Green) का सोफा, जो कमरे को एक बेहद फ्रेश लुक देता है. दीवारों पर बहुत ही हल्के और न्यूट्रल रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जो आंखों को सुकून देते हैं. रूम के पूरे डिजाइन में इस बात का ध्यान रखा गया है कि बाहर की प्राकृतिक रोशनी सीधे अंदर आए, जिससे कमरा हमेशा खिला-खिला रहे.
घर के अंदर ही रिसॉर्ट जैसा फील
शहर की भागदौड़ और शूटिंग की थकान मिटाने के लिए तृप्ति ने अपने घर में एक बेहद पर्सनल पूल एरिया तैयार करवाया है. स्विमिंग पूल के चारों तरफ कांच की दीवारें और ढेर सारे इंडोर-आउटडोर प्लांट्स लगाए गए हैं. इस एरिया में ब्लू और ग्रीन (नीले-हरे) शेड्स का ज्यादा इस्तेमाल है, जो पानी की रिफ्लेक्शन के साथ मिलकर एक मैजिकल वाइब क्रिएट करते हैं. यह जगह योग, मेडिटेशन या वीकेंड पर रिलैक्स करने के लिए एकदम परफेक्ट है.
हवादार और खुला-खुला ग्लास इंटीरियर
इस बंगले की सबसे बड़ी खासियत इसकी बड़ी-बड़ी कांच की खिड़कियां और ग्लास पैनल्स (पार्टीशन) हैं. कांच के इस स्मार्ट इस्तेमाल की वजह से घर के अंदर और बाहर का अंतर लगभग खत्म सा हो जाता है. जब सूरज की किरणें इन शीशों से छनकर घर के अंदर आती हैं, तो पूरा बंगला बहुत बड़ा, हवादार और खुला-खुला नजर आता है.
नेचर के करीब एक छोटा सा कोना
मुंबई जैसे शहर में जहां खुली हवा मिलना मुश्किल है, वहीं तृप्ति ने अपनी बालकनी को एक मिनी गार्डन का रूप दे दिया है. यहां बहुत ज्यादा तामझाम न रखते हुए सिर्फ कुछ चुनिंदा खूबसूरत पौधे और बेहद सिंपल सिटिंग अरेंजमेंट किया गया है. यह कोना तृप्ति के लिए शहर के शोर-शराबे से दूर, चाय की चुस्कियां लेते हुए सुकून के पल बिताने की सबसे पसंदीदा जगह है.
बेडरूम का माहौल
बेडरूम किसी भी इंसान का सबसे प्राइवेट स्पेस होता है. तृप्ति ने अपने बेडरूम को चमकीली लाइट्स के बजाय 'शैडो लैम्प्स' (Shadow Lamps) से सजाया है. जब ये लैंप जलते हैं, तो बेडरूम की दीवारों पर बेहद खूबसूरत और पैटर्न्स उभरती हैं. यह वॉर्म लाइटिंग कमरे की सादगी को बिना बिगाड़े उसमें एक क्रिएटिव और रोमांटिक टच जोड़ देती है, जिससे वहां जाते ही नींद और आराम का अहसास होने लगता है.




