Begin typing your search...

नई रिसर्च में हुआ खुलासा, स्ट्रेस से नहीं बढ़ता Blood Pressure, जानें कैसे करें हाइपरटेंशन को कंट्रोल

न्यूज़ीलैंड के वैज्ञानिकों ने एक नया खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि सिर्फ स्ट्रेस के कारण ही ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता है. बल्कि इसका कनेक्शन दिमाग के एक ऐसे हिस्से से है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. साइंटिस्ट्स ने यह रिसर्च चूहों पर की है.

नई रिसर्च में हुआ खुलासा, स्ट्रेस से नहीं बढ़ता Blood Pressure, जानें कैसे करें हाइपरटेंशन को कंट्रोल
X
( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Updated on: 14 Jan 2026 1:15 PM IST

'ज्यादा मत सोच बीपी बढ़ जाएगा' यह बात तो आपने जरूर सुनी होगी? लोगों का मानना है कि स्ट्रेस या मेंटल टेंशन सीधे ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. डॉक्टर और बड़े-बुजुर्ग अक्सर कहते रहे हैं, “टेंशन मत लो, बीपी बढ़ जाएगा.” इसके पीछे यह सोचा जाता था कि तनाव से हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे नसें सिकुड़ती हैं और दबाव बढ़ जाता है.

लेकिन हाल की नई रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है और बताया है कि ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण दिमाग के कुछ खास हिस्से हैं, ना कि सिर्फ स्ट्रेस, डाइट और वजन. चलिए ऐसे में जानते हैं आखिर क्या है असली कारण और कैसे आप हाइपरटेंशन को कंट्रोल रख सकते हैं.

लेटरल पैराफेशियल रीजन है कारण

द सन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूज़ीलैंड के वैज्ञानिकों का दावा है कि हमारे दिमाग का एक कम जाना-पहचाना हिस्सा भी है, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है, जिसे लेटरल पैराफेशियल रीजन कहा जाता है. यह दिमाग के ब्रेनस्टेम में मौजूद होता है, जो आमतौर पर सांस लेना, दिल की धड़कन, पाचन और खांसने-हंसने जैसी ऑटोमेटेड एक्टिविटीज को कंट्रोल करता है. लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया कि यही हिस्सा ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित कर सकता है.

लैब में चूहों पर हुई रिसर्च

यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड के वैज्ञानिकों ने चूहों पर एक अनोखी रिसर्च की. इस दौरान उन्होंने दिमाग के इस खास हिस्से की नसों को कभी एक्टिव किया और कभी शांत किया. नतीजे हैरान करने वाले रहे. जब यह हिस्सा सक्रिय हुआ, तो नसें सिकुड़ गईं और ब्लड प्रेशर बढ़ गया. वहीं, जब इसे डिएक्टिवेट किया गया, तो ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे नॉर्मल लेवल पर वापस आ गया. हालांकि यह अध्ययन फिलहाल केवल जानवरों पर किया गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों में इसे जांचने के लिए और विस्तार से रिसर्च करनी होगी. इसके अलावा यह भी साफ नहीं है कि हाई ब्लड प्रेशर के कितने मामलों में यही दिमाग का यह हिस्सा मुख्य कारण हो सकता है.

टेंशन नहीं दिमाग है कारण

इस रिसर्च को लीड कर रहे डॉक्टर जूलियन पैटन का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर केवल शरीर की समस्या नहीं, बल्कि दिमाग से भी जुड़ा हो सकता है. उनके अनुसार, जब इस स्पेशल ब्रेन रीजन को काम करने से रोक दिया गया, तो ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर लौट आया. यह खोज बताती है कि कुछ मामलों में हाइपरटेंशन की जड़ सीधे दिमाग में छुपी हो सकती है.

ब्लड प्रेशर और दिमाग का रिश्ता

पहले की स्टडीज़ में भी यह पता चला था कि दिमाग शरीर को मैसेज भेजकर दिल की धड़कन और नसों की चौड़ाई को कंट्रोल करता है. यही मैसेज ब्लड प्रेशर को बढ़ाने या घटाने में अहम भूमिका निभाते हैं. नई रिसर्च ने इस संबंध को और अधिक साफ और मजबूत कर दिया है.

क्यों जरूरी है ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना?

हाई ब्लड प्रेशर दिल का दौरा, स्ट्रोक, डिमेंशिया और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है. इसलिए डॉक्टर दवाओं के साथ-साथ सही खानपान, नियमित व्यायाम और वजन कंट्रोल करने की सलाह देते हैं. यह रिसर्च साफ संकेत देती है कि हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ लाइफस्टाइल की बीमारी नहीं, बल्कि दिमाग से जुड़ा मामला भी हो सकता है. आने वाले समय में यह खोज लाखों मरीजों के लिए नई उम्मीद बन सकती है.

कैसे रखें हाइपरटेंशन को कंट्रोल?

हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है सही डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल बदलाव. डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना वर्कआउट करना, सोडियम कम करना, पर्याप्त नींद लेना और मानसिक तनाव को मैनेज करना ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है.

हेल्‍थ
अगला लेख