मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! Sugar ही है हर बीमारी की जड़! जानें मीठे की क्रेविंग को कैसे करें कंट्रोल
अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं, तो आपको सावधान रहना चाहिए, क्योंकि एक्सपर्ट के मुताबिक शुगर ही हर बीमारी की जड़ है. शुगर सिर्फ डायबिटीज वाले मरीजों नहीं बल्कि दिल से लेकर जोड़ों तक के दर्द को बढ़ाने का काम करता है.
शुगर से होने वाली बीमारियां
मीठा स्वाद भले ही पल भर की खुशी देता हो, लेकिन जरूरत से ज्यादा शुगर खाने से कई बीमारियां हो सकती हैं. मशहूर हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर रोहित साने के अनुसार, दिल की बीमारी, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर, जोड़ों का दर्द और हड्डियों की कमजोरी जैसी कई समस्याएं शुगर के कारण होती है.
यही वजह है कि डॉक्टर शुगर को कई बीमारियों की जड़ मानते हैं. ऐसे में आपको शुगर क्रेविंग को कंट्रोल करने का तरीका पता होना चाहिए. साथ ही, बार-बार मीठा खाने की इच्छा भी शरीर में न्यूट्रिशन इंबैलेंस का साइन हो सकती है. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि शुगर क्रेविंग क्यों होती है और इसे सही तरीके से कैसे कंट्रोल किया जा सकता है.
दिल से जुड़ी बीमारी
जब रोज़ाना अधिक मीठा खाया जाता है, तो खून में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने लगते हैं. यह एक टाइप का फैट है, जो धमनियों में जमा होकर उन्हें सख्त और संकरा बना सकता है. नतीजतन ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है. समय के साथ यही कंडीशन हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकती है.
फैटी लिवर से है कनेक्शन
शुगर से फैटी लिवर की भी समस्या हो जाती है. लिवर शरीर में शुगर को प्रोसेस करके उसे फैट में बदल देता है. जब शुगर की मात्रा ज्यादा होती है, तो यह फैट लिवर में जमा होने लगता है, जिसे फैटी लिवर कहा जाता है. यह समस्या आगे चलकर कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज़ और हाई बीपी जैसी स्थितियों का रास्ता खोल सकती है. यानी ज्यादा मीठा लिवर के काम करने के तरीके पर साइलेंट असर डालता है.
हड्डियों और जोड़ों पर असर
अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए, क्योंति अधिक शुगर से शरीर में सूजन हो सकती है. इससे जोड़ों में दर्द, अकड़न और असहजता महसूस हो सकती है. साथ ही, कैल्शियम के नुकसान के कारण हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है. घुटनों, कमर और उंगलियों का दर्द कई बार इसी वजह से बढ़ता है.
क्यों होती है बार-बार मीठा खाने की इच्छा?
डॉक्टर रोहित साने के अनुसार, जब खाने में प्रोटीन और फाइबर कम होता है, तो शरीर जल्दी एनर्जी पाने के लिए शुगर की डिमांड करता है. यह असली भूख नहीं, बल्कि पोषण की कमी का संकेत हो सकता है. इसलिए क्रेविंग को समझना जरूरी है.
शुगर क्रेविंग को कैसे काबू करें?
- हर मील में दाल, पनीर, अंडा, दही या टोफू जैसे प्रोटीन शामिल करें.
- फल, सब्ज़ियां, सलाद और साबुत अनाज से फाइबर बढ़ाएं.
- मीठा खाने का मन हो, तो पूरा फल या थोड़ी डार्क चॉकलेट बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं.





