मोदी सरकार को लगा बड़ा झटका, लोकसभा में नहीं पास हो सका महिला आरक्षण बिल; दो तिहाई बहुमत से चूकी NDA
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पास नहीं हो सका. मोदी सरकार विधेयक को पास होने के लिए जरूरी संख्या नहीं जुटा पाई.
278 वोट मिले फिर भी पास नहीं हुआ महिला कोटा बिल, आंकड़ों में फंसी सरकार
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा बड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका. लोकसभा में पेश किए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिसके चलते यह बिल गिर गया. इसके साथ ही, लोकसभा की कार्रवाई शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संवैधानिक संशोधन विधेयक को गिराने को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करेगी.
मतदान के दौरान 278 सांसदों ने बिल के समर्थन में वोट दिया, जबकि 211 सांसदों ने विरोध किया. कुल 489 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया. हालांकि, साधारण बहुमत मिलने के बावजूद यह बिल पारित नहीं हो सका क्योंकि संवैधानिक संशोधन के लिए विशेष बहुमत यानी दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है.
क्यों नहीं पास हो पाया बिल?
संविधान संशोधन के लिए मौजूद और मतदान करने वाले सांसदों में दो-तिहाई समर्थन जरूरी होता है. लोकसभा की प्रभावी संख्या 537 मानी जाए तो दो-तिहाई का आंकड़ा करीब 360 बनता है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास लोकसभा में 293 सांसद हैं, जो जरूरी आंकड़े से 67 कम है. इसी वजह से बिल पारित नहीं हो सका.
राज्यसभा में भी होती मुश्किल
अगर यह बिल लोकसभा से पास हो जाता, तो राज्यसभा में भी इसे चुनौती मिलती. राज्यसभा में जरूरी संख्या 163 है. इसमें से NDA को 142 से ज्यादा मत मिल सकते थे, लेकिन यह जरूरी संख्या से 21 सीट कम है. इससे साफ है कि सरकार के लिए दोनों सदनों में बिल पास कराना मुश्किल था.
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना सोचे-समझे नरेंद्र मोदी सरकार के फैसलों का विरोध करती है. शाह ने यह भी कहा कि बीजेपी ने कई राज्यों में महिला मुख्यमंत्री बनाए. देश को पहली महिला राष्ट्रपति देने का श्रेय भी बीजेपी को जाता है. महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए बीजेपी प्रतिबद्ध है. उन्होंने चेतावनी दी कि महिला आरक्षण बिल के विरोध के कारण आने वाले चुनावों में कांग्रेस को महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है.




