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जादूगर से लेकर '16 नंबर की पहेली' तक, Rahul Gandhi के भाषण में ऐसा क्या जिस पर संसद में मचा हंगामा

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चल रही बहस ने बीते दो दिनों में सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ गया.

जादूगर से लेकर 16 नंबर की पहेली तक, Rahul Gandhi के भाषण में ऐसा क्या जिस पर संसद में मचा हंगामा
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 17 April 2026 6:29 PM

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चल रही बहस ने बीते दो दिनों में सियासी तापमान को चरम पर पहुंचा दिया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी का भाषण सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ गया. उनके शब्दों ने न सिर्फ सदन के माहौल को गरमा दिया, बल्कि देशभर में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया.

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में जहां प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे तंज कसे, वहीं '16 नंबर की पहेली' के जरिए ऐसा रहस्य खड़ा कर दिया जिसने संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी.

‘जादूगर’ वाले बयान पर क्यों भड़की बीजेपी?

बहस के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'बालाकोट, नोटबंदी और ऑपरेशन सिंदूर का जादूगर बताया. उन्होंने कहा कि 'सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है.बालाकोट, नोटबंदी और सिंदूर का जादूगर अब आखिरकार बेनकाब हो चुका है.' इस बयान के बाद भाजपा सांसदों ने जोरदार विरोध किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे 'बेहद आपत्तिजनक' बताया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने इसे सेना का अपमान करार दिया.

स्पीकर की फटकार और राहुल का जवाब क्या रहा?

हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए साफ कहा कि इस तरह की भाषा सदन की गरिमा के खिलाफ है और राहुल गांधी को विषय पर केंद्रित रहने को कहा. इसके बाद राहुल गांधी ने जादूगर शब्द का इस्तेमाल न करने पर सहमति जताई, लेकिन भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि 'आप (भाजपा) भारत के लोग नहीं हैं... आप सशस्त्र बलों के पीछे छिप रहे हैं.'

'16 नंबर की पहेली' ने क्यों बढ़ाया सस्पेंस?

अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने एक रहस्यमयी पहेली छेड़ते हुए कहा कि 'इस पहेली का पूरा जवाब ‘16’ नंबर में है. सब कुछ ‘16’ नंबर में ही है." इस एक लाइन ने पूरे सदन में उत्सुकता पैदा कर दी. सांसदों से लेकर आम लोगों तक हर कोई इस ‘16’ का मतलब निकालने में जुट गया. राहुल ने खुद भी लोगों से कहा कि जो इस पहेली को समझे, वह सोशल मीडिया पर साझा करे.

आखिर ‘16’ नंबर का मतलब क्या हो सकता है?

राहुल गांधी ने इस पहेली के पीछे की अपनी सोच भी साझा की. उन्होंने कहा कि 'कल मैं प्रधानमंत्री को बोलते हुए देख रहा था. ऊर्जा बिल्कुल कम थी, टूटे हुए लग रहे थे. कुछ भी असर नहीं हो रहा था, कुछ भी संप्रेषित नहीं हो रहा था.' उन्होंने आगे कहा कि तो मैं उन्हें देख रहा था और तभी मैंने अपने फोन पर देखा- 16 अप्रैल… मैंने कहा, ‘हे भगवान, कितना अजीब है. यही वो नंबर है- 16!’" उनके इस बयान के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया. कोई इसे राजनीतिक गणित से जोड़ रहा है, तो कोई अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तलाश रहा है.

क्या ‘16’ का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी है?

राहुल गांधी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं और तेज हो गईं. इसी बीच कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से एक इशारा भी सामने आया कि 'सोलह सुनने में एपस्टीन जैसा लगता है, है ना? इस टिप्पणी के बाद ‘16’ को लेकर बहस ने नया मोड़ ले लिया और इसे वैश्विक विवादों से जोड़कर भी देखा जाने लगा.

सरकार के बिल को 'Panic reaction' क्यों बताया?

महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर राहुल गांधी ने सरकार पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी तरह से पता था कि यह बिल पास नहीं हो सकता... यह एक घबराहट में लिया गया फैसला था.' उन्होंने इसके पीछे दो प्रमुख मकसद बताए. पहला, भारत के चुनावी नक्शे को बदलना. दूसरा, प्रधानमंत्री को महिला समर्थक के रूप में पेश करना.'

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