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JEE ADVANCED क्या है और इसके जरिए कहां मिलता है एडमिशन? जानें कितनी बार दे सकते हैं ये एग्जाम

अगर आप भी आईआईटी से पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, तो आपको पहले पता होना चाहिए कि जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड क्या है. दरअसल पहले जेईई मेन्स का एग्जाम पास किया जाता है. उसके बाद ही आप JEE ADVANCED के लिए क्वालीफाई होते हैं.

JEE ADVANCED क्या है और इसके जरिए कहां मिलता है एडमिशन? जानें कितनी बार दे सकते हैं ये एग्जाम
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हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 9 Jan 2026 5:44 PM IST

आईआईटी में पढ़ाई करने का सपना लाखों छात्रों देखते हैं, लेकिन इस सपने तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ एक ही परीक्षा से होकर गुजरता है, जिससे जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) कहा जाता है. यह एग्जाम देश के सबसे मुश्किल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम में गिना जाता है.

लेकिन अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल होता है कि जेईई एडवांस्ड क्या है, इससे किन कॉलेजों में एडमिशन मिलता है और इसे कितनी बार दिया जा सकता है. कुछ ऐसे ही सवालों के आज हम आपके लिए जवाब लेकर आए हैं, ताकि आप सही तरीके से इस एग्जाम के लिए तैयारी कर सके.

जेईई परीक्षा कितने चरणों में होती है?

इंजीनियरिंग में दाख़िले के लिए जेईई परीक्षा दो चरणों में होती है. इनमें जेईई मेन (JEE Main) और जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) शामिल है. दोनों परीक्षाओं का मकसद, कठिनाई लेवल और एडमिशन का प्रोसेस अलग-अलग होता है. जेईई मेन का एग्जाम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कराती है. इस परीक्षा के ज़रिए छात्रों को देश के कई नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाख़िला मिलता है, जैसे-

  • 31 एनआईटी (NITs)
  • 26 आईआईआईटी (IIITs)
  • 26 से ज़्यादा सरकारी फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट (GFTIs)
  • डीटीयू, एनएसयूटी जैसे राज्य स्तरीय टॉप कॉलेज
  • कई निजी और सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज

साथ ही, जेईई मेन ही वो परीक्षा है जिसके आधार पर स्टूडेंट जेईई एडवांस्ड देने के लिए क्वालिफाई करते हैं.

जेईई एडवांस्ड क्या है और इससे कहां एडमिशन मिलता है?

जेईई एडवांस्ड देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा मानी जाती है. इस एग्जाम को हर साल अलग-अलग आईआईटी (IIT) बारी-बारी से कराते हैं. “जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड के लिए एक तरह का स्क्रीनिंग टेस्ट होता है.” जेईई एडवांस्ड के ज़रिए देश के 23 आईआईटी में बीटेक समेत अन्य कोर्सेज़ में दाख़िला मिलता है.

कितने छात्र एडवांस्ड देते हैं?

जेईई मेन 2026 के लिए 14 लाख से ज़्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया. इनमें से केवल लगभग ढाई लाख छात्र ही जेईई एडवांस्ड देने के योग्य होते हैं. यानी मुकाबला बेहद कड़ा होता है.

जेईई एडवांस्ड कितनी बार दे सकते हैं?

जेईई एडवांस्ड सिर्फ 2 बार दिया जा सकता है. एक 12वीं क्लास में रहते हुए दे सकते हैं. दूसरा अगले साल भी यह एग्जाम दिया जा सकता है.

जेईई एडवांस्ड का परीक्षा पैटर्न

  • कुल दो पेपर (पेपर-1 और पेपर-2)
  • हर पेपर की अवधि: 3 घंटे
  • प्रश्न प्रकार:
  • MCQ
  • न्यूमेरिकल
  • मैट्रिक्स-मैच
  • सवालों की संख्या और मार्किंग हर साल बदलती है

दोनों परीक्षाओं में असली फर्क क्या है?

सिलेबस लगभग एक जैसा होता है (11वीं–12वीं PCM). सबसे बड़ा फर्क कठिनाई स्तर का होता है जेईई एडवांस्ड के सवाल ज़्यादा गहराई वाले और कॉन्सेप्ट आधारित होते हैं.

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