Begin typing your search...

20 सेकंड के वीडियो, 1.3 लाख WhatsApp ग्रुप; पश्चिम बंगाल में BJP का डिजिटल फॉर्मूला कैसे करेगा TMC पर वार?

पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार जमीनी स्तर से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक रणनीति तैयार की है.

West Bengal Elections 2026 BJP campaign Strategy
X

BJP vs TMC

( Image Source:  AI: Sora )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर4 Mins Read

Updated on: 18 March 2026 1:22 PM IST

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार जमीनी स्तर से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक रणनीति तैयार की है.

भाजपा ने 1.3 लाख से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू कर दी है, जबकि सोशल मीडिया पर छोटे-छोटे वीडियो और बड़े नेताओं के प्रचार अभियान के जरिए मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है. इस अभियान की कमान खुद नरेंद्र मोदी संभालते नजर आ सकते हैं.

क्या है व्हाट्सएप ग्रुप का मकसद?

भाजपा द्वारा बनाए गए हजारों व्हाट्सएप समूहों का उद्देश्य केवल सूचना साझा करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर की गतिविधियों पर नजर रखना भी है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन समूहों के जरिए स्थानीय मुद्दों को पहचानने और उन्हें चुनावी बहस का हिस्सा बनाने में मदद मिल रही है.

किन मुद्दों पर है फोकस?

भाजपा की रणनीति का मुख्य फोकस सरकारी कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के मतदाताओं पर है. एक पार्टी सूत्र के अनुसार "पश्चिम बंगाल के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, जिन्होंने पिछले सितंबर से राज्य का कई बार दौरा किया है, द्वारा जांच-परख किए जाने के बाद, पिछले छह महीनों में जमीनी स्तर से मिली प्रतिक्रिया ने हमें इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की है." पार्टी सातवें वेतन आयोग, सरकारी नौकरियों में कमी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है.

सूत्रों का दावा है कि राज्य में कुछ वर्गों के बीच सरकार के प्रति असंतोष है, जिसे भाजपा अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है. एक अन्य नेता ने कहा "उदाहरण के लिए, ये समूह हमें सातवें वेतन आयोग के लागू न होने, सरकारी नौकरियों में भर्ती की कमी और राज्य में अराजकता को लेकर मतदाताओं के बीच असंतोष का आकलन करने में मदद करते हैं."

‘परिवर्तन यात्रा’ में क्या किए वादे?

हाल ही में शुरू हुई ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कई बड़े वादे किए. उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा, सरकारी नौकरियों में रिक्त पद भरे जाएंगे और कानून-व्यवस्था में सुधार किया जाएगा. साथ ही घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई का भी वादा किया गया.

किस तरह के कैंपेन पर जोर?

भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए 20-30 सेकंड के छोटे वीडियो क्लिप तैयार किए हैं, जिनमें दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं के संदेश शामिल हैं. एक नेता के अनुसार "इसके अलावा, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता पर केंद्रित दर्जनों छोटे विज्ञापन प्रतिदिन लाखों सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रसारित हो रहे हैं."

कितने वोटर्स पर पड़ेगा प्रभाव?

भाजपा का दावा है कि इन रणनीतियों से 20 लाख से 50 लाख मतदाताओं पर प्रभाव पड़ सकता है. चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में करीब 7.04 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 60 लाख से अधिक मतदाता विचाराधीन श्रेणी में हैं.

India Newsममता बनर्जीविधानसभा चुनाव 2026
अगला लेख