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SCO समिट में नई डिप्लोमेसी का आगाज़! तियानजिन में मोदी-पुतिन की 'पावर मीटिंग', ट्रंप टैरिफ के जवाब का फिक्स होगा प्लान?

SCO समिट 2025 में नई डिप्लोमेसी का रंग दिखा, जब तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम मुलाकात हुई. इस "पावर मीटिंग" को भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा देने वाला कदम माना जा रहा है. बातचीत में ऊर्जा सहयोग, रक्षा साझेदारी और वैश्विक तनावों के बीच साझा रणनीतियों पर चर्चा हुई.

SCO समिट में नई डिप्लोमेसी का आगाज़! तियानजिन में मोदी-पुतिन की पावर मीटिंग, ट्रंप टैरिफ के जवाब का फिक्स होगा प्लान?
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( Image Source:  Social Media )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 1 Sept 2025 7:54 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को चीन के तिआनजिन पहुंचे, जहां वह 25वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं. आज वह शिखर सम्मेलन के प्लेनरी सेशन को संबोधित करेंगे और भारत की SCO के तहत क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की रणनीति पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे.

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विशेष ब्रीफिंग में जानकारी दी कि प्लेनरी सेशन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और उसके बाद भारत लौटेंगे. यह यात्रा 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगी.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने इस बात पर संतोष जताया कि पिछले साल सफलतापूर्वक डिसएंगेजमेंट हुआ और सीमा क्षेत्रों में शांति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि विकास भागीदार हैं और मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए बेहद ज़रूरी है.

सीमाई मुद्दों पर सहमति और विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि सीमा विवाद का समाधान निष्पक्ष, उचित और आपसी स्वीकार्य होना चाहिए. उन्होंने हाल ही में विशेष प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत का स्वागत किया और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

लोगों से जुड़ाव पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने लोगों से लोगों को जोड़ने वाली पहलों पर भी जोर दिया. इसमें सीधी उड़ानों की बहाली, वीज़ा प्रक्रिया में सरलता, कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत और टूरिस्ट वीज़ा शामिल हैं. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 में भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया, जिसे चीनी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया और भारत की अध्यक्षता का समर्थन करने का आश्वासन दिया.

SCO में भारत की भूमिका

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वर्तमान में 10 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, ईरान, कज़ाख़िस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं. भारत 2005 से ऑब्जर्वर और 2017 से पूर्ण सदस्य है. 2020 में भारत ने SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की अध्यक्षता की थी और 2022-23 में हेड्स ऑफ स्टेट की.

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