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Free Laptop से लेकर फ्री स्कूटी तक, पीएम मोदी को लेकर किए जा रहे ऐसे-ऐसे फर्जी दावे, Fact Check में जानें सच्चाई

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम पर फ्री लैपटॉप और स्कूटी देने के वायरल दावे पूरी तरह फर्जी निकले. PIB Fact Check ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई सरकारी योजना नहीं चल रही है और ये वीडियो AI से बनाए गए हैं.

Free Laptop से लेकर फ्री स्कूटी तक, पीएम मोदी को लेकर किए जा रहे ऐसे-ऐसे फर्जी दावे, Fact Check में जानें सच्चाई
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( Image Source:  @PIBFactCheck-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी2 Mins Read

Published on: 30 March 2026 9:57 PM

देश में जहां एक तरफ मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर माहौल गरम है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर फर्जी दावों की बाढ़ आ गई है. इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े कुछ AI-जनरेटेड वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें फ्री लैपटॉप और फ्री स्कूटी देने का दावा किया जा रहा है.

एक वायरल वीडियो में पीएम मोदी को यह कहते हुए दिखाया जा रहा है कि सरकार छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दे रही है, जिसके लिए सिर्फ एक फॉर्म भरना होगा. वहीं दूसरे वीडियो में दावा किया गया है कि 15 मार्च से देश के सभी नागरिकों को मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी.

जानिए वायरल वीडियो का सच?

इन वीडियो को शेयर करते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स लोगों को गूगल पर जाकर फॉर्म भरने की सलाह भी दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि कुछ ही दिनों में लैपटॉप या स्कूटी घर पहुंच जाएगी. हालांकि, इन दावों की सच्चाई सामने आ गई है. Press Information Bureau की फैक्ट चेक यूनिट PIB Fact Check ने इन सभी वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है.

PIB Fact Check के मुताबिक, वायरल हो रहे ये वीडियो AI के जरिए तैयार किए गए हैं और इनमें किया गया दावा भ्रामक है. केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री की ओर से ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है. फैक्ट चेक में यह भी साफ किया गया कि ‘PM डिजिटल लैपटॉप योजना’ नाम से कोई स्कीम फिलहाल सरकार नहीं चला रही है. इसी तरह फ्री स्कूटी देने का दावा भी पूरी तरह झूठा है.

सरकार ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लुभावने दावों के झांसे में न आएं और बिना जांचे-परखे किसी भी लिंक या फॉर्म को न भरें. साथ ही, संदिग्ध वीडियो और मैसेज को आगे फॉरवर्ड करने से भी बचें. आधिकारिक जानकारी के लिए नागरिकों को केवल सरकारी वेबसाइट्स जैसे myscheme.gov.in या संबंधित विभाग के पोर्टल पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है.

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