जंतर-मंतर के बाद अब SC तक मार्च करेगा विपक्ष, SIR-वोट चोरी के मुद्दे पर CJI से मिलने की तैयारी; क्या बोले राहुल गांधी? 10 बड़े अपडेट्स
विपक्षी दल सोमवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं. उनका मकसद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मिलकर कथित वोट चोरी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपना है.
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट तक अपनी लड़ाई ले जाने की तैयारी की है. सोमवार को विपक्षी दलों के नेता कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे. उनकी योजना मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलकर ज्ञापन सौंपने की है. विपक्ष इस ज्ञापन के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगें उठाना चाहता है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मार्च से पहले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी लोकतंत्र की चिंता करने वाले नागरिकों से साथ आने को कहा है. इस बार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मार्च में शामिल होंगे. इससे पहले के दो मार्च मे वह शामिल नहीं हुए थे. विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ी है.
सुप्रीम कोर्ट मार्च से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक निकलेगा मार्च: विपक्षी नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में मार्च निकालने की योजना बनाई है. इसकी शुरुआत कनॉट प्लेस से होगी और नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ेंगे. वे शाम चार बजे के बाद CJI से मिलने की कोशिश करेंगे.
- CJI सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने की तैयारी: विपक्षी दलों का कहना है कि उनके वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को ज्ञापन देगा. इसके जरिए वे चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताएं सामने रखना चाहते हैं.
- ‘वोट चोरी’ के आरोप को फिर उठाएगा विपक्ष: राहुल गांधी और कांग्रेस के दूसरे नेता चुनाव में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए. ये विपक्ष के आरोप हैं; इन्हें साबित हो चुका तथ्य नहीं माना जाना चाहिए.
- SIR रोकने की मांग भी मार्च का हिस्सा: विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को रोकने की मांग कर रहा है. उसका कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी है. मार्च के जरिए इसी मांग को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने की कोशिश होगी.
- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भी जोर: विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहा है. कांग्रेस नेताओं ने अपने बयानों में चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं. मार्च में इस मांग को भी प्रमुखता से उठाने की योजना है.
- इस बार मार्च में शामिल होंगे अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सोमवार के मार्च में शामिल होंगे. वह इससे पहले के दो मार्च में शामिल नहीं हुए थे. ऐसे में इस बार उनकी मौजूदगी विपक्षी एकजुटता के लिहाज से अहम होगी.
- राहुल गांधी का संदेश- डरो मत: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों के साथ मार्च करेंगे. उन्होंने युवाओं, नागरिक समाज और दूसरे विपक्षी दलों से भी साथ आने की अपील की. उनका संदेश है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आवाज उठाई जानी चाहिए.
- केसी वेणुगोपाल ने लोगों से साथ आने की अपील की: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित हर भारतीय को विरोध मार्च में शामिल होना चाहिए. उन्होंने इसे देशव्यापी ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन बताया. उनके मुताबिक, विपक्ष के सांसद, नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं.
- जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया: राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने आए लोगों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए. विपक्ष इस घटना को लेकर भी सरकार और पुलिस पर सवाल उठा रहा है.
- अब नजर इस बात पर कि CJI से मुलाकात हो पाती है या नहीं: विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है... लेकिन मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहेगी और प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात का अवसर मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है. इसलिए सोमवार की कार्रवाई और CJI से मिलने की कोशिश पर सबकी नजर रहेगी.
राहुल गांधी ने लिखा, “कल दिल्ली में देश के युवा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे. वे अपने दिलों में प्रेम लेकर आए, न कि नफरत या क्रोध लेकर... पुलिस और भाजपा के गुंडों ने उन पर हमला किया. यह वह भारत नहीं है जो हम चाहते हैं.”




