55 हजार वर्गफुट के नए ऑफिस में 39 CISF जवानों की तैनाती से लेकर CISO की नियुक्ति तक, पेपर लीक रोकने के लिए NTA ने क्या कदम उठाया?
NEET, JEE और दूसरे बड़े एग्जाम कराने वाली NTA ने पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े सुरक्षा सवालों के बीच अपने दिल्ली के नए मिंटो रोड ऑफिस में गोपनीय परीक्षा कार्यों की सुरक्षा के लिए 39 CISF जवान तैनात किए हैं. यह बदलाव 2024 के NEET-UG पेपर लीक के बाद NTA में चल रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा है.
देश में NEET, JEE Main और UGC-NET जैसे बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कराने वाली National Testing Agency यानी NTA ने अपनी परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली के मिंटो रोड स्थित नए ऑफिस में अब परीक्षा से जुड़े संवेदनशील और गोपनीय कामों की सुरक्षा के लिए 39 CISF जवानों की तैनाती की गई है. नए सुरक्षा ढांचे में सिर्फ गेट पर पहरा ही नहीं, बल्कि संवेदनशील इलाकों में आने-जाने वालों की स्क्रीनिंग और डिजिटल सिस्टम की निगरानी भी शामिल है.
NTA का नया ऑफिस Government of India Press Building, Minto Road में बनाया गया है. एजेंसी को इस परिसर में करीब 55,524.53 वर्गफुट जगह मिली है. इसमें पांचवीं मंजिल के साथ चौथी और छठी मंजिल के कुछ हिस्से शामिल हैं. पिछले करीब एक महीने में NTA ने अपने गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को पुराने ओखला ऑफिस से इस नई जगह पर शिफ्ट किया है.
NTA ने पेपर लीक को रोकने के लिए क्या कदम उठाया है?
- नए ऑफिस में NTA ने अलग से Confidential Areas चिन्हित किए हैं. इन इलाकों में परीक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील काम किए जाएंगे और यहां लोगों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी.
- इन क्षेत्रों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर CISF की तैनाती की गई है. यहां आने वाले लोगों और सामान की जांच के लिए X-ray baggage screening machines और Door Frame Metal Detectors यानी DFMDs का इस्तेमाल किया जाएगा. मकसद यह है कि परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील सामग्री तक किसी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच न हो.
- इस नए परिसर की सुरक्षा व्यवस्था गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद लागू की गई है. Government of India Press Building के दूसरे हिस्सों में पहले से CISF सुरक्षा मौजूद है, लेकिन अब NTA के परीक्षा संबंधी गोपनीय काम के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
- NTA का सुरक्षा प्लान सिर्फ पेपर और ऑफिस की फिजिकल सुरक्षा तक सीमित नहीं है. एजेंसी परीक्षा से जुड़े तकनीकी सिस्टम को भी ज्यादा सुरक्षित बनाने पर काम कर रही है. इसके तहत strict access controls, encryption standards, immutable logging और tamper-evident storage जैसी तकनीकों को लागू करने की तैयारी है.
- आसान भाषा में समझें तो कोशिश यह है कि संवेदनशील डेटा तक कौन पहुंच रहा है, उसने क्या बदलाव किया और सिस्टम में कब क्या हुआ, इन सबका रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और किसी तरह की छेड़छाड़ का पता लगाया जा सके.
- NTA परीक्षा के पूरे डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा की समीक्षा भी कर रही है. इसमें उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान से लेकर एडमिट कार्ड, Computer-Based Test, OMR processing और रिजल्ट सिस्टम तक शामिल हैं.
- NTA परीक्षा केंद्रों पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक की सुरक्षा भी मजबूत करने की तैयारी कर रही है. इसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस मैचिंग, CCTV और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं. परीक्षा शुरू होने से पहले संबंधित तकनीकी सिस्टम की सिक्योरिटी रेडीनेस की समीक्षा करने की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है.
- इसके अलावा परीक्षा के दौरान किसी साइबर घटना से निपटने के लिए अलग Cyber Incident Response System तैयार करने की योजना है. परीक्षा के दिनों में Security Operations Centre की निगरानी और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ाई जाएगी.
- NTA में एक समर्पित Chief Information Security Officer यानी CISO की नियुक्ति भी की जा रही है. एजेंसी ने इस पद से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की है और CERT-In तथा C-DAC से संबद्ध एजेंसियों के जरिए स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी ऑडिट भी जारी हैं.
2024 NEET पेपर लीक के बाद बढ़ी थी चिंता
NTA की यह पूरी सुरक्षा कवायद 2024 के NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों के बाद हो रही है. उस मामले ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंता पैदा की थी. इसके बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई गई थी. कमेटी की सिफारिशों में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र की सुरक्षा, OMR प्रोसेसिंग और रिजल्ट तैयार करने तक पूरी प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया.
NTA ने इसके बाद अपने संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव शुरू किए हैं. एजेंसी ने नए विशेषज्ञों और अधिकारियों को जोड़ने, प्रश्नपत्रों की कई स्तरों पर जांच और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग विशेषज्ञ पद तैयार करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट भी NTA की नई व्यवस्था देखेगा
NTA की नई व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट की भी नजर है. सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने NTA के नए मिंटो रोड ऑफिस का दौरा कर वहां की इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर व्यवस्था देखने की बात कही थी. कोर्ट ने परीक्षा प्रणाली को संस्थागत रूप से मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया. यानी NTA में अब परीक्षा सुरक्षा को सिर्फ प्रश्नपत्र को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रखा जा रहा. ऑफिस की फिजिकल सिक्योरिटी, कर्मचारियों की एंट्री, CCTV निगरानी, डिजिटल सिस्टम, साइबर सिक्योरिटी और परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग—पूरे एग्जाम साइकल को सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है.




