अमेरिका से लाओ-हेडिंग काटो-ठप्पा मारो... देश में ऐसे तैयार हुई एथेनॉल पॉलिसी, वायरल हो रहा Nitin Gadkari का वीडियो
एथेनॉल पॉलिसी को लेकर विरोध के बीच अब नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि उनके पास स्टैंडर्ड सेट करने का टाइम नहीं था. इसलिए उन्होंने अमेरिका की पॉलिसी को कॉपी पेस्ट किया.
देश में E20 पेट्रोल को लेकर बवाल जारी है. जहां सरकार को पहले ही इस कदम के लिए घेरा जा रहा था. अब इस बीच सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आ गया है, जो एथेनॉल पॉलिसी को लेकर कई सवाल उठाता है . दरअसल वीडियो में गडकरी कहते सुनाई दे रहे हैं कि भारतीय विभागों को एथेनॉल के स्टैंडर्ड तैयार करने में कई साल लग रहे थे.
इसके बाद उन्होंने अमेरिका और यूरोप में मौजूद मानकों को आधार बनाकर काम आगे बढ़ाने की बात कही. गडकरी के बयान में यह भी सुनाई देता है कि उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि अमेरिका के मानक लाओ, ऊपर की हेडिंग हटाओ और उसे अपने हिसाब से लागू कर दो. इस वीडियो के सामने आने के बाद एथेनॉल पॉलिसी बनाने की प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं.
स्टैंडर्ड तैयार करने में भारत को लगते हैं कई साल
वीडियो में गडकरी कहते हैं कि भारतीय विभागों से स्टैंडर्ड तैयार करने को कहा जाए तो वे इसमें तीन से चार साल लगा देते हैं. एथेनॉल के मानक तैयार करने के मामले में भी उन्हें इसी तरह की देरी का सामना करना पड़ा, जिससे वह परेशान हो गए थे. उनके बयान के मुताबिक, उनका तर्क था कि अगर अमेरिका और यूरोप में पहले से ऐसे मानक मौजूद हैं तो उन्हें देखकर भारत में भी काम आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने विभाग से लंबी प्रक्रिया में समय लगाने के बजाय मौजूदा विदेशी मानकों का इस्तेमाल करने की बात कही.
‘अमेरिका से लाओ और ठप्पा मारो’
गडकरी के बयान का सबसे ज्यादा चर्चा में आया हिस्सा वह है, जिसमें वह विदेशी मानकों को सीधे इस्तेमाल करने की बात करते हैं. वायरल वीडियो में उनके हवाले से कहा गया कि अमेरिका के मानक लाओ, ऊपर की हेडिंग हटाओ, नीचे अपना नाम लगाओ और उसे लागू कर दो. यह बात अब सोशल मीडिया पर सवाल खड़े कर रही है. अगर किसी देश के मानकों को बिना डिटेल स्टडी या स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से जांचे अपनाया जाए, तो क्या यह सही तरीका है? यही सवाल इस वीडियो के बाद चर्चा में है.
‘मैं पांच साल के लिए मंत्री हूं’
मंत्री ने वीडियो में यह भी कहा कि अधिकारियों की लंबे स्टडी प्रोसेस से परेशान थे. उनका कहना था कि अगर मानक तय करने में ही पांच साल निकल जाएंगे तो काम कब पूरा होगा. इसी वजह से उन्होंने दूसरे देशों के तैयार स्टैंडर्ड से कॉपी पेस्ट कर लिया.
‘सेफ्टी से समझौता नहीं होना चाहिए’
वीडियो के आखिर में गडकरी ने कहा कि एथेनॉल, इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जैसी तकनीकों के लिए मानक तैयार किए जा चुके हैं. साथ ही वह सुरक्षा को सबसे जरूरी बताते हुए कहते हैं कि सेफ्टी के साथ समझौता नहीं होना चाहिए.




