निर्मला सीतारमण पर मानहानि केस को कोर्ट ने कहा-'Floccinaucinihilipilification' आखिर क्या है इस शब्द का मतलब?
दिल्ली की अदालत ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत को खारिज कर दिया. कोर्ट ने 'Floccinaucinihilipilification' शब्द का इस्तेमाल करते हुए इसे पूरी तरह बेकार और निरर्थक करार दिया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के खिलाफ दायर की गई आपराधिक मानहानि की शिकायत को पूरी तरह खारिज कर दिया है. यह शिकायत आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने दायर की थी. खास बात यह रही कि अदालत ने इस फैसले में एक बहुत लंबा और मुश्किल अंग्रेजी शब्द इस्तेमाल किया – Floccinaucinihilipilification.
Floccinaucinihilipilification का मतलब क्या है?
यह शब्द जिसे आसानी से पढ़ा जा सकता है: 'फ्लोसिनौसिनिहिलिपिलिफिकेशन' का अर्थ है- 'कुछ भी नहीं', 'बिल्कुल बेकार' या 'जिसकी कोई कीमत या महत्व न हो'. अदालत ने कहा कि लिपिका मित्रा की यह पूरी शिकायत ठीक उसी शब्द की परिभाषा है यानी एक बेकार, निरर्थक और बिना किसी आधार की बात को बहुत ज्यादा लंबा खींचकर अदालत तक ले आना. कोर्ट ने साफ कहा कि यह शिकायत 'floccinaucinihilipilification' के अलावा और कुछ नहीं है.
कोर्ट ने शिकायत क्यों खारिज की?
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'मामले में आगे कोई कार्यवाही करने का कोई आधार नहीं दिखता. इसलिए अदालत संज्ञान लेने से इनकार करती है और पूरी शिकायत खारिज कर दी जाती है. कोर्ट ने अपने फैसले में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- चुनावी माहौल में दिए गए राजनीतिक बयान को हर हाल में अपराध (मानहानि) नहीं माना जा सकता
- जब एक राजनीतिक नेता अपने विरोधी उम्मीदवार के खिलाफ कुछ संभावित तथ्य या स्थितियां पेश करता है, तो उसे सीधे मानहानि नहीं कहा जा सकता
- प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा स्वर और संदर्भ पूरी तरह राजनीतिक था. उसमें शिकायतकर्ता की व्यक्तिगत छवि पर कोई सीधा हमला नहीं किया गया था
- प्रेसकांफ्रेंस के ट्रांसक्रिप्ट और पूरे रिकॉर्ड को ध्यान से देखने के बाद अदालत को लगा कि बयान मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) और INDIA गठबंधन पर राजनीतिक हमला था
- उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिपिका मित्रा का नाम तक नहीं लिया गया था और उनके खिलाफ कोई अलग या स्वतंत्र आरोप भी नहीं लगाया गया था
अदालत ने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मकसद सिर्फ यह बताना था कि AAP और INDIA गठबंधन उन लोगों से जुड़े हुए हैं जिन पर महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप लगे हैं. इसमें कोई नई बात नहीं कही गई, जो लिपिका मित्रा पहले से ही सार्वजनिक रूप से कह चुकी थीं.
शिकायत में क्या आरोप लगाया गया था?
लिपिका मित्रा ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि 17 मई 2024 को निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमनाथ भारती की छवि और प्रतिष्ठा को जानबूझकर खराब करने के इरादे से झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयान दिए थे. उनका कहना था कि इसका मकसद आम चुनावों में सोमनाथ भारती की जीत की संभावनाओं को कमजोर करना था. लेकिन कोर्ट ने इन आरोपों को आधारहीन पाया और शिकायत को 'मूल्यहीन' (बेकार) करार दिया. अदालत का स्पष्ट मत था कि मामले में प्रथम दृष्टया (पहली नजर में) भी कोई अपराध नहीं बनता है।




