कौन हैं Namita Thapar? जो नमाज के हेल्थ बेनिफिट बताकर निशाने पर आ गईं, अब ट्रोलर्स को दिया जबरदस्त जवाब
शार्क टैंक इंडिया की जज नमिता थापर ने एक वायरल रील में ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा कि चुप रहना सही नहीं है. उन्होंने महिलाओं के सम्मान, धर्म और कर्म के सिद्धांत पर जोर देते हुए लोगों से आवाज उठाने की अपील की.
शार्क टैंक इंडिया की जज और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नमिता थापर (Namita Thapar) ने सुबह 6:30 बजे मुंबई के लिए निकलते हुए कार में रुककर एक रील बनाई. इसमें उन्होंने कहा कि चुप रहना कोई अच्छी बात नहीं है. जब कोई अपमान करता है या काम की जगह पर इंसानी अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो बोलना चाहिए. नमिता ने बताया कि पिछले 5 साल से शार्क टैंक के बाद उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे इससे परेशान नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'मेरा मकसद है कि देश के सभी गर्वित भारतीय लोग गलत चीज देखकर आवाज उठाएं इंसानियत के लिए और देशभक्ति के लिए.
रील में उन्होंने आगे कहा कि कैसे उन्हें ट्रोलर्स गन्दी गाली देते है जिसका शब्द 'र' से शुरू होता है. लेकिन उन्हें अब फर्क नहीं पड़ता और बताया कि 'R' का मतलब रिलीजन (धर्म) से रिस्पेक्ट (सम्मान) होना चाहिए, खासकर महिलाओं का. उन्होंने आरक्षण को सबसे आखिरी ऑप्शन बताया और कहा कि दूसरी महिलाओं का अपमान करने वाली महिला बनने की बजाय खुद के लिए आवाज उठानी चाहिए.
ट्रोलर्स को करारा जवाब
नमिता ने अपने ट्रोलर्स से कहा, 'आप अपना काम जारी रखें, लेकिन याद रखें. हिंदू धर्म में कर्म का सिद्धांत है और भगवान सब देख रहे हैं.' उन्होंने खुद को गर्वित हिंदू बताया और कहा कि धर्म का मतलब सम्मान है, खासकर महिलाओं के लिए. अंत में उन्होंने अपील की कि उनकी इस रील को भी वायरल करें, जैसी उनकी नेगेटिव रील्स वायरल हुई थीं. रील खत्म करते हुए उन्होंने 'जय हिंद' कहा और काम पर जाने की बात की. यह रील सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है और चर्चा का विषय बनी हुई है.
नमिता ने अपने बयान में क्या कहा?
नमिता थापर अपने बयान में उस कारण का जिक्र किया है कि आखिर वह ट्रोलर्स के निशाने पर क्यों है. वह कहती है, 'नमस्ते, मेरी प्यारी मां ने मुझे फ़ोन करके बताया कि मैं एक रियल पर्सन हूं. इसलिए कि मैंने नमाज के हेल्थ बेनिफिट पर एक रील बनाई थी? मैं एक हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल हूं. आप में से कई लोग जानते हैं कि हिंदू धर्म असली है. उसके स्वास्थ्य फ़ायदे भी असली हैं. योग भी असलियत का एक ख़ास तरीका है तो आप इसके बारे में क्या सोचते हैं? 'R' फॉर रिलीजन (धर्म) का मतलब है 'र' फॉर रिस्पेक्ट और इसी तरह सम्मान करना चाहिए, खासकर महिलाओं का. आरक्षण तो सबसे आखिरी चीज़ है जो आपको करनी चाहिए. आपको ऐसी महिला बनना होगा जो दूसरी महिलाओं का अपमान करती हो. चुप्पी सबसे अच्छी चीज़ नहीं है. यह बात मैंने बहुत पहले सीख ली थी. आपको अपने लिए आवाज़ उठानी होगी. इसलिए दोस्तों, मेरे सभी ट्रोलर्स के लिए कृपया अपना काम जारी रखें. लेकिन याद रखें कि हिंदू धर्म में एक सिद्धांत है जिसे कर्म कहते हैं और मुझे हिंदू होने पर गर्व है. अपनी मर्ज़ी से अपना काम जारी रखें, क्योंकि भगवान सब देख रहे हैं और उन सभी प्राउड, एजुकेटेड हिंदुओं के लिए जो मानते हैं कि धर्म का मतलब सम्मान है खासकर महिलाओं के लिए। मेरी नेगेटिव रील्स तो बहुत वायरल हो गईं. अब इस वाली रील को भी वायरल कर दीजिए। धन्यवाद.
कौन हैं नमिता थापर?
नमिता थापर एक फेमस इंडियन इंटरप्रेन्योर बिजनेस एग्जीक्यूटिव और एंजेल इन्वेस्टर हैं. वह इस समय एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स (Emcure Pharmaceuticals) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम कर रही है. वे शार्क टैंक इंडिया के सभी सीज़न में जज (शार्क) रही हैं और अब तक 100 से ज़्यादा स्टार्टअप्स में निवेश कर चुकी हैं. उन्होंने Thapar Entrepreneur Academy (या Incredible Ventures) शुरू की, जिसमें 11-18 साल के बच्चों को इंटरप्रेन्योरशिप सिखाई जाती है. वे महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं. सोशल मीडिया पर वे अक्सर मोटिवेशनल बातें, बिजनेस सलाह और कभी-कभी विवादास्पद मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती हैं.




