EXCLUSIVE: अगर PM नहीं बने नेतन्याहू, तो क्या जेल जाना है तय... रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल ने बताई अमेरिका-इजरायल की सच्चाई
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल ने मिलकर जंग छेड़ी, लेकिन अभी तक पूरी तरह से वे इस जंग को जीत नहीं पाए. वहीं अब रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जसिंदर सिंह सोढ़ी जंग को लेकर अमेरिका-इजरायल की सच्चाई बताई है.
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जंग-ए-मैदान के मास्टरमाइंड समझने जाने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संग-संग बड़बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी जेल जाने के रास्ते बना दिए हैं. ये दोनो ही बेकाबू राजनेता अपने सामने किसी को कुछ भी समझने को राजी नहीं है. फिर चाहे इनका अपना ही देश और उसकी जनता ही क्यों न हो. इन दोनो का मकसद सिर्फ और सिर्फ अपना उल्लू सीधा करना भर रह गया है. इसीलिए अब जब दोनो ही महाघाघ नेता अपने अपने देश में इलेक्शन के फेर में फंसे हैं तो उन्हें अपना भविष्य अंधकार में दिखाई पड़ने लगा है. जो लोग यह समझते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल या उसके प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जबरिया ही ईरान के साथ खूनी जंग में भिड़ा दिया था. वे लोग गलत हैं.
अंदरखाने का और सिद्ध होता हुआ दिखाई दे रहा डरावना कहिए या फिर चौंकाने वाला सच यह है कि बड़बोले और लंबी-लंबी हांकने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति और अमेरिका को इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी बेजा जिद के चलते जबरिया ही ले जाकर ईरान के साथ युद्ध में भिड़ा दिया था. इससे न केवल दुनिया भर में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की किरकिरी हुई अपितु अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक-कूटनीतिक रिश्तों के पायदान पर तथा सहित सामरिक, सैन्य सुरक्षा और विदेश-नीति के लिहाज अमेरिका को भी बेंजामिन ने चौतरफा बुरी तरह घिरवा डाला है. कोई बड़ी बात नहीं है कि इसी महीने (नवंबर 2026) अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों में इसका खामियाजा भी अमेरिकी जनता और वहां के धुर-विरोधी राजनीतिक दल डोनाल्ड ट्रंप को भुगतवा डालें.’
अमेरिका को लेकर क्या बोले जे एस सोढ़ी?
अंतरराष्ट्रीय सैन्य-सुरक्षा, सामरिक, विदेश नीति कूटनीति से जुड़े विषयों पर यह तमाम बेबाक और अनकही मगर बेहद अंदर की बातें बयान की हैं, भारतीय थलसेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जसिंदर सिंह सोढ़ी (ले.कर्नल जे एस सोढ़ी) ने. लेफ्टिनेंट कर्नल जे एस सोढ़ी ‘स्टेट मिरर हिंदी’ के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान से नई दिल्ली में ‘एक्सक्लूसिव’ बात कर रहे थे. लेफ्टिनेंट कर्नल सोढ़ी ने एक सवाल के जवाब में कहा, “दरअसल ट्रंप हमेशा दुनिया के हर देश को (सिवाय अपने गुर्गों-गैंग में शामिल देशों को छोड़कर) अपनी दादागिरी के जरिये डरा-धमका कर धरती पर अमेरिका का एकछत्र चौतरफा चौधराहट के लिए हमेशा लार टपकाए रहते हैं. ट्रंप ही क्यों अमेरिका के हर राष्ट्रपति की यही मंशा रहती है कि जो भी देश उसके साथ मिलकर हां में हां न करे उसकी साख और ताकत को मिट्टी में मिला दो. जो देश मतलबपरस्त अमेरिका से का उसके कुकर्मों में साथ न दें, उन्हें जंग में जबरिया ही भिड़ा दो. ट्रंप और अमेरिका अपने दोस्त के भी दुश्मन हैं अगर यह कहूं तो गलत नहीं है.”
क्या जेल जाएंगे नेतन्याहू?
‘स्टेट मिरर हिंदी’ के एक सवाल के जवाब में भारतीय थलसेना के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल जसिंदर सिंह सोढ़ी ने आगे कहा, “मेरे पास जो अंतरराष्ट्रीय सैन्य व रक्षा से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों से खबरें आ रही हैं उनके मुताबिक तो अगर, इजराइल में इस बार बेंजामिन नेतन्याहू प्रधानमंत्री न बन सके तो उनका वहां की सबसे बड़ी और सुरक्षित जेल में कैद किया जाना तय है. क्योंकि न केवल इजराइल के लोग अपितु इजराइली खुफिया एजेंसी और वहां की फौजों के उच्चाधिकारी भी अंदर ही अंदर नेतन्याहू से देश का पिंड छुड़ाने की मन्नतें मांग रहे हैं.
पीएम बने रहने के लिए क्या-क्या करेंगे नेतन्याहू?
इसकी वजह बताते हुए भारतीय थलसेना के पूर्व अधिकारी ने कहा “क्योंकि बेंजामिन नेतन्याहू जब तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बने रहेंगे, इजराइली कानून के मुताबिक वे कभी भी देश के कानून के शिकंजे में नहीं फंस सकेंगे. इसी वजह से नेतन्याहू साम-दाम-दंड-भेद हर कीमत पर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर खुद को आइंदा भी जमाए रखने के लिए किसी भी हद से नीचे गिरने पर तुले हैं. उनकी इसी जिद का नतीजा था बीते महीनों जबरिया ही ईरान के साथ इजराइल को जंग में झोंक देना. साथ में अमेरिका को भी ईरान से उस बे-सिर-पैर की लड़ाई में भिड़ा देना.”




