लड़की हूं लड़ सकती हूं... सीधे पल्लू की साड़ी, पैरों में जूते और सरकार के खिलाफ सड़क पर प्रियंका गांधी, क्या दे रहीं मैसेज
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी प्रदर्शन के साथ-साथ अपने साड़ी लुक को लेकर भी चर्चा में आ गई हैं. INDIA ब्लॉक के मार्च में वह हैंडलूम कॉटन साड़ी और स्पोर्ट्स शूज पहने नजर आईं. खास बात यह रही कि उनके साथ महुआ मोइत्रा और सुप्रिया सुले भी साड़ी में दिखीं. साड़ी पहनक प्रदर्शन में शामिल होना प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' नारे को बुलंद करता है.
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. INDIA गठबंधन के कई सांसदों ने आज यानी 6 अक्तूबर को दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च निकाला. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के 150 से ज्यादा सांसदों ने इसमें हिस्सा लिया. इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी समेत कई महिला सांसद साड़ी पहनकर शामिल हुईं. आमतौर पर देखा जाता है कि प्रदर्शन के दौरान महिलाएं वो कपड़े पहनती हैं जिसमें वो ज्यादा कंफर्ट महसूस करें जैसे सूट सलवार, जींस कुर्ता इत्यादि लेकिन इन सबसे अलग प्रियंका समेत बाकी सांसदों ने साड़ी को चुना.
प्रियंका का साड़ी पहनना इसलिए भी अलग रहा, क्योंकि उन्होंने सीधा पल्लू कर रखा था. लोगों ने उनके लुक की तुलना इंदिरा गांधी से करना शुरू कर दिया. वो साड़ी पहनकर बैरिकेड पर भी चढ़ती नजर आईं. उन्होंने जो साड़ी पहनी वो हैंडलुम कॉटन की साड़ी है जो हाथ से बुनकर बनाई गई है. प्रियंका का यह पहनावा सीधे तौर पर यह संदेश देता है कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं, वह किसी भी परिस्थिति का सामना करना जानती हैं और उसे अपने मायने भी पता है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पीले रंग की सूती साड़ी पहनी हुई थी. वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले ने पी कॉटन की हरी बूटी वाली साड़ी रहनी हुई थी.
दादी इंदिरा से तुलना
प्रियंका का पहनावा उनके द्वारा दिए गए उस प्रसिद्ध महिला सशक्तिकरण अभियान और राजनीतिक नारा को सिद्ध करता है जिसमें उन्होंने कहा था कि 'लड़की हूं लड़ सकती हूं.' ऐसा पहली बार नहीं है कि प्रियंका पहली बार साड़ी में देखी गई हों वह संसद में अक्सर साड़ी पहनकर आती हैं और चुनावी कैंपेन के दौरान भी उन्हें साड़ी में देखा गया है. प्रियंका को उनकी दादी इंदिरा गांधी से भी कंपेयर किया जाता है कि वो उनके जैसा हेयर स्टाइल रखती हैं और उनके जैसा ही साड़ी पहनना प्रेफर करती हैं. इंदिरा गांधी को भी अक्सर भारतीय वेशभूषा में ज्यादा देखा जाता था. वह वेस्टर्न कपड़े बहुत कम पहनती थी.
सीधे पल्लू की साड़ी पहनकर दिया क्या संदेश?
इस प्रदर्शन में खास बात ये भी रही कि पहले प्रियंका ने उल्टा पल्लू लिया हुआ था लेकिन बाद में यह पल्ला सीधा हो जाता है, जो शायद भारतीय परंपरा से जुड़ी उन महिलाओं की ओर इशारा करता है जो सदियों से साड़ी पहनने की परंपरा को लेकर आगे चल रही हैं. जो शहरी कल्चर से कोसों दूर है, जिनके दिन की शुरुआत आज भी घर के आंगन में दिया जलाने से होती है और परिवार की देखरेख करना ही उनकी प्राथमिकता होता है. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि प्रियंका साड़ी में बैरिकेड तोड़कर ऊपर जा रही है, उन्होंने साड़ी को इतने अच्छे से संभाला हुआ है कि वह उनके रास्ते में बाधा नहीं बन रही.
फुटवियर में नीले जूतों को चुना
प्रियंका की साड़ी के बाद अगर हम उनके फुटवियर की बात करें तो उन्होंने नीले रंग के स्पोर्ट शूज पहना हुए थे जो कंफर्ट के साथ-साथ उन्हें क्लासी लुक दे रहे थे. लड़ू हूं लड़ सकती हूं नारे की शुरुआत साल 2021 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं में राजनीतिक दावेदारी और आत्मविश्वास जगाने के लिए की गई थी. इसका मकसद महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद खड़े होने और नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करना था. इस अभियान के तहत लड़की हूं लड़ सकती हूं यूट्यूब प्लेलिस्ट पर एक लोकप्रिय थीम गीत भी जारी किया गया था, जिसे सोशल मीडिया पर काफी सराहा गया.




