कोलकाता के बाद हैदराबाद में डांडिया कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा, गिरा लाइटिंग आर्च, छात्रा की मौत, कई घायल- देखिए VIDEO
हैदराबाद के MVSR इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग आर्च गिरने से छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए.
Dandiya Event Accident: तेलंगाना के हैदराबाद में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में डंडिया कार्यक्रम के दौरान हुए हादसे ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया. शनिवार को MVSR इंजीनियरिंग कॉलेज में लाइटों से सजा एक बड़ा आर्च अचानक गिर गया. इसकी चपेट में आने से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य लोग घायल हो गए.
पुलिस के मुताबिक, तेज हवा के कारण आर्च गिरा था. हादसे में सोना की बहन मीना नारायण दास भी घायल हुई हैं. घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने छात्रा की मौत पर दुख जताते हुए अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
कहां और कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा 17 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के नादरगुल स्थित MVSR इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित डंडिया कार्यक्रम के दौरान हुआ. कॉलेज में लाइटिंग के लिए एक बड़ा धातु का ढांचा यानी आर्च लगाया गया था. कार्यक्रम के दौरान तेज हवा चली और लाइटों से सजा यह ढांचा अचानक नीचे गिर गया.
उस वक्त वहां छात्र-छात्राएं मौजूद थे. ढांचा गिरने से कई लोग उसकी चपेट में आ गए और मौके पर अफरातफरी मच गई. हादसे में घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, तेज हवा आर्च गिरने की वजह बनी. हालांकि, हादसे के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं, इसका फैसला जांच के बाद ही हो सकेगा.
कौन थी सोना नारायण दास?
हादसे में जान गंवाने वाली सोना नारायण दास MVSR इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) की प्रथम वर्ष की छात्रा थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह मूल रूप से तेलंगाना के वनपर्थी जिले की रहने वाली थीं. डंडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग का ढांचा गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. एक कॉलेज कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची छात्रा की मौत से उसके परिवार और कॉलेज से जुड़े लोगों के बीच शोक का माहौल है.
हादसे में सोना की बहन भी घायल
इस दुर्घटना में सोना की बहन मीना नारायण दास भी घायल हुई हैं. उन्हें नादरगुल के पास स्थित प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया. शुरुआती रिपोर्टों में उनकी हालत गंभीर बताई गई थी. पुलिस की बाद की जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल 14 अन्य लोगों की हालत खतरे से बाहर थी. हालांकि, अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या 12 से 15 तक बताई गई है. इसलिए घायलों की अंतिम संख्या और सभी की स्वास्थ्य स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अपडेट से करना जरूरी है.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने क्या निर्देश दिए?
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे में छात्रा की मौत पर दुख जताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, घायलों के इलाज और घटना की जिम्मेदारी तय करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.
क्या कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही सामने आई?
हादसे के बाद कॉलेज में कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. खास तौर पर यह जानना जरूरी होगा कि लाइटिंग का भारी ढांचा किस तरह लगाया गया था, उसे हवा के दबाव को ध्यान में रखकर सुरक्षित किया गया था या नहीं और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे. हालांकि, फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि कॉलेज प्रबंधन या आयोजन से जुड़े किसी व्यक्ति की लापरवाही के कारण हादसा हुआ. पुलिस मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदारी तय होने के लिए जांच के नतीजों का इंतजार करना होगा.
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई? रिपोर्टों में अंतर
इस घटना को लेकर प्रकाशित खबरों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर दिखाई दिया है. PTI की रिपोर्ट पर आधारित खबरों में एक छात्रा की मौत और 14 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है. वहीं, Telangana Today की एक अन्य रिपोर्ट में BRS नेता के.टी. रामा राव की संवेदना का हवाला देते हुए दो छात्रों की मौत का जिक्र किया गया है.
फिलहाल, उपलब्ध पुलिस-आधारित रिपोर्टों में सोना नारायण दास की मौत की पुष्टि है. दूसरी मौत के दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है. इसलिए खबर में मृतकों की संख्या बढ़ाकर लिखने से पहले पुलिस या प्रशासन का ताजा बयान लेना जरूरी होगा. डंडिया जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आमतौर पर उत्सव और मेल-मिलाप का अवसर होते हैं, लेकिन इस हादसे ने आयोजन स्थलों पर अस्थायी ढांचों, लाइटिंग और भीड़ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आर्च क्यों गिरा और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे.




